00:00जगनात रत्यात्रा दोहजार पच्चिस में 27 जून से शुरू हो रही है और ये 10 दिनों तक चलेगी ये यात्रा ना केवल धार्मिक दिश्ची से अत्यंत महतपूर्ण है बलकि इसकी भविता और आस्था का विस्तार देश विदेश तक फैला हुआ है
00:15रत्यात्रा के दोरान भगवान जगनात अपने भाई बलभद्र और बेहन सुभद्रा के साथ रत में सवार होकर श्री मंदिर से गुडीचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं गुडीचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर माना जाता है दस्वे दिन वाफसी के साथ रत्यात
00:45मंदिर में एक साथ प्रवेश नहीं करना चाहिए
00:49चलिए बताते हैं आखिर इसके पीछे की कहानी क्या है
00:51कहते हैं एक बार राधारानी भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए
00:55पूरी इस्थित जगनात मंदिर पहुची
00:57जैसे उन्होंने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की
01:00वहां के पुजारी ने उन्हें रोक दिया
01:03जब राधारानी ने इसका कारण पूचा
01:05तो पुजारी ने कहा कि वो श्री कृष्ण के प्रेमी का है
01:08पतनी नहीं
01:09मंदिर में केवल पत्नियों को या वैद विवाह संबंद्र से जुड़ी महिलाओं की ही प्रवेश की अनुमती है।
01:16राधारानी ये सुनकर बेहद आहत हुई और उन्होंने मंदिर को श्राब दे दिया।
01:22श्राब के अनुसा अब कोई भी अविवाहित प्रेमी जोड़ा अगर मंदिर में एक साथ दर्शन करेगा तो उनका प्रेम कभी सफल नहीं होगा।
01:30उन्हें जीवन में एक दूसरे का साथ नहीं मिल पाएगा।
01:33यही कारण है कि आज भी पूरी के स्थानिये लोग और दूर दराज के आने वाले श्रद्धालो इस परमपरा का पालन करते हैं।
01:41मंदिर में अविवाहित प्रेमी जोड़े साथ में दर्शन नहीं करते।
01:45क्योंकि यह माना जाता है कि ऐसा करने से उनके रिष्टे में दरारा जाती है।
01:49यह विवाह में बाधाय आ सकती है।
01:51उमीद करते हों आपको जानकारी पसंदाई होगी।
01:53फिल हाल अमारी इस वीडियो में इतने ही वीडियो को लाइक, शेर एंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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