00:00सर्वमंगल मंगलले, शिवेश सरवार्थ शादिके, शरन्ने, त्रियंब के गवरी, नारायनी, नमोस्तुते, प्यार मित्रों जैशियरम, जैमातादी मित्रों
00:08आज आपसे चर्चा करते हैं, जून के महिने में जेश्ठ पूरिमा कब मनाई जाएगी, और पूया विधी क्या होगी, और किस तरह से हमको करना है, चंद्रदर्सन उसका शमय क्या होगा, तो इसी विसेपे आपसे करते हैं चर्चा, पंचांगे की अगर हम बात करते हैं, तो
00:38बाहर में एक बच करके तेरा मिनट पर होगा, ऐसे में जेश्ट मास की जो पूरिमा है, यह 11 जून 2025 को मनाई जाएगी, मित्रों आपसे चर्चा करें, बैदिक सनातन धर्म के अनुशार, पूरिमा तिथी को चंद्रद्यो की पूजा के लिए सबसे सुब माना जाता है, क्य
01:08यदि पूरिमा पर चंद्रद्योता को वर्ग दिया जाए, तो शाधक की मानसिक शान्ती की प्राप्ती होती है, जो शाधना करने वाली शाधक है, इनको मानसिक शान्ती की प्राप्ती होती, क्योंकि सीतलता व्याप्त होती है पूरिमा के चंद्रमा में, इसके अलावा, प
01:38पूर्णिमा के पावन पर्व को ब्रत को मनाया जाता है तो जोष्टिक पूर्णिमा दो हजार पच्चीस की अगर हम चर्चा करते हैं तो 10 जून को सुबय प्रारम हो रही है और 11 जून को इसका पावन पर्व मनाया जाएगा
01:54और मित्रों इसके साथ में हम आप से चर्चा करें चंद्रोदय का दर्शन कब होगा तो 7 बच करके 40 मिनट पर चंद्रोदय का दर्शन होगा वही इश्टनान दान पूर्णि का भी बहुत महत तो बताया गया है
02:08आज के दिन किसी नदी ताला आप शरोवर के पास में जाकर के इश्टनान करना चाहिए और वहाँ पर रहने वाले ब्राम्वनों को दान दक्षना दे करके उनको शंतुष्ट करना चाहिए
02:19मा गंगा का पूजन या जिस नदी के पास आप श्टनान करने जा रहे हैं वहाँ पर आपको पूजन इत्यादी करना चाहिए
02:25पूरिमा तिथी का मतलब यही है कि समस्त प्रकार से आनंद की प्राप्ति हो गंगा इश्पनान हो यमुना इश्पनान हो नर्वदा इश्पनान हो या जो भी पवित्र नदियां उसमें इश्पनान करने के बाद में और भगवान शत्यनारायन का पूजन करने का भी बड़ा
02:55आरायन का अबरत और पूजन करते हैं मित्रों हमने आपको संशेप में ये जानकारी प्रदान किये कि पूरिमाति थी कब मनाई जाएगी
03:03दस तारिक को या ग्यारा तारिक को दस जून या ग्यारा जून को अधिक जानकारी चाहते तो आप शंपर कर सकते मैं पुना मिलता हूँ नए वीडियो में तब तक के लिए दीजे इजाज़ जैमाता दी जैमा गंगे
Comments