00:00नमो देब्बेई महादेब्बेई सिवाई शत्तन नमा नमा प्रकति भद्राये नियताम प्रणतराश्मतामो प्यारे मित्रों जैश्याराम जैमातादी मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं
00:09जेश्ट मास के शुक लपक्ष की अश्टमी तिथी जिसको धुमावती माता के नाम से जाना जाता है आज की अश्टमी तिथी को यह अश्टमी तिथी दो जून को प्रारम हो रही है रात्री आठ बच करके 34 मिनट से और अश्टमी तिथी भी दिमान रहेगी तीन तारिक को �
00:39ये जिस्ट माद्ध के शुकलपक्षं की अस्टमी तिथी को किया जाता है और दस महा विध्याउं में माताका
00:48सब्त्म शुरू परथा सातौं महा विध्या के रूप में मां को जाना जाता हैं औरम का
00:54जो भी भक्त पूजन करते हैं उनके जीवन में घंगोर दरिद्रता भी यदि है तो वे घंगोर दरिद्रता भी शुक्षम पड़ा में प्रणित हो जाती है बदल जाती है या किसी प्रकार के कोई दुष कर भयांक रोग लगे हुए हैं तो माका पूजन करने से उन रोगों म
01:24करती हैं अता केतू जनित जो बाधाएं होती है वो यह भी दूर होती है और मा का पूजन करने से समस्त प्रकार के जो किया कराया टोना टोट का इत्यादी होता यह भी दूर होता है
01:41मा का पावन क्रपा आपके उपर बनी रहे और मा का पावन पूजन आप लोग करिएगा
01:48मा के पावन पूजन के साथ में गरीब और असहाय लोगों को आज के दिन आप भोजन अवश्य कराईएगा
01:56मा की पावन क्रपा आपके उपर हो
01:59किसी भी तरह की कोई पूजा पाटे गे नुष्ठान से रिलेटिव जानकारी चाहते हैं
02:03तो शंपर करिए
02:04मैं पुना मिलता हूँ नए वीडियो में
02:06तब तक के लिए दीजे इजाज़त
02:08जैमातादी जैमागंगे
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