00:00माता अनपूर्णा को अन और समरधी की देवी माना गया है
00:08वो साक्षाथ देवी पार्वती का ही एक स्वरूप है
00:11उन्होंने प्रत्वी पर अन के संकट को दूर करने के लिए ये अवतार लिया था
00:15अन्नपूर्णा जैन्ती हर साल मार गशीर्ष महीने की पूर्णी मा तिति को लेकर लोगों के मन में बड़ा ही कंफ्यूजन है
00:26कि आखर 4 दिसंबर ये 5 दिसंबर किस दिन अन्नपूर्णा जैन्ती मनाई जाएगी
00:32तो आपको बता दें कि द्रग पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष महिने की पूर्णी माती थी, 4 दिसंबर को सुबा 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी, वहीं इस्तिथी का समापन 5 दिसंबर को सुबा 4 बजकर 43 मिनट पर होगा, पंचांग को देखते हुए अनपूर्णा
01:02अस्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिचा कर माता अनपूर्णा की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें, इस दिन चूले से लबटी और घर में रखे अन की विधिवत पूजा करें, उन्हें हल्दी कुम को मक्षत और फूल अर्पित करें, इस दिन अन
01:32में अर्पित करें, साधी ओम, रीम, श्रीम, अनपूर्णाय, नमह, मंत्र का जाप भी करना शुब फलदाई माना गया है, फिलहाल अस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेर करें, साधी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
02:02करेंगर इस वीडियो करें
02:05लूदे भाल
02:35बड़ बड़ दो को जो बुंग सकता है
03:05कर दो कर दो दो फंगर क्या हुआ वर बाल्व है
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