00:00חושحال سے تم بھی لگتے ہو شوں افسورتہ تو ہم بھی نہیں
00:07پر جاننے والے جانتے ہیں خوش ہم بھی نہیں خوش تم بھی نہیں
00:14تم اپنی خدیق کے پہرے میں اور دام غرور میں جگڑے ہوئے
00:22ہم اپنے زوم کے نرغے میں اناہات ہمارے پکڑے ہوئے
00:27एक मुदर्च से तुम रब्तु गुरेस के धारे, हम अपने आप से उल्चे हुए, पश्तावे के अंगारों में
00:38महसूर तलात्म आज भी, को तुमने किनारे ढूंट लिये, तूफा से संबले हम भी नहीं, कहने को सहारे ढूंट लिये
00:49खामोर से तुम हम महरबल, जगबीद गए तकबात किये, सो खेल अधूरा चोड़ते हैं, बीना चाल चले, बीना मात किये
01:04जो भागते भागते ठक जाएं, वो सारे रुख भी सकते हैं, चलो तोड़ दो किसम एकरार करते हैं, हम दोनों चुख भी सकते हैं
01:19पर बागते हैं
01:25पुख
01:28हम दोनों खाएं
Comments