00:00प्रेग्निंसी में महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। इस दोरान कुछ महिलाओं की रोग प्रतिरोदक शमता यानि की इम्म्यूनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में उनको मौसम के बदलाव होने पर संक्रमन होने का खत्रा बढ़ जाता है। इस दोरान महिलाओं क
00:30कि डॉक्टर प्रेग्रिंसी में महिलाओं को खानपान पर विशेज ध्यान देने के लिए कहते हैं।
00:34टाइफाइड होने पर महिलाओं को कई दिनों तक बुखार की समस्या हो सकती है।
00:38यह बुखार आते जाते रहता है।
00:40जो महिला और उसके बच्चे के स्वास्त पर बुरा असर डाल सकता है।
00:44ऐसे में हम इस वीडियों बताएंगे कि प्रेग्नेंसी में टाइफाइड होने के क्या कारण है।
00:48टाइफाइड बुखार एक वैक्टिरियल इन्फेक्शन है।
00:51जो सैल में लेना टाइफी नामक बैक्टिरिया के संपर्क में आने से होता है।
00:55ये बैक्टिरिया दूशित पानी, आहार या अस्वच हाथों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है।
01:01गर्वती महिलाओं में ये संक्रमन गंभी रूप धारण कर सकता है।
01:05क्योंकि उनकी रोक प्रतिरोधक शम्ता अन्य लोगों की तुलना काफी कम होती है।
01:11वही टाइफाइट सामाने तहद दूशित जल और भोजन से फैरता है।
01:14डॉक्टर्स बताते हैं कि जिन जगों पर पानी का भराव होता है।
01:18और महिलाएं बारिशों के दिनों में पानी को उबाल कर या फिर फिल्टर पानी को नहीं पीती हैं।
01:24उनको सालमोनेला टाइफी बैक्टीरिया के संक्रमन का जोखिम बढ़ जाता है।
01:28इसके लावा दूशित आहार भी टाइफाइट की बड़ी वचा माना जाता है।
01:48महिला को खाना चाहिए।
01:49वही गरवस्ता में अगर पहले से ही महिला को दाइबिटीज, खून की कमी या संक्रमन हैं तो ऐसे में टाइफाइट होने का संभावना बढ़ जाती है।
01:59इसलिए उन्हें खासकर ध्यान रखना चाहिए।
02:01मैं चलिए आपको बताते हैं प्रेगननसी में टाइफाइट से बचाव के लिए क्या करें।
02:31करें।
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