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  • 9 months ago
Kunwari bahan se zina karne wala bhai Zoya aur Kabir || Bhai bahan Love Story

Bhai bahan ki love story.

Kabir aur Zoya yah donon sage Bhai bahan the jab inke man baap is duniya se chale jaate Hain Jawan Bhai bahan ghar mein akele hote the FIR ine donon mein aahista aahista pyar hone lag jata hai FIR Bhai bahan sochte Hain kyon Na ham donon ek dusre se shaadi kar le ek dusre ke sath khwahish Puri Karne ki sochne lag jaate Hain akele Bhai bahan ki kahani Hindi Urdu



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Transcript
00:00गाव के किनारे एक तूटा फूटा सा घर था जहाँ दो भाई बहन कबीर और जोया अकेले रहते थे
00:07उनके माबाफ सालों पहले एक हाथसे में गुजर चुके थे
00:10उनके पास न कोई रिष्टेदार था और न कोई सहारा
00:14तीन लोग थे कबीर जोया और उनकी छोटी बहन नेहा
00:17लेकिन एक दिन नेहा किसी अजनबी के साथ भाग गई
00:21इसने कबीर और जोया को अंदर से तोड़ दिया
00:24अब वे दोनों ही एक दूसरे का एक मात्र सहारा थे
00:27कबीर जंगल से लकडियाओं काट कर लाता और बाजार में बेचता
00:31जिससे जैसे तैसे गुजारा चलता
00:33जोया घर संभालती लेकिन गरीबी ने उनके सपनों को चखना चूर कर दिया था
00:39एक अंकहा एहसास समय बीटता गया
00:42अकेला पन गहराने लगा
00:44दोनों जवान हो चुके थे
00:46खूबसूरत भी थे
00:48मगर किस्मत ने उन्हें बस एक दूसरे तक सीमित कर दिया था
00:51कई बार जब कबीर ठका हारा घर लोटता
00:54जोया उसे बड़े पयार से पानी देती
00:56उसके बालों में हलके से हाथ फेरती
00:59यह स्पर्श एक बहन का था
01:01मगर कई बार कबीर के दिल में एक अजीब सा ख्याल जाग उठता
01:05रात के अंधेरे में
01:07जब दोनों अपने अपने बिस्तरों पर होती
01:09तब एक बेचैनी उन्हें घेर लीती
01:11कभी कबीर को लगता कि वह जोया को खोना नहीं चाहता
01:15और जोया को भी यही डर सताने लगा
01:18कि कबीर अगर किसी और की जिंदगी में चला गया
01:21तो वह फिर अकेली रह जाएगी
01:22यह ख्याल गलत था
01:24लेकिन वह इसे रोक नहीं पा रहे थे
01:27खुद से जंग एक राद जोया ने हलकी आवाज में कहा
01:30कबीर अगर हम हमेशा ऐसे ही रहे तो
01:34कबीर चौका
01:35मगर उसने खुद को संभाला
01:37उसने हलकी हंसी में बात को टाल दिया
01:40मगर उसका दिल तेजी से धड़क रहा था
01:42जोया भी जानती थी कि यह गलत था
01:45मगर कही न कही गरीबी और अकेले पन ने
01:47उनके दिमाग में अजीब से खयाल भर दिये थे
01:50अगली सुबह कबीर जल्दी उठ गया और जंगल की और निकल गया
01:54उसने फैसला कर लिया था
01:56उसे इस रिष्टे को बचाना था
01:58उसे और जोया कुछ सही रास्ते पर लाना था
02:01नई राह की तलाश कबीर रोज की तरह लकडियाओं लेकर बाजार गया
02:06लेकिन इस बार उसका सामना एक बड़े व्यापारी से हुआ
02:10उस आदमी ने कबीर से कहा
02:12अगर तुम शहर आ जाओ तो मैं तुम्हें अच्छे पैसे दूँगा
02:16मेहनत करने वालों की हमें जरूरत है
02:18कबीर समझ गया कि यही उसका मौका था
02:21उसने हां कर दी
02:23शाम को जब वह घर लोटा और जोया को यह खबर दी
02:26तो जोया की आँखों में आंसु आ गए
02:28तुम मुझे छोड़कर चले जाओगे
02:31कबीर ने उसे प्यार से समझाया
02:33जोया यह हमारे लिए जरूरी है
02:36हमें अलग होना ही होगा
02:38वरना यह अकेलापन हमें गलत रास्ते पर ले जाएगा
02:41अंतिम फैसला कबीर शहर चला गया
02:44वहां उसने कड़ी महनत की
02:46पैसे कमाये और जब समय आया
02:48कभीर जब दो साल बाद शहर से लोटा
02:50तो उसकी जिंदगी बहुत बदल चुकी थी
02:53अब वह गरीब लकणारे नहीं
02:56बलकि एक अच्छा खासा पैसा कमाने वाला आदमी बन चुका था
02:59उसने घर के लिए नए कपड़े, गहने
03:02और धेर सारे सामान खरीदे थे
03:04लेकिन जब वह गाम के पुराने रास्तों पर चला
03:08तो उसके दिल में फिर वही पुरानी बेचैनी लोट आई
03:11उसे अब भी जोया की आद सताती थी
03:13उसने खुद को कई बार समझाया था कि वह भाई बहन है
03:17लेकिन फिर भी उसके अंदर कहीं न कहीं एक अलग सा खयाल पल रहा था
03:22घर पहुचा तो जोया उसे देख कर बहुत खुश हुई
03:26वह दोड़ कर आई और उसके हाथ से थैला ले लिया
03:29कब आये तुम? मुझे बताया भी नहीं
03:33उसने प्यार से पूछा
03:34कबीर हलके से मुस्कुराया
03:36लेकिन अंदर ही अंदर घवराया हुआ था
03:38दिल की उलज़न रात को जब दोनों खाना खाकर
03:42अपने अपने कमरे में गए
03:44तो उनके दिलों में एक ही सवाल घूम रहा था
03:47क्या हम एक दूसरे से शादी कर सकते हैं?
03:50कबीर करवटे बदलता रहा
03:52वह सोचने लगा कि अगर वह जोया से पूछे और वह मान जाए
03:56तो क्या वे हमेशा साथ रह सकते हैं?
03:59लेकिन फिर गाम वालों का डर सताने लगा
04:01अगर किसी को पता चल गया तो
04:03लोग क्या कहेंगे?
04:06दूसरी और जोया भी यही सोच रही थी
04:08उसे भी अब शादी का डर लगने लगा था
04:11अगर कबीर किसी और से शादी कर लेगा
04:14तो वह कैसे जी पाएगी?
04:16फैसला और त्याग सुबह कबीर ने जोया को देखा
04:19वह रोज की तरह घर के काम में लगी होई थी
04:22लेकिन उसके चेहरे पर उदासी थी
04:24कबीर समझ गया कि अगर वह यहां और रहा
04:27तो वह अपने जजबातों पर काबू नहीं रख पाएगा
04:30उसने तैय किया कि उसे फिर से शहर जाना होगा
04:33मैं कुछ और पैसे कमाने के लिए फिर से शहर जा रहा हूँ
04:38जोया ने सिर जुका लिया
04:40मगर कुछ नहीं कहा
04:42शादी का फैसला इस बार कबीर ने शहर में एक बहुत बड़ा फैसला लिया
04:46उसने तैय कर लिया कि वह जोया की शादी जल्द से जल्द करवा देगा
04:51ताकि उसके मन से यह उल्जन हमेशा के लिए खत्म हो जाए
04:55जब वह गाव लोटा
04:57तो उसने सबसे पहले एक अच्छा रिष्टा ढूंढा
05:00और कुछ ही हफतों में जोया की शादी तैय कर दी
05:02लेकिन उसने यह भी तैय कर लिया
05:05कि वह भी उसी दिन शादी करेगा
05:07शादी के दिन जब जोया की डोली उठी
05:10तो कबीर की आँखें नम हो गई
05:12लेकिन उसे खुशी थी
05:14कि उसने खुद को एक गलत रास्ते पर जाने से रोक लिया
05:17उसने अपने जजबातों को कुर्बान कर दिया
05:20ताकि वह और जोया दोनों समाज में इजज़त से जी सके
05:23अब दोनों अपनी अपनी जिन्दगी में खुश थे
05:26कबीर और जोया ने भले ही एक परीक्षा दी थी
05:29लेकिन उन्होंने सही रास्ता चुना
05:31अंतिम संदेश
05:34रिष्टों की एहमियत
05:35एक मिनट की सीख रिष्टे मूम की तरह होते हैं
05:39अगर सही ताप मान पर रखे
05:40तो मजबूत रहते हैं
05:42लेकिन अगर हद से ज्यादा गर्मी दी जाए
05:45तो पिघल जाते हैं
05:46हमें हर रिष्टे की मर्यादा को समझना चाहिए
05:49और अपने जज़बातों को
05:51सही दिशा में रखना चाहिए
05:52भाई बहन का रिष्टा
05:54दुनिया के सबसे पाक रिष्टों में से एक है
05:56यह प्यार, इज़ट और भरूसे पर टिका होता है
05:59अगर कभी मन में गलत खयाल आए
06:02तो खुद को रोकना सीखे
06:04क्योंकि सच्ची महबबत वही होती है
06:06जो सही रास्ते पर चले
06:08रिष्टों की पवित्रता बनाए रखे
06:10क्योंकि एक बार जो इज़ट तूट जाती है
06:13उसे दोबारा जोड़ना मुश्किल होता है
06:15अगर आपको यह सीख पसंद आई
06:17तो इस चैनल को लाइक, सब्सक्राइब और शेर करे
06:20आपके एक शेर से किसी की जिन्दगी बदल सकती है
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