00:00Ali əsəh səh aq mehnaty əvâlaslahiyyat najowان thaw。
00:04Woi eq mitozeq tabqya ke gharanay se təalq rakhta thaw, jahha tailim ko sab kuch s'mjha jata thaw.
00:10Iské walid ək skool teacher thay,
00:12əunki mehnat nəni aliy ko bachpans se hi sikhanay ka shok día.
00:17Graduation kebaad ali ko anndazah hua ki nukri haasil karna asan nəhi hai.
00:21Kuyaj jagohon pər apply karne ke baوجud, koi tasaliy baxh jawaab na mila.
00:26एक दिन इसके एक दोस्त ने इसे हुकूमती स्कूल टीचिंग इंटरन्शिप प्रोग्राम उके बारे में बताया
00:32ये इंटरन्शिप नौजवान ग्रेजवेट्स के लिए है जो तद्रीस में दिल्चस्पी रखते हैं
00:39तुम्हे तजर्बा भी मिलेगा और सरकारी सर्टिफिकेट भी दोस्त ने जोश से कहा अली को ये मौका सुनहरी लगा और उसने फौरण अपलाई कर दिया
00:48कुछ दिनों बाद इसे एक सरकारी स्कूल में इंटरन्शिप के लिए मुन्तखब कर लिया गया
00:54इसका दिल खुशी और घबराहट से ढड़कने लगा क्या मैं अच्छा उस्ताद बंसिकोंगा वो खुद से सवाल कर रहा था
01:01पहले दिन अली सुबह जल्दी तयार हुआ और स्कूल पहुँच गया
01:06स्कूल का माहौल बहुत मختलिफ था
01:09कलास रूम्स में शोर, बच्चों की हनसी और असातिजा की हिदायात हर तरफ गूंज रही थी
01:16अली को एक प्राइमरी कलास दी गई जहां चोथी जमात के तल्बा इसका इंतिजार कर रहे थी
01:22जैसे ही वो कलास में दाखिल हुआ, सब बच्चे खामोश हो गए और तजस्स भरी नजरों से इसे देखने लगे
01:29असलाम अलेकुम, बच्चों, मेरा नाम अली है और मैं आज से आपका निया उस्ताद हूँ
01:35बच्चों ने एक साथ जवाब दिया, वा आलेकुम अस्सलाम, सर्क ये लमहा अली के लिए बहुत खास था, मगर वो नर्वस भी था
01:44पहले दिन इसने बच्चों से बात चीत की, उनके शौक मालूम किये और उन्हें आसान सवालाद दिये
01:51जब छटी हुई, तो अली ने सुकून का सांस लिया, ये काम आसान नहीं, मगर मैं ये कर सकता हूँ, उसने खुद को तसली दी
01:59अगले दिनों में अली ने महसूस किया कि रिवायती तरीके से पढ़ाने पर बच्चे जल्द बूर हो जाते हैं
02:06वो किताबों को बोच समझते थे और कलास में दिल्चस्पी कम थी, अगर मैंने भी यही तरीका अपनाया, तो ये बच्चे कैसे सीखेंगे, अली ने सोचा, इसने फैसला किया कि वो टेक्नालोजी और तखलिकी तदरीसी तरीके इस्तिमाल करेगा
02:19इसने प्रोजेक्टर एनिमेशन वीडियोज और इंटरक्टिव गेम्स के जरीए पढ़ाना शुरू किया, मिसाल के तौर पर रियाजी के सवालात को कहानियों में तबदील कर दिया, और साइंस के मजामीन को तस्वीरों और वीडियोज के जरीए समझाया
02:33बच्चों ने पहली बार सीखने में मजा महसूस किया, एक दिन हेड्मास्टर ने अली की कलास का दौरा किया
02:40वो हैरान रह गये के बच्चे रियाजी के सवालात को जोश और खुरूश रहल कर रहे थे, अली तुम ने वाकी बच्चों के सीखने का अंदाज बदल दिया है, हेड्मास्टर ने खुश होकर का
02:50हर सफर में मुश्किलात आती हैं और अली के लिए भी कुछ चैलेंजिस थे, कुछ रिवायती असाद्जा ने इसके जदीद तरीकों को पसंद नहीं किया
02:59कुछ वालिदेन ने शिकायत की के अली किताबों से कम और गेम से ज्यादा पढ़ा रहा है, बच्चों की शरारतें बाज अकात हद से बढ़ जाती और उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल होता, मगर अली ने हिम्मत नहारी
03:11उसने वालिदेन के साथ एक खुसूसी मीटिंग की और उन्हें नई तद्रीसी तक्नीकों के फवाइद बताए
03:17उसने उन्हें बच्चों के बहतर नताईज दिखाए और आहिस्ता आहिस्ता सब मुतमें हो गए, चंद महीनों बाद बच्चों के टेस्ट के नताईज हैरान कुन तोर पर बहतर हो चुके थे, वो जो पहले रियाजी में कमजोर थे, अब बगएर किसी मदद के सवालात हल क
03:47इसकी मिसाल नहीं मलती, बाब च्चे, एक खाब की तक्मील एंटर्नशिप मकमल होते ही, अली को एक हैरान कुन खबर मिली, इसकूल ने इसे मुस्तकिल उस्ताद के तोर पर मुन्तखब कर लिया था, ये अली के लिए जिन्दगी का सबसे खुशी भरा लमहा था, वो जान �
04:17बच्चे सीखने में कभी पीछे नहीं रहेंगे, ये इंटर्नशिप अली के मुस्तकिल का पहला कदम साबित हुई, और वो जान गया कि एक अच्छा उस्ताद सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाता, बलकि बच्चों के खाबों को हकीकत में बदलने में मदद देता है,