00:00चांदनी रातों का दोस्त एक समय की बात है
00:02पहाडियों के बीच बसे एक सुन्दर से गाउव में लीला नाम की एक प्यारी बच्ची रहती थी
00:07लीला अपनी चमकदार मुस्कान और हर चमकती चीद से प्यार करने के लिए जानी जाती थी
00:13हर सुब लीला अपनी पसंदीदा पीली फ्रॉक पहनती और कंकरीली गलियों से होती हुई
00:19खुशी-खुशी गुन-गुनाते हुए खास के मैदान की ओर चल पड़ती
00:23उसी मैदान में बेनी नाम का एक शरारती खरगोश भी रहता था
00:27बेनी एक नर्म और फुर्तीला खरगोश था जो इतनी तेजी से कूद था कि कभी-कभी खुद ही गड़बड़ा जाता
00:33उसे शरारतें करना बहुत पसंद था
00:36कभी वह चिडियों के घोंसले चिपा देता तो कभी गिलहरियों के अखरोड लुड़का देता
00:41एक दिन जब सूर्ज चमक रहा था और लीला जंगली फूल इकठा कर रही थी
00:46उसने देखा कि बेनी एक मश्रूम के उपर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है
00:50ये देखकर वह चुप-चाप उसके पास पहुँची ताकि उसे डराय बिना देख सके
00:55लेकिन बेनी डरने की बजाए हैरान रह गया जब लीला हंस पड़ी और खुशी से ताली बजाने लगी
01:01अरे मिस्टर बेनी, तुम तो कितने मज़ेदार हो
01:04उसने उत्सा से कहा
01:07बेनी जो ऐसी मीथी हंसी सुनने का आदी नहीं था
01:10खुशी से अपने लंबे कान हिलाने लगा और जमीन पर टप-टप पैर मारने लगा
01:15उस दिन के बाद लीला और बेनी सबसे अच्छे दोस्त बन गए
01:19लीला रोज उसके लिए ताजी गाजर लाती और बेनी अपनी मज़ेदार हरकतों से उसे हंसाता
01:25वे दोनों चुपन चुपाई खेलते और बेनी हमेशा जान बूज कर खुद को चुपाने में नाकाम कर देता
01:30ताकि लीला उसे आसानी से डूड सके
01:33कभी-कभी चांदनी रातों में बेनी लीला को जादूई घास के मैदानों में ले जाता
01:38जहां जुगनु छोटे-छोटे तारों की तरह चमकते थे
01:41वे दोनों जील के किनारे बैट जाते जहां बेनी उसे एक रहस्यमी खरगोशों की रियासत की कहानियां सुनाता
01:48दिन बीतते गए और गाव के लोगों ने महसूस किया कि लीला पहले से भी ज्यादा खुश रहने लगी थी
01:54उसकी हंसी पूरे गाव में घंटी की तरह गूंजने लगी जैसे कोई मधूर संगीत बहरा हो