00:00बहुत समय पहले एक व्यापारी अपनी तीन बेटियों के साथ एक छोटे से शहर में रहता था।
00:09उसकी सबसे चोटी बेटी ब्यूटी। न केवल बेहत सुन्दर थी, बलकि बहुत दयालू और समझदार भी थी।
00:20उसकी दोनों बड़ी बहने लालची और घमंडी थी। एक दिन व्यापारी का जहाज समुद्र में डूब गया, जिससे उसका सारा धन नश्ट हो गया।
00:34वह बेहत दुखी था। तभी उसे खबर मिली कि उसका एक जहाज बंदर गाहा पर लोटा है।
00:42अपनी बेटियों से पूछा कि वे क्या चाहती है। बड़ी बहनों ने महंगे गहने और कपड़े मांगे जबकि ब्यूटी ने सिर्फ एक बैंगनी गुलाब की फर्माईश की।
00:56बंदरगाह पहुचने पर व्यापारी को पता चला कि जहाज पर कोई सामान नहीं बचा। दुखी होकर वह घर लोटने लगा।
01:06लेकिन रास्ते में वह घने जंगल में भटक गया। बरफीली रात में उसे एक रोशन महल दिखा।
01:15महल में प्रवेश करते ही उसने देखा कि वहाँ स्वादिष्ट भोजन सजा हुआ था। उसने खा लिया और सोने चला गया।
01:25सुबह जाते समय उसने बगीचे में ब्यूटी के लिए एक गुलाब तोड़ा। तभी एक भयंकर दरिंदा प्रकट हुआ।
01:34और गरचते हुए बोला, तुमने मेरे गुलाब तोड़े, इसकी सजा तुम्हें भुगतनी होगी।
01:42व्यापारी ने दया की भीक मांगी और बताया कि यह गुलाब उसकी बेटी के लिए था।
01:49दरिंदे ने कहा, अगर तुम्हारी बेटी अपनी मर्जी से मेरे पास आ जाए, तो मैं तुम्हें छोड़ दूँगा।
01:58डर से व्यापारी राजी हो गया, और घर लोट आया।
02:03जब ब्यूटी को यह सब पता चला, तो उसने अपने पिता को बचाने के लिए खुद महल जाने का फैसला किया।
02:11महल में दरिंदा उसके साथ बहुत अच्छा व्यावार करता, उसे स्वादिष्ट भोजन देता, और हर दिन उसके साथ बाते करता।
02:21लेकिन हर रात वह उससे पूछता, ब्यूटी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी? और हर बार वह कहती, ओह नहीं, समय बीटता गया, और ब्यूटी को एसास हुआ कि दरिंदा दिल से बहुत अच्छा है।
02:39लेकिन वह अपने पिता को याद करने लगी। दरिंदे ने उसे एक हफ़ते के लिए घर जाने की इजाज़त दी, लेकिन यह भी कहा, अगर तुम वापस नहीं आई, तो मैं मर जाऊंगा।
02:53घर पहुँचते ही उसकी बहनों ने उसे रोकने के लिए चाल चली। ब्यूटी एक हफ़ते बाद भी नहीं लोटी। फिर एक रात उसने सपना देखा कि दरिंदा बगीचे में पड़ा, मर रहा है।
03:09वह डर गई और तुरंत महल लोटी। महल में जाकर उसने दरिंदे को जमीन पर बेहोश पड़ा देखा। वह रोते हुए उसके पास गई और कहा, ओह दरिंदे, मुझे माफ कर दो, मैं तुम से सच्चा प्यार करती हूँ।
03:27तभी एक चमकदार रोशनी पहली और दरिंदा एक सुन्दर राजकुमार में बदल गया। उसने बताया कि एक जादू गर्नी ने उसे श्राप दिया था, जिसे केवल सच्चे प्रेम से तोड़ा जा सकता था।
03:43ब्यूटी ने खुशी-खुशी शादी के लिए हां कह दी और दोनों हमेशा खुशी-खुशी रहने लगे।
03:50सीख सची सुन्दरता बाहरी रूप में नहीं बलकि दिल की अच्छाई में होती है।
04:13झाल झाल झाल झाल झाल