00:00इन कारीगरों ने पीडियों से पीदल के बर्तनों पर जटिल डिजाइन तयार करने की कला को अपनाया है
00:09हालाकि बारीक नकाशी के साथ तयार किये गए पीदल के उत्पादों के लिए मशूर मुरानबाद का यो द्योग अब अपनी चमक खोता दिख रहा है
00:21पीडियों पुराने इस विराशत पर खत्रा मड़ा रहा है
00:51मुरादाबाद के पीदल अद्योग की और युवाओं की कम होते दिल्चस्पी की वजह सिर्फ दूसरे उद्योगों में बहतर वेतन वाली नौकरिया नहीं है
01:04इसकी एक वजह पीदल के इन सामानों को बनाने के लिए जरूरी धीरज का गुम होना भी है
01:09इसके लावा कारीगर कई और बजह भी किनाते हैं
01:39हाला कि कारीगरों का मालना है कि कई ऐसी सरकारी योजना है जो इस उद्योग से जुड़े लोगों के लिए मददगार सावित हो रही है
01:53सवाल यह है कि क्या इन पारंपरी कोशनों को
02:22सनक्षित करने और मदद देने के लिए मिल रहा सरकारी समर्थन काफी है
02:26और क्या तेरी से बदल रही दुनिया अपने जरूरत से ज़्यादा दवावों से आखिरकार मुरादबाद पितल अध्यों को गुमनामी में धखेल देगी
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