00:00सिन्धु नदी के उत्तर में स्थित कटगण राज्य की राजकुमारी कार्विका का नाम सुनते ही दुश्मनों के दिलों में खौफ पैदा हो जाता था।
00:06वह न केवल एक उशल योध्धा थी बलकी रणनीती और युध चक्रव्योह को तोड़ने में भी माहिर थी।
00:11बाल्यावस्था से ही उन्होंने अपनी सहेलियों के साथ एक फोज बनाई थी जिसे उन्होंने चंडी सेना नाम दिया था।
00:16जिस उम्र में लड़कियां गुड्डे गुडिया का खेल खेलती थी उस उम्र में कार्विका शत्रु सेना का दमन कर देश को मुक्त करवाने और शिकार करने जैसे खेल खेलती थी।
00:24धनुर विद्या में निपुर्ण और दोनों हाथों से तलवार बाजी करते हुए वह मा कालीका की तरह प्रतीथ होती थी।
00:30कुछ साल बाद जब सिकन्दर की सेना नारियों के साथ दुशकर्म और लूट पाट करते हुए कठगण राज्य की ओर बढ़ रही थी।
00:36तब राजकुमारी कार्विका ने अपनी चंडी सेना के साथ युध करने का संकल्प लिया।
00:40तीं सो पचीस ईसा पूर्व में सिकन्दर के अचानक आकरमण से राज्य को थोड़ा बहुत नुकसान हुआ।
00:45लेकिन राजकुमारी कार्विका ने पहली बार सिकन्दर से युध किया।
00:48सिकन्दर की सेना लगभग एक लाख पचास हजार सैनिकों की थी।
00:51जबकि कठगण राज की महज 8,500 वीरांगनाओं की सेना थी।
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