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  • 2 years ago
शाश्वत सुख किसे कहते है? हम शाश्वत सुख को किस तरह से प्राप्त कर सकते है?
Transcript
00:00जगत में सभी सुक ही ढूंते हैं, लेकिन सुक की परिभाषा ही तै नहीं करते।
00:07सुक ऐसा होना चाहिए कि जिसके बात कभी भी दुख ना आए।
00:12ऐसा एक भी सुक इस जगत में हो, तो ढून निकालो।
00:17जाओ, शाश्वत सुक तो खुद के स्वामे ही है।
00:22खुद अनन्त सुक धाम है और लोग नाश्वन्त चीजों में सुक ढूंढने निकले हैं।
00:29सुक खुद के अंदर ही है, आत्मा में ही है।
00:33अतहर, जब आत्मा प्राप्त करता है, तब ही सनातन सुक ही प्राप्त होगा।
00:52वर्ल्ड में पैसे के लिए तो हैपिनेस लगता है इन्हें लोगों को।
00:55पैसा होगा तो शांती से जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन ज
01:25ीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन �
01:55जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीवन जीव
02:25वो कैसे मालूंग हुआ आपको? ये देह टेंपररी है की पर्मणन्ट है?
02:29ये भी तो भी टेंपरौरी है हाँ सर्वाद.
02:32हाँ देह टेंपररी है, कौन बोल सकता है?
02:34देह को टेंपररी कहने वाला कौन? आप कौन हो?
02:39अभी नव टेंपररी है, मगर मैं अभी नव कहने वाला मैं हूँ,
02:43वो मैं टेंपररी नहीं है, मैं पर्मणन्ट हूँ.
02:46वो मैं हूँ को रियालाइज हो गया, तो आत्मा इस पर्मणन्ट,
02:51तो उसका हैपिनेस भी पर्मणन्ट मिलेगा.
02:55तो वो वर्ल्ड में चीज़ है कि मैं खुद कौन हूँ जान लिया,
03:00और वो रियालाइजेशन में हम रहे जागरत में,
03:03तो सच्चा सुख शुरू होगा, दुखों से मुक्ति शुरू होगी.
03:09दिरे दिरे फुल स्टेज में आ गए, तो पर्मणन्ट हैपिनेस.
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