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क्या आपने कभी सोचा है कि हमने इस संसार में जन्म क्यों लिया है? क्या जीवन केवल जीने के लिए है या इसके पीछे कोई गहरा उद्देश्य छिपा है? आइए जानें क्या है जीवन का असली उद्देश्य!

Have you ever wondered why we were born in this world? Is life just for living or is there a deeper purpose behind it? What is the real purpose of our life? Let's identify the real cause behind this cycle of birth and death!

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Transcript
00:01वैसे तो जीवन में सब कुछ पा लिया, कुछ भी बाकी नहीं रहा, लेकिन एक प्रशन रहता है कि हमने
00:08जनम क्यों लिया, हम बच्चे हुए, बच्चे से हमने पड़े, ABCD पड़े, फिर शादी गड़ी बच्चे हो गए, उनको सेट
00:15कर दिया, अब क्या, उनको सेट कर दिया
00:19उससे थोड़ा हमें अलग होने हमारा जीवन का उदेश ही किया है, हम क्यों जनम लिया, हमारी आत्म की जर्नी
00:28क्या है, अभी इस जीवर में कुछ कर्म बांते होंगे, क्या नहीं बांते होंगे, नहीं बांते होंगे, नहीं कोशिश करती
00:34होंगे, नहीं बांते होंगे, नही
00:49कर देश करके, वो कर्म के फ़ल इस लाइफ में आये, यह जीवन कर्म के फ़ल भुगतने के लिए और
00:56नय बीज न गिरे ओ जागरती के लिए जीवन है, वगर सच्छा ग्यान नहीं मिलने के वज़े से, वापस कर्म,
01:07आप बोलो कि भगवान तेरा भला करे, वे शांत भाव से �
01:11मेन अगला है, वो पुण्या बांदेगा. क्युक étantशन निल्म हो। और मैं इनके लिए कोई बुरे भाव नहीं करती हूँ,
01:20मैं तो सबके लिए अच्छे भाव करती हूँ, मैं तो कर्ती तो हूँ, मैं निल्म होु जही कर्म भीज है।
01:26निल्या ह। और मैंने अच्छा किया �
01:33वहां से कर्म भीज डाले जाते हैं, तो अच्छा करो तो पुन्य कर्म बनेगा, दूसरे को दुख हुआ, ऐसे व्यवार
01:41करोगे तो पाप कर्म बनेगा, मगर कर्म चालू ही रहते है, तो यह जीवन का उद्देश यह है कि नए
01:48कर्म न बने, और पुराने कर्म सम्ता भावस्य
01:51करें, ताकि हमें चन्म जन्मांतर से फेरे से मुक्ति मिलें.
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