हिंदू धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व है। मान्यता है कि आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु सभी देवी-देवताओं के साथ योग निद्रा में चले जाते हैं, इसलिए इस समय किसी प्रकार के मांगलिक कार्य नहीं किये जाते हैं। मांगलिक कार्यों की फिर शुरुआत कार्तिक मास की देवउत्थान एकादशी के दिन होती है। इस वर्ष चातुर्मास की शुरूआत 20 जुलाई से हो रही है, जोकि 14 नवंबर तक रहेगा। चातुर्मास के इस काल में व्रत-पूजन का विशेष लाभ मिलता है। आइए जानते हैं कि चातुर्मास में किन देवी-देवताओं के पूजन से पूरी होती हैं सभी मनोकामनाएं
#DevshayaniEkadashi2021
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