00:03हिंदू धर्म में पंचांग के अनुसार हनुमान जन्मूत्सव या जैन्ती तीन बार मनाई जाती है।
00:30अनुसार हनुमान जन्मूत्सव या जाती है।
01:00रामान में कहा गया है कि हमपी स्थद अंजनाद्री परवत पर वनराज केश्री की पत्नी माता अंजना ने कठोर तपस्या
01:08की थी जिसके फलस्वरूप उनके पुत्र मारूती का जन्मू हुआ था।
01:13या हनुमान जी को भक्ती साहस और संकट मोचन के रूप में पूजा जाता है।
01:17दक्षण भारत में उन्हें कई अलग-अलग नामों से भी पुकारते हैं। जिन में हनुमन्था, आंजने, मारूती, आंजनेडू कहते हैं।
01:27तमिल परंपरा में वो आंजनेयार के नाम से प्रसद्ध हैं।
01:31इस दिन सुबस नान कर वरत और पूजा का संकल पलें, हनुमान चालीसा और सुन्दरकांड का पाट करें।
01:36हनुमान जी को चोला, सिंदूर, पान के पत्ते और गुडचनादी अर्पित करें। मंदरों में भजन कीरतर और शोभायात्रा निकाली जाती
01:43हैं।
01:43कई भक्त 31 दिनों की दिक्षा पूरी कर इस दिन विशेश पूजा करते हैं।
01:48ध्यान रहे हनुमान जी की पूजा में चर्णामरत का प्रयोग कभी भी न करें।
01:52हनुमान जी के वरत में नमक भी नहीं खाते हैं।
01:55साथी ब्रह्मचर्य का पालन करें स्त्रियों के स्पर्ष से दूर रहें
01:59फिलहालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
02:02साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
Comments