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  • 3 hours ago
पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी की कमी से जूझ रहे प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं. सोमवार को पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर ऐसे कई मजदूर रेल में सफर करते नजर आए जिन्हें रसोई गैस की कमी की वजह से घर लौटना पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों में देश के दूसरे हिस्सों से भी प्रवासी श्रमिकों के गृह राज्यों में लौटने की तस्वीरें आई हैं. इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को एक बयान में कहा कि छोटे 5 किलो के एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री बढ़ा दी गई है। ये सिलेंडर वैध पहचान पत्र दिखाने पर एलपीजी वितरकों से सीधे खरीदे जा सकते हैं. 5 किलो के इन सिलेंडरों को एफटीएल सिलेंडर कहा जाता है और इनकी कीमत बाजार दर के अनुसार है। इन्हें पास के एलपीजी वितरक से खरीदने के लिए किसी पते के प्रमाण की जरूरत नहीं होती है.

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00:04पश्चिम एश्या संकट के कारण LPG की कमी से जूज रहे प्रवासी मजदूर अपने घर लोटने को मजबूर हो रहे
00:12है।
00:12सोंबार को पट्टा के दानापुर रेलवे स्टेशन पर ऐसे कई मजदूर रेल में सफर करते नज़राये जिने रसोई गैस की
00:21कमी की वज़े से घर लोटना पड़ रहा है।
01:00पिछले कुछ दिनों में देश के दूसरे हिस्सों से भी प्रवासी श्रमिकों के ग्रह राज्यों में लोटने की तस्वीरे आई
01:07है।
01:07इस बीच पेट्रोलियम और प्राकतिक गैस मंत्राले ने रैवार को एक ब्यान में कहा कि छोटे पाच किलो के लपीजी
01:17सिलेंडरों की बिक्री बढ़ा दी गई है।
01:20इस सिलेंडर वैद पहचान पत्र दिखाने पर लपीजी वित्रकों से सीधे खरीदे जा सकते हैं।
01:27पाच किलो के इन सिलेंडरों को FTL सिलेंडर कहा जाता है और इनकी कीवत बाजार दर के अनुसार है।
01:34इने पास के लपीजी वित्रक से खरीदने के लिए किसी पते के प्रमाड़ की जरुवत नहीं होती है।
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