जैसलमेर. थार के सुनहरे रेगिस्तान में रेत के धोरों पर ऊंटों की कतार ने ऐसा नजारा पेश किया, जिसने जैसलमेर की समृद्ध विरासत और लोक संस्कृति को एक साथ जीवंत कर दिया। राजस्थान पत्रिका बाड़मेर संस्करण के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर सम के धोरों पर आयोजित कैमल रैली में बड़ी संख्या में सैलानी शामिल हुए। ऊंटों पर सवार प्रतिभागियों ने रेगिस्तान की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच स्वच्छता अपनाने, पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने का संदेश दिया। जैसलमेर नगरपरिषद के पूर्व सभापति हरिवल्लभ कल्ला और प्रतिष्ठित रिसोर्ट व्यवसायी पुष्पेन्द्र व्यास ने ऊंट रैली को रवाना किया। सूर्य की रोशनी में चमकते सुनहरे धोरों के बीच सजे-धजे ऊंटों की कतार जैसे ही आगे बढ़ी, वहां मौजूद पर्यटकों के कैमरे थम गए। देश-विदेश से जैसलमेर घूमने आए सैलानियों ने इस अनूठे आयोजन को कैमरों में कैद किया। रैली ने यह संदेश दिया कि पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और विरासत को समझने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी है।