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  • 17 minutes ago
झारखंड की आदिवासी कार्यकर्ता और युवा नेता निशा कुमारी भगत की 6 नवंबर 2026 को रांची में कथित आत्महत्या से मौत हो गई। मौत से पहले उन्होंने फेसबुक LIVE किया था, जिसमें झारखंड सरकार और कथित भू-माफियाओं पर उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए थे। निशा भगत आदिवासी समाज, जमीन के अधिकार और धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय थीं। उनके फेसबुक LIVE के बाद उनकी मौत का मामला चर्चा में है। आखिर कौन थीं निशा भगत? उन्होंने LIVE वीडियो में क्या आरोप लगाए थे? आदिवासी जमीन और भू-माफियाओं से जुड़े विवाद का पूरा मामला क्या है?
इस वीडियो में जानिए निशा भगत की जिंदगी, उनके संघर्ष, फेसबुक LIVE में लगाए गए आरोप और उनकी मौत से जुड़े अब तक सामने आए प्रमुख पहलू।

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Transcript
00:06जो लोग कहते हैं निशा बगत बहुत स्ट्रोंग है, सुनना सनातन की नीव है, सुनना सनातन की प्रगाड़ वो मिशाल
00:22है
00:27किसी का ओजागर करना, इस सरकार का अगर बंड़ भूड़ करना अगर गलत है, तो मेरी मौत है
00:38मुझे ये बहुत पहले समझाना चाहिए था
00:44कि हमन सरकार हो, देमन सरकार के सांगेर्थ जितने भी जमिन दलाल हो, मुझे नहीं पता था कि मुझे अपनी
01:02मुझे आपके समझ, पेरी मौ जो है
01:11तो मुझे नहीं पेजेना पीजेटी, ये कांगरेस है
01:24मुझे आपको बहुत दुख होगा
01:32मेरी बाबा, जे जाल का नाना इनकारी है
01:40उनको बहुत दूख होगा, मैं प्रशासन से भी बहुत लड़ने की कोशिश की
01:47प्रशासन को भी बहुत अपनी सेक्यूरिटी की बाब करने की कोशिश की लेकिन आज मुझे इसलिए मौत को अपना गले
02:00लगाना पड़ रहा है
02:03कि ये सरकार जो है, ये मन सरकार आवरतों को जवील कर सकता है, जाहिल कर सकता है
02:13मैं ये नहीं प्रशास कर सकती, मेरे मावाव कितना सनेंगे जी, कितना सनेंगे मेरे होवाव
02:23मेरे माव कितना सनेंगे मेरे माव कितना सनेंगे
02:38मेरे माव कितना सनेंगे मेरे माव
02:47जहां से किसे ना प्यार करती है
02:56लेकिर आज मेरी जीवन की लीला से माथ करने की बारी आई
03:02और मुझे बता है
03:06कि ना मेरे साथ कोई था ना कोई है
03:12विए सर प्यजीवन की बोलते रख एक है
03:21मैं याई सामोजा अऑले बोलते रख एक है
03:26उब इस ये देदाद है ये दाल ने रही
03:30मैं लड़ते रही
03:33सखात़ करते रही
03:37कि मेरे समाज बच बच भाए
03:41मेरा जजाती समाज बच बच भाए
03:49लेकिन नहीं कुछ हो रहा है
03:57यकीन मान ये प्रसारसन पेल है
04:04क्योंकि प्रसारसन नहीं आजाए तिर की लोगों के जैसे लोगों के उपेदा
04:15ये आरे से सर पीजे पी वाले मेरे साथ नहीं है
04:18यकीन मानो मेरे पीदा जी फूर कर रहे है
04:40मेरे पीदाजी को दूख हो गाँ जान का ना दून का रही है वो सीबू सोरेंट के पैरलाद मेरे पीदाजी
04:50फोन कर रहे थै
05:07मेरे पीदाजी को दून का रहे है
05:22मेरे पीदाजी को दून का रहे है
05:26मेरे पीदाजी को दून का रहे है
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