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सोनिया गांधी की नई किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ आने से पहले ही भारतीय राजनीति में हड़कंप मच गया है। अपने बहुचर्चित इंटरव्यू में सोनिया ने 1975 की इमरजेंसी, संजय गांधी की भूमिका, 2004 में पीएम पद ठुकराने का सच और पीएम मोदी पर अपने बयानों से सभी को हैरान कर दिया है।

Before the release of her book 'Belonging: A Journey of Love', Sonia Gandhi broke her long silence in an exclusive interview, opening up about the 1977 Emergency, Sanjay Gandhi's role, refusing the Prime Minister's post in 2004, and her thoughts on PM Narendra Modi and the RSS.

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Transcript
00:08सुनिया गांधी की नई किताब बिलॉंगिंग अजर्णी ओफ लव क्याने से ठीक पहले भर्द्य राजणीती के महाल गर्मा चुका है
00:16नश्कों तक भेश के सबसे ताकतवर महिलाओं में शुमार रही सुनिया गांधी ने हमेशा अपनी निज़े जिन्दगी और दिल की
00:23बा
00:26लेकिन अब पहली बार उन्होंने कुछ ऐसा किया कुछ ऐसा इंटर्व्यू तिया जिसने कई पुराने राज सियासी खीच्टान और निजरिष्टों
00:34की परतों को पूल कर रख दिया एक छोटे से कस्वे से निकल कर भारत के सबसे बड़े राजणीतिक धरामी
00:40की बहुबन
00:56अमर्जनसी के दौर कुलेकर सोनिया गांधी ने बेहत खुल कर बात की उन्होंने माना कि उस दोरान आम जिनता के
01:02लोगतांतरिक अधिकारों पर जो पाबंदिया लगी और ज्याप्तिया हुई उनका असली अंदाजा उन्हें आपातकाल खत्म होने के बाद ठीक से
01:09समझाया
01:10आम तोर पर एमर्जनसी के दौरान हुई गडबडियों का पूरा ठीकरा संजय गांधी पर फोड़ा जाता है लेकिन सोनिया गांधी
01:16का मानना है कि इसके लिए सर्फ संजय गांधी जिम्मधार नहीं थे इंदिरा गांधी पर भी उस समय उनके कई
01:22वरिष्ट सयोग्यों और
01:23सलहकारों का भारी दवाफ था वे एक बेहत कठेन और विगड़ते हालात को संभालने के कोशिश कर रही थी हाला
01:29कि इंद्रा गांधी ने खुद ही हालात की गंभीरता को समझा 1977 में चुनाफ कराए और बाद में देश के
01:35जनता से सारवजनिक रूप से माफी भी मांगी
01:41साल 2004 में जब कॉंग्रेस यूपिय की जीत हुई तब सुनिया गांधी का प्रधान मंद्री बनने का रास्ता पूरी तरह
01:48साफ था लेकिन उन्होंने अचाना की पर ठुकरा कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया
01:52उस वक्त ऐसे अवाए उड़ी कि उनके बच्चे यानि की राहुल और प्रियंका ने जान के खत्रे को देखते हुए
01:58उन्हें पीम बनने से रूका था
02:00सुनिया गांधी ने इन सभी हटकलों को खारिश करती हुए कहा कि ऐसा बिलकुल नहीं था
02:05प्रिधान मंतरी ना बनने का फैसला पूरी तरह से उनका अपना उफ्यक्तिकत फैसला था
02:09उन्होंने डॉक्टर मनमुहन सिंग के साथ अपने काम करने के अनुभव को बीहद सकारात्मक बताया
02:14और कहा कि दोनों की बीच भूमिकाएं बिलकुल साफ हुआ करती थी
02:17मनमुहन सिंग सरकार चला रहे थे और वे खुद संगठन और पार्टी संभाल रही थी
02:22प्रिधान मंतरी मोदी और आरेसेस पर तीखा हमला
02:25देश के मौझूदा राचनितिक स्थिती और विचार धारक को लेकर सुन्या गांदी ने बेहत कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया
02:30उन्होंने कहा कि पिछले बारह सालों के दोरान देश के लोग तंत्रा और निश्पक्त संस्थाओं को बहुत गहरा नुकसान पहुँचाया
02:37गया
02:37भारत को लेकर नरेंदर मोदी की सोच और उनकी अपनी सोच में जमीन आसमान का फर्क है
02:42अलाकि सोन्या ने ये ज़रूर स्विकार किया कि मोदी एक साधारन प्रिष्ट भूनी से निकल कर शीर्ष व सत्ता तक
02:48पहुँचे हैं
02:49लेकिन उन्होंने ये भी चोड़ा कि राच्छीती में काम्यावी पानी के अलग अलग रास्ते होती है
02:54उनोंने कांग्रिस के मनमुहं सेंग और मलिकर अरजुन खड़के का उधारन देते होएं कहा कि वे अपनी महनत से आगे
03:01बढ़ने के परमपरां कांग्रिस में देखती हैं हमेशा से रही है
03:04और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें या कॉंग्रेस को RSS जैसी संस्ता से कुछ भी सीखने की जरुवत
03:11नहीं है
03:1160 साल बाद भी वही पुरानी सुनिया अपनी नीजे जिंदगी और राजीव गांती के साथ अपने रिष्टे पर बात करती
03:17है
03:18और बात करते हुए बेहत भावुक नजराई उन्होंने कहा कि 60 साल पहले जब राजीव उनसे कैंपरिज में मिले आज
03:24भी वे अंदर से वही इंसान है
03:26उनके बुनियादी संसकार विचार बिल्कुल नहीं बदले लेकिन इस लंबे और कठिन सफर में उनसे एक चीज चिन गई वे
03:33अब पहली जितनी हंस्ती मुस्कुराती नहीं है
03:35सोनिया ने बताया कि जब वे नई-नई दुलहन बनकर भारत आई तब वे इस देश और यहां के तौर
03:41तरीकों को नहीं समझती थी पूरी तरह अंजान थी
03:44उन्होंने भारत यहां के संस्कृती और करतव या निष्ठा का जो भी पार्ट सी का वो केवल इंदेरा गांधी और
03:50आजीव गांधी से ही सी का अपने उपर लिखी 75 किताबों पर चुपी
03:54इंटर्व्यू के दौरान जब सोन्या को यह बताया गया कि EI के आगणों के मुताबिक उनकी जीवन में जीवन को
04:00लेकर दुनिया भर में कम से कम 75 किताबे लिखी गए
04:03तो वे खुद हैरान रह गई उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उन पर इतनी
04:08ज्यादा कुस्तकें लिखी गई हैं
04:09सोनिय ने गिल्चस वबाज शेयर कि उन्होंने कभी भी अपने बारे में लिखी गई किसी भी किताब को पढ़ने की
04:15कूशिश नहीं की
04:16बहुत साल पहले ही राज जी और उन्होंने यह तैक कर लिया था कि मेडिया या दूसरे द्वारा उनके बारे
04:21में लिखी गई
04:22कोई भी बातें पढ़कर वो अपना वक्त बरबात नहीं करेंगे
04:26लेकिन एक दशक पहले उन्हें लगा कि अब वक्त आ गया कि जब दूसरों के लिकी मनगडंत बातों के बचाए
04:31अपनी कहाने खुद दुनिया के सामने बेश की जाए प्रस्तुत की जाए
04:36सोने गांधी का ये इंटर्व्यू साफ दिखाता है कि उनकी ये किताब सिर्फ राजनीती के पन्नों का पुलिंदा नहीं
05:08आफ में कि मैं अपनी इंटर्वाइ वडिंदा है

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