00:00आप सभी जानते हैं कि इस पर्व का नहित अर्थ है अंधकार पर प्रकास की विजय लेकिन ये रात है
00:08अमावस की जब दुरगटना के रूप में अंधकार हमारे उल्लाव्ट्स और पुशी पर हावी होने का प्रयत्न करता है ऐसे
00:17समय में सजगता और सावधानी ही हमारी रक्
00:24कारण होता है पटाखे ये पर्यावरन को तो लुकसान पहुंचाते ही हैं लेकिन असावधानी बरतने पर ऐसी पीड़ा का सामना
00:33करना पड़ता है जिसमें चेहरा आंक हाथ या पूरा बदन भी जल सकता है खास तोर पर जब छोटे बच्चे
00:41पटाखों से खेल रहे हूं त
00:43उन पर निगरानी रखना अतियावश्चक है वैसकों को भी चेतावनी है कि नशे की हालत में कोई पटाखे न चलाएं
00:51ऐसे में भारी दुरगटना हो सकी है एक पानी की भरी बाल्टी हमेशा मौजूद होनी चाहिए और किसी अंग के
00:59भी जल जाने पर पानी तब तक डाले �
01:02जब तक ज्वलन क्रिया समापना हो जाए श्याही या टूथपेस लगाना एक भारी मूर्खता है हाथसा हो जाने पर तुरंत
01:10नजदी की स्वास्त के इंद्र अथवा चिकित्सक से संपर्ख करें
Comments