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  • 5 minutes ago
दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR की हवा जहरीली हो गई है. वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे  लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है. हालात ऐसे हैं कि दिवाली से पहले ही दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है. ऐसे में दिवाली पर पटाखे जलने के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB के मुताबिक, 5 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत AQI 367 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. वहीं, नोएडा का AQI 305, गाजियाबाद का 285 और ग्रेटर नोएडा का 270 रिकॉर्ड किया गया. आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली-NCR के प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है.राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है. दिल्ली के जहांगीरपुरी में सबसे ज्यादा 459 AQI दर्ज किया गया. इसके अलावा पंजाबी बाग में 445, नरेला में 434, विवेक विहार में 433, रोहिणी में 431, अलीपुर में 429, सोनिया विहार में 421, मुंडका में 419, आरके पुरम में 414, बवाना में 411, पूसा में 407 और पटपड़गंज में 403 AQI रिकॉर्ड किया गया. GFX OUT वहीं, राजधानी के बाकी इलाकों में भी AQI 300 के पार बना हुआ है. खराब हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है.  लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान GRAP का दूसरा चरण लागू कर दिया है. इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई प्रतिबंधात्मक और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.  AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा की शुद्धता को मापने का पैमाना है. एयर क्वॉलिटी इंडेक्स जब 0-50 होता है तो इसे 'अच्छी' श्रेणी में माना जाता है. 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्य', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब', 400-500 को 'गंभीर' और 500 से 'बेहद गंभीर' माना जाता है.

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00:01दिवाली से पहले ही दिल्ली NCR की हवा जहरीली हो गई है वायू प्रदूशन का इस्तर लगातार बढ़ रहा है
00:08जिसे लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है
00:11हालात ऐसे हैं कि दिवाली से पहले ही दिल्ली के कई लाकों में AQI 400 के पार पहुच गया है
00:17ऐसे में दिवाली पर पटाखे जलने के बाद प्रदूशन का इस्तर और बढ़ने की आशंग का जताई जा रही है
00:23केंद्रिय प्रदूशन नियंतरन बोर्ड यानी CPCB के मताबिक 5 नमंबर 2026 को दिल्ली का ओसत AQI 367 दर्ज किया गया
00:32है जो बेहत खराब श्रेनी में आता है
00:34वही नोईडा का AQI 305 गाजियाबाद का 285 और ग्रेटर नोईडा का 270 रिकॉर्ड किया गया है
00:42आंकडों से साफ है कि दिल्ली NCR के प्रमुक शहरों में हवा की गुनवत्ता लगातार खराब बनी हुई है
00:48राजधानी दिल्ली के कई लाकों में प्रदूशन का इस्तर बेहत गंभीर स्थिती में पहुँच गया है
00:58इसके अलावा पंजाबी बाग में 445, नरेला में 434, विवेक बिहार में 433, रोहिनी में 431, अलिपुर में 429, सोनिया
01:09बिहार में 421, मुंडका में 419, आरके पुरम में 414, बवाना में 411, पूसा में 407, और पटपर गंज में
01:19403 AQY रिकॉर्ड किया गया है
01:21वहीं राजधानी के बाकी इलाकों में भी AQY 300 के पार बना हुआ है, खराब हावा का सबसे ज्यादा असर
01:28बच्चों, बुजर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधी बिमारियों से जूज रहे लोगों पर पढ़ सकता है
01:36पॉलूशन से सांस के मरीजों को, डाइबिटीज के मरीजों को, मोटे मरीजों को, खनाटे लेने वाले मरीजों को, ब्लड पेशर
01:43के मरीजों को, हाट के मरीजों को, छोटे बच्चों को, रध्धाव अस्ता के लोगों को, इन सब को बहुत जादा
01:48परिशानी होती है
01:49चिन लोगों को डाइबिटीज हैं इंके इंफेक्शन के चानसेश बढ़ जाते हैं
01:54आजकल निमूनिया के चानसेश बढ़ जाते हैं
01:57लगातार बढ़ रहे वायू प्रदूशन के कारण
02:00वायो गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM ने दिल्ली NCR में
02:05Graded Response Action Plan यानी GRAP का दूसरा चरण लागू कर दिया है
02:09इसके तहट प्रदूशन पर नियंतरण के लिए कई प्रतिबंधात्मक और रहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं
02:38AQI यानी Air Quality Index हवा की शुद्धता को मापने का पैमाना है
02:42Air Quality Index जब 0-50 तक होता है तो इसे अच्छी श्रेणी में माना जाता है
02:4851-100 को संतोष जनक, 101-200 को मध्य, 201-300 को खराब, 301-400 को बहुत खराब, 400-500
02:58को गंभीर और 500 से ज्यादा को बेहत गंभीर माना जाता है
03:02Bureau Report, ETV भारत
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