00:02अहोई अश्टमी का वरत उत्तर भारत में माताओ द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र अच्छी स्वास्त और सुख सम्रुद्धी के
00:10लिए रखते हैं
00:11ये वरत करवाचोद की तरह ही कठिन होता है और सुर्योदे से शुरू होकर शाम को तारों को अर्ग देकर
00:17खुला जाता है
00:19अहोई अश्टमी वरत के समय, नियम, क्या खाएं क्या ना खाएं और साथ ही वरत की संपूर्ण विधी क्या रहीगी
00:27आईए बताते हैं
00:28वरत का संकल्प और नियम सुर्योदे से पहले, यानि लगभग सुबस चार बजे से लेकर पांच बजे की बीच से
00:35ही शुरू होगा
00:36ये वरत शाम को तारो का दर्शन और उनको अर्ग देने के साथ समाप्त होगा, कुछ जगहों पर चंद्रमा को
00:42देखकर भी वरत खोला जाता है
00:44वही बात करें पूजा के शुब मुहरत की, तो शाम चार बज कर 69 मिनट से लेकर 6 बज कर
00:5115 मिनट तक का समय पूजा के लिए सबसे शुब रहेगा
00:54तारो के दर्शन शाम पांच बज कर 22 मिनट के आसपास होंगे
00:59ऐसे तो ये वरत निर्जला रखा जाता है
01:02तो सुर्योदय से पहले तड़के 4 बजे से लेकर 5 बजे की बीच आपको कुछ खाना जरूरी है
01:08खाने में सुपाच्य और उर्जा देने वाला भोजन करें जैसे दूद, फेनिया, सिवईया, फल, मेवे और पनीर
01:16भरपूर पानी पीले, नारियल पानी पीले या ताजा जूस पीले ताकि दिन भर डिहाइडरेशन ना हो
01:22इस समय चाय कॉफी पीने से बचे
01:25ये आपको पूरे दिन गैस और अपच का कारण बन सकता है
01:29इस दोरान अधिक मसालेदार, तलाभुना या बुखत मीठा भी ना खाए क्योंकि इस से दिन भर प्यास और आसिडिटी बढ़ेगी
01:37बता दें कि निर्जला वरत से पहले खाना पीना करने के बाद स्नानादी से निवरत तो होकर हाथ में जल
01:44लेकर वरत का संकल्प ले ले
01:46इसके बाद से तारों को अर्ग देने तक आपको कुछ भी खाना पीना नहीं है
01:52लेकिन अगर आपको किसी भी तरह की स्वास्त समस्या है या फिर आप पूरे दिन वरत नहीं रख पाती है
01:59तो ऐसे में आप बीच बीच में फलहार ग्रहन कर सकती हैं इस दोरान चाय कॉफी पानी आदी का सेवन
02:04भी किया जा सकता है
02:05बतादी कि अहोई माता को अर्पित किया गया सात्विक भोग जिसमें मालपुआ, पूरी, हलवा, खीर या मीठे पूवे चड़ते हैं
02:13और सात्विक भोजन ही वरत खोलने के बाद ग्रहन करना चाहिए
02:17लहसुन, प्याज, मसालेदार, बासी खाना या अत्तिधिक तीखा या मसालेदार भोजन पूरे दिन और रात को भी बिलकुल ना बनाए
02:25और ना ही खाए
02:26वही अहोई माता की पूजा और तारो को अर्ग देने के लिए कांसे का, पीतल का या मिट्टी के लोटे
02:32या करवे का इस्तमाल करें
02:34आप करवा चोथ में इस्तमाल किये गए करवे का भी इस्तमाल इस पूजा में कर सकते हैं
02:39तांबे के बरतन से अर्ग देना इस दिन वर्जित माना गया है।
02:43वरत वाले दिन सुई धागा, कैची, सिलाई, कड़ाई या चाकू का इस्तमाल ना करें।
02:48इस दिन घर में या बाहर गमलों या बगीचों में मिट्टी खोदना या पेड़ पौधों को नुकसान ना पहुँचाए।
02:53दिन भर मन शानत रखें, क्रोध ना करें और बच्चों पर गुसा ना करें।
02:58पूजा के दोरान चान्दी की अहोई और मोतियों की माला पहनी जाती हैं, जिसे दिवाली के बाद किसी शुब दिन
03:04पर ही उतारते हैं।
03:06फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।