00:03अहोई अश्टमी का वरत इस साल एक नवंबर दिन रविवार को रखा जा रहा है
00:08आई इस वीडियो में आपको बताते हैं कि वरत में कलश स्थापना और पूजन सामगरी की पूरी लिस्ट क्या रहेगी
00:15शास्त्रो और सनातन परंपरा के अनुसार प्रमानिक सामगरी सूची और कलश स्थापना की सही विधी आपके लिए जानना बेहत जरूरी
00:24है
00:24सबसे पहले बात करेंगे अहोई अश्टमी पूजा सामगरी लिस्ट
00:28अहोई माता का चित्र या कैलेंडर इसमें अहोई माता उनके आठ पुत्र स्याहू और उनके बच्चों का चित्र होना जरूरी
00:35है
00:35लकड़ी की छोटी चोकी, लाल या पीला नया वस्तर, चांदी के मन को और अहोई माता के पिंडेंट या चांदी
00:42के दानो वाली पारम्परिक माला
00:43कलश स्थापना के लिए पीतल, मिट्टी या कांसे का पात्र, तांबे का बरतन इसमें इस्तेमाल ना करें
00:50मिट्टी या पीतल का करवा जिसमें टोटी बनी हो
00:52करवे की टोटी में लगाने के लिए घास की सीखे
00:55जिसे सरै की सीख कहा जाता है
00:58कलश पर ढखने के लिए मिट्टी या पीतल की कटोरी
01:01और उसमें भरने के लिए गेहु या अक्षत
01:03अब करवा चौत वाला करवा भी इस पूजा में इस्तमाल कर सकती हैं
01:08अब पूजा में अक्षत, रोली, हल्दी और चंदन
01:12देशी घी का दीपक, रुई की बत्ती, धूब बत्ती आगर बत्ती, ताजे फल
01:17फूल और फूलों की माला, अर्ग और पूजा के लिए दूर और दूर्वा
01:22इसके अलावा मौली या कलावा, भोग के लिए आठ पूडी, आठ माल पूए या हल्वा
01:30रितूफल, सेब, केला, अमरूद और पंच मेवा, साडी, असूट, श्रिंगार, सामगरी, मिठाई और सामर्तनुसान, दक्षणा
01:38अब शाम को प्रदोर्शकाल में शुब मूरत के समय कलश स्थापना एवं पूजन किया जाता है
01:44पूजा के स्थान को अच्छे से साफ करके दीवार पर गेरू से अहोई माता और स्याहू का चित्र बनाए या
01:50अहोई माता का कैलेंडर लगाए
01:52पूजा स्थल पर लकडी की चोकी रखे और उस पर लाल या पीला स्वच कपड़ा विछाए
01:57अहोई माता के चित्र को चौकी पर स्थापत कर दे
02:00चौकी पर अहोई माता की तस्वीर के ठीक सामने गेहूं की छोटी सी डेरी, अश्ट दल या गोल आकार बनाए
02:06पीतल या मिट्टी के कलश में गंगाजल और साफ पानी भर कर
02:11कलश के कंट पर कलावा और उस पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ध बना ले
02:15इस कलश को चौकी पर रखी गेहूं की धेरी के उपर स्थापत करे
02:20कलश के उपर एक कटोरी रखे और उस पर गेहूं या चावल भर दे
02:25कलश के उपर एक छोटा करवा रखें जिसमें पानी भरा हो
02:30करवे की टोटी में सरई की सीख लगा दे
02:32अब आप अहोई माता की माला को कलश के गले में पहनाए
02:37या माता के चितर के पास ही रख दे
02:39कलश, अहोई माता और करवे पर रोली, अक्षत, हल्दी और चंदन से तिलक लगाएं
02:44धूप और घी का दीपक जलाएं
02:46हाथ में गेहूं के साथ या ग्यारे दाने और फूल लेकर अहोई अश्टमी की वरत कथा सुने या पढ़ें
02:53कथा पूरी होने के बाद हाथ के गेहूं के दाने और कलश या करवे के जलसे शाम कुतारों को अर्ग
03:00देकर संतान की लंबी उम्र की प्रात्ना करें और वरत का पारण करें
03:05फिल हालस वीडियो में इतना है
03:07वीडियो को लाइक और शेर करें
03:08साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले