00:28PETROL
00:57PETROL
01:28PETROL
01:58PETROL
02:07PETROL
02:09PETROL
02:10PETROL
02:12PETROL
02:28PETROL
02:29PETROL
02:32PETROL
02:58PETROL
03:28PETROL
03:39PETROL
03:40PETROL
03:40PETROL
04:00PETROL
04:01PETROL
04:11PETROL
04:12PETROL
04:16PETROL
04:18PETROL
04:18PETROL
04:40PETROL
04:47PETROL
05:09PETROL
05:10PETROL
05:10PETROL
05:10PETROL
05:10PETROL
05:13PETROL
05:31PETROL
05:33PETROL
05:33PETROL
05:35PETROL
05:35PETROL
05:36PETROL
05:37PETROL
05:39PETROL
05:39PETROL
05:40PETROL
05:42PETROL
05:44गाड़ी की प्रमारित अनुकूलता दोनों की अलग-अलग पुष्टी करें। इस गुथी को सुलजाना आसान नहीं है। तो ऐसे में
05:52सवाल उठता है कि सरकार इस फ्यूल को बढ़ावा क्यों देना चाहती है। इसका जवाब केवल वाहन मालिक की जेब
05:59नहीं बलकि भारत की
06:01और उर्जा अर्थ विवस्था में भी है। देश की पेट्रोलियम जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। इसके
06:07लिए बहुत सारा पैसा विदेश चला जाता है। यहीं से इथनौल की भूमी का सामने आती है। अगर पेट्रोल के
06:14कुछ हिस्से की जगह इ�
06:29टौती कर सकेंगे और इससे देश का काफी सारा पैसा बचेगा। चुकि इथनौल घरेलू स्तर पर क्रिशी उत्पादों से बनाया
06:37जाता है। ऐसे में किसानों के लिए भी ये एक नया बाजार बन सकता है। सरकार ने इथनौल के इस्तमाल
06:43को किसानों की आये और उर्जा स
06:45सुरक्षा से जोड कर देखा है। हलाकि इस कहानी का दूसरा पहलू भी है। जरूरी नहीं है कि इस से
06:51हर किसान की आये बढ़े। फाइदा फसल की कीमत, उत्पादल लागत, पानी की उपलब्धता, खरीद विवस्था और किसानों तक भुकतान
07:01पहुचने पर निर्भर कर
07:03अगर इथनौल उत्पादन के लिए अधिक पानी या खेती की जमीन की जरूरत पढ़ती है तो उसके पर्यावरिनिये और खाद्य
07:11सुरक्षा से जोड़े सवाल भी उठेंगे। इथनौल के इस्तमाल को अक्सर पर्यावरन हितकारी माना जाता है। लेकिन ये एक तरफा
07:20न
07:33पूरा हिसाब जोड़े तो तस्वीर बदल सकती है। इथनौल का संभावित फाइदा ये है कि उसका जैविक कच्चा माल बढ़ते
07:41समय कार्बन डायोकसाइड अवशोशित कर सकता है। फिर भी ये कहना सही नहीं होगा कि E100 इस्तमाल करने से गाड़ी
07:49का प्रदूशन शू
08:01लेकिन भारत के लिए ब्राजील का मॉडल अपनाना इतना आसान नहीं है। ब्राजील के पास गन्ने पर आधारित इथनौल उत्पादन
08:09और फ्लैक्स फ्यूल गाडियों का स्थापित बाजार है। भारत को अपनी क्रिशी विवस्था, पानी की उपलबधता, वाहन बाज
08:17और फ्यूल वित्रन के हिसाब से अपना मॉडल विकसित करना होगा। मौजूदा स्थिती में भारतिया बाजार में फ्लैक्स फ्यूल गाडियों
08:25का आकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। मारूती सुजुकी, हीरो मोटर कॉप्स, टोयोटा जैसी कंपनिया इस दिशा में ते
08:47कंपनिया प्रमारित फ्लैक्स फ्यूल गाडियां बजार में उतारती है। E100 की खुर्दोरा कीमत और वास्तविक माइलेज क्या रहता है। कितने
08:56शहरों और हाइवे पर इसका नेटवक बनता है। इन सवालों के जवाब तै करेंगे कि E100 भारत में कितना बड़ा
09:03विकल्प
09:04बन सकता है। ब्यूरो रिपोर्ट ETV भारत
Comments