सवाईमाधोपुरण् श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा तो कर दी गईए लेकिन उसे धरातल पर उतारने की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बजरिया शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में प्रस्तावित कर्मचारी राज्य बीमा निगम ;ईएसआईद्ध डिस्पेंसरी का मामला करीब एक साल से अटका पड़ा है। शुरुआत में परिसर के पीछे खाली जमीन की सफाई कराई गईए बबूल के पेड़ कटवाए गए और निर्माण की उम्मीद जगीए लेकिन इसके बाद जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब हालात यह हैं कि डिस्पेंसरी का निर्माण शुरू होना तो दूरए श्रम मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार ही खत्म नहीं हो रहा।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से डिस्पेंसरी खोलने की घोषणा के बाद जिले के हजारों श्रमिकों को उम्मीद थी कि उन्हें इलाज के लिए जयपुर या कोटा के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मगर एक साल बीतने के बावजूद यह उम्मीद हकीकत में नहीं बदल सकी। जमीन की सफाई के बाद योजना आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दिशा.निर्देश नहीं आए और पूरा मामला फाइलों तथा इंतजार के बीच उलझकर रह गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब डिस्पेंसरी खोलने की योजना प्रस्तावित थी और जगह भी चिह्नित कर ली थीए तो अब तक निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुईघ्
बबूल कटेए रास्ता साफ हुआए फिर क्यों थम गई रफ्तार
ईएसआई डिस्पेंसरी के लिए बजरिया स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर के पीछे जमीन चिह्नित की गई थी। करीब एक साल पहले यहां उगे पेड़.पौधों और बबूल की कटाई कराकर सफाई करवाई गई थी। इससे लगा था कि अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। लेकिन सफाई के बाद योजना की रफ्तार ऐसी थमी कि आगे की कार्रवाई का इंतजार ही बना हुआ है। उधरए अब उसी खाली जगह पर फिर से पेड़.पौधे व अनावश्यक खरपतवार उग गए है।
नौ जर्जर भवनों के आसपास सफाईए निर्माण अब भी दूर
प्रस्तावित डिस्पेंसरी स्थल के पास कर्मचारी राज्य बीमा निगम कार्यालय के निकट नौ जर्जर भवन स्थित हैं। इन भवनों के आसपास सफाई अभियान चलाकर बबूल के पेड़ हटाए गए थे। ये भवन वर्ष 1961 में बनाए गए थे और अब जर्जर हालत में हैं। परिसर में आगे चारदीवारी निर्माण की योजना भी प्रस्तावित हैए लेकिन फिलहाल डिस्पेंसरी के निर्माण को लेकर कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। ऐसे में साफ.सफाई और शुरुआती तैयारियों पर खर्च हुई मेहनत के बावजूद आमजन को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
10 हजार से अधिक श्रमिकों की उम्मीद अधर में
जिले में 10 हजार से अधिक श्रमिकों को ईएसआई डिस्पेंसरी खुलने से चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। जिला मुख्यालय के साथ बौंलीए गंगापुर सिटी और मलारना डूंगर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैंए जहां श्रमिक काम करते हैं। डिस्पेंसरी शुरू होने पर पात्र श्रमिकों और उनके परिजनों को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचारए दवाइयां और नियमित जांच जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। फिलहाल योजना अटकी होने से इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा। श्रमिकों के लिए घोषित यह राहत कब हकीकत बनेगीए इसका जवाब भी जिम्मेदारों के पास स्पष्ट नहीं है।
योजना का उद्देश्य इलाज की सुविधाए हकीकत में इंतजार
कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत पात्र श्रमिकों को चिकित्साए मातृत्वए दिव्यांगता और मृत्यु की स्थिति में निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना से जुड़े श्रमिकों को निर्धारित डिस्पेंसरी में इलाजए दवाइयों और विशेषज्ञ परामर्श जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके बावजूद सवाईमाधोपुर में प्रस्तावित डिस्पेंसरी का निर्माण शुरू नहीं होने से स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। घोषणा के बाद जरूरी प्रक्रिया आगे नहीं बढऩे से श्रमिकों की उम्मीदें लगातार लंबित हैं।
इनका कहना हैण्ण्ण्ण्
बजरिया पीएचसी परिसर में ईएसआई डिस्पेंसरी बनना प्रस्तावित है। इसके लिए जगह चिह्नित कर पिछले वर्ष साफ.सफाई भी कराई गई थीए लेकिन फिलहाल श्रम मंत्रालय की ओर से इस संबंध में गाइडलाइन नहीं आई है। ऐसे में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है।
राजेश फागणाए प्रबंधकए ईएसआई सवाईमाधोपुर