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  • 3 hours ago
स्वर्णनगरी के समीपस्थ बड़ाबाग क्षेत्र स्थित नगरपरिषद के डम्पिंग यार्ड में गोवंश के शवों को खुले में बिखरा छोडऩे का हृ़दय विदारक मामला सामने आया है। इस घटना ने नगरपरिषद प्रशासन, मृत पशु उठाने वाले ठेकेदार और संबंधित जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पत्रिका टीम मौके पर पहुंची तो बड़ी संख्या में मृत गोवंश के शव अस्त-व्यस्त हालत में पड़े दिखाई दिए। इस दृश्य से आमजन की भावनाएं भी आहत हुई हैं। स्थानीय बाशिंदों ने नगरपरिषद की कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। लोगों का कहना है कि एक ओर गोसंरक्षण और स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर मृत गोवंश के सम्मानजनक निस्तारण तक की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। भीषण गर्मी में खुले में पड़े शवों से दुर्गंध फैलने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ अमानवीय संवेदनहीनता करार दिया है।

ठेकेदार को नोटिस जारी किया

मामले के तूल पकडऩे के बाद नगरपरिषद प्रशासन हरकत में आया। परिषद आयुक्त की ओर से मृत पशुओं के शव उठाने वाले ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मृत पशुओं का समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए था, लेकिन इसमें गंभीर अनियमितता सामने आई है। नगरपरिषद प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी होने के बाद ठेकेदार की ओर से आनन-फानन में मशीनरी और वाहन मौके पर लगाए गए। डम्पिंग यार्ड में बिखरे शवों को एकत्रित कर उन्हें उठाने और शेष शवों का गड्ढा कर डिस्पोजल शुरू किया गया। परिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा ने बताया कि कुछ घंटों में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सवाल यह है कि यदि मामला सामने नहीं आता तो क्या यह स्थिति यूं ही बनी रहती? इस मामले से नगरपरिषद की निगरानी व्यवस्था और सफाई तंत्र की वास्तविकता उजागर हुई है। दूसरी ओर नगरपरिषद ने मृत पशुओं के उठाव और हड्डी निस्तारण कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। परिषद की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि मृत पशुओं को खुले में फेंके जाने से वातावरण दूषित हो रहा है व स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मृत पशु उठाने, चमड़ा एवं हड्डियों के ठेके का कार्य बाड़मेर जिला निवासी गोपाराम को करीब 18 लाख रुपए में दिया हुआ है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में मृत पशुओं को डम्पिंग यार्ड में गड्ढा खोदकर दबाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है। परिषद ने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वे नोटिस के संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं बरतें।

जिम्मेदार बोले- यहां से आए इतने पशु

डम्पिंग यार्ड में मृत मिले पशुओं के बारे में नगरपरिषद प्रशासन का कहना है कि सभी पशु स्वाभाविक रूप से मृत हुए हैं।

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00:10I'm sorry, you are a little bit tired, but I'm sorry, I can't get it.
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