00:17ुपुरुक्षेत्र युद्ध से ठीक पहले पांड की विजय सुनिष्चित करने के लिए देवताओं ने एक चाल चली
00:23देवराज इंद्र एक बूढे भिक्षुक का रूप बदल कर करन के द्वार पर अचानका पहुँचे भिक्षुक बने इंद्र ने दान
00:30में करन से उसका जन्मजात कवच और कुंडल मांग लिया
00:34अपनी मृत्यू का ज्यान होने के बावजूद दानवीर करन ने बिना एक पल जिजक के सब कुछ दान कर दिया
00:40कवच शरीर से अलग होते ही चारों तरफ हाहाकार मच गया और धर्ती काम उठी
00:45प्रसन होकर देवराज इंद्र ने करन को अपना सबसे शक्तिशाली अस्त्रवास्वी शक्ती उफार में दिया
00:52लेकिन इस महान त्याग ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में करन की मृत्यू का मार्ग हमेशा के लिए तै कर दिया
00:58इतिहास गवाह है कि ऐसा दानवीर और योद्धा ना कभी हुआ था और ना कभी होगा
01:04सनातन धर्म के ऐसे ही अनसुने रहस्यों को जानने के लिए अभी पेज को लाइक और फॉलो करें