00:00मैंने हमेशा लड़कियों से दूरी बना कर रखी बट फिर भी उनके खयाल मेरे मन में चलते रहते हैं
00:05आप जवान हैं और आप कहते हैं कि किसी लड़की से आपकी दोस्ती नहीं है तो आप बीमार हैं
00:10आप वहरागी नहीं है, आप ब्रहमचारी नहीं है, आप सचरित्र नहीं है, आप बीमार है
00:16बड़ा अच्छा लड़का है, किसी लड़की से बात नहीं करता
00:19मनोरोगी है, विक्षिप्थ है, पागल है, कौन है
00:24जीवन है जिसमें इस्त्री भी पुरुष भी है
00:26अगर कोई आपको लटका मिलगा है जो कहरा है
00:28कि मेरी उपलबधि मेरी श्रेश्टता ही यही है
00:31कि मैं लडकियों से जादा बातचीत नहीं करता
00:32घुलता मिलता नहीं
00:33तो यह आदमी बीमार है
00:36इस बात को
00:37उसकी श्रेष्ठता मत मानिये उसको चरितरवान होने का तमगा मत पहना दीजिए
00:42कि बहुत चरितरवान है हमारा सोनू 30 साल का हो गया
00:47जानता ही नहीं है लड़की जैसी कोई चीज होती है कि नहीं
00:51ये महापाक हंडी है और अब इसका ब्याहा जिससे करोगे वो बैचारी कुछली जाएगी
00:58उसके बाद हम बना देंगे ये स्कूल्स लड़कों के अलग लड़कियों के अलग
01:04कतारें बना देंगे महिलाओं के अलग पुरुशों के अलग
01:07मैं कुछ हद तक उसका कारण भी समझता हूँ
01:09कतारों में हर तरह के पुरुश होते हैं
01:11वो पाइदा उठाने की ताक में रहते हैं
01:13वो ठीक है वो अलग है
01:14लेकिन सिधान्त तोर पर ये सब बातें
01:18रुग्ण हैं, डिजीज्ड हैं
01:20इस्तरी पुरुश को इतना अलग-अलग कर देना
01:23मनोवग्यानिक विकार को जन्म देता है
01:26उसी से ये सब होती हैं
01:28फोर्स प्रेग्नेंसीज और इतने रेप्स
01:31हेल्दी रिलेशन्शिप
01:32बिट्वीन आल डिस्टिंक्ट एंटिटीज
01:36किसी भी तरह के डिवीजन
01:39को बहुत महत्तो मत दिया करो
01:41मैं अमीर हूँ तो गरीब से कैसे बात कर लूँ
01:44नहीं
01:45मैं उत्तर भारत का हूँ
01:46दक्षण भारत वालों से कट कर रहूँगा कैंपस में भी
01:49कैंपस में भी रीजनल ग्रुप्स बने रहते हैं
01:51ये तेलगू वालों का है ये तमिल वालों का है
01:54ये पंजाबियों का है ये दिल्ली वालों का है ये बंबई वालों का है
01:57किसी भी तरह के डिवीजन
02:00की रेखा खीचने वाला कौन है उसको पकड़ो
02:04वही है इगो सेल्फ
02:07डिवीजन माने वाइलेंस
02:09जो भी मुझसे कुछ अलग है
02:11वो मारा जाएगा
02:12या फिर इस तरह से उसका इस्तिमाल होगा
02:15कि मेरे स्वार्थों की पूर्ति हो
02:18अब शादी करके पत्नी को मार नहीं देते
02:20पर उसका इस्तिमाल करते हो
02:21सारे स्वार्थों की पूर्ति के लिए
02:22यही बात महिलाईं भी करती है
02:25पतियों का इस्तिमाल करती है स्वार्थों की पूरती के लिए
02:27सहज रहो
02:29थोटे बच्चों को देखा है
02:30वो जानोर उसाथ खेलना शुरू कर देते है
02:32उनको यह नहीं है कि अलग प्रजाती का है
02:35फोटा बच्चा है वो चूजे के साथ खेलेगा
02:37उसके बाद माबाप उसको सिखा देंगे
02:38कि चिकन सूप पीना चाहिए
02:40तो फिर उसी चूजे को मारके खा जाएगा
02:42यह बात याद रखोगे
02:43और यह लड़कियों के लिए भी और ज़रूरी हो जाती है