00:00मस्त
00:02ये शब्द जीवन में लाओ
00:03अब में इसे पहुतों के शकल पर वो चीज है नहीं
00:07क्या मस्ती
00:09दिन में आठ दस बार इसका प्रयोग होता चले
00:14वे पुछे कैसे हो
00:15तो एक शण पहले चुप हो जाओ
00:19जैसे उठने दे रहे हो
00:22और फिर बोलो मस्त
00:25गवरा आगे भागेगा
00:29पही पूछने आए
00:30हे कैसे हो
00:31तो आख बंद करो
00:34बीतर से ऐसे महसूस करो
00:37और फिर अस्त
00:44वो जूट बोला है
00:49और लोग धर्म क्या सिखाता है
00:52कोई आया पूछा कैसे हो
00:55तरस्त
00:58लोग धर्म
01:00से धर्म की यात्रा
01:02तरस्त से मस्त तक की यात्रा है
01:06बुलंद और बिंदास मस्ती
01:08अन अपोलोजेटिक मस्ती
01:11हाँ मस्त हैं और ये कोई शर्म की बात है
01:16कैसे हो
01:17साधारन भी नहीं बोलेंगे जी मस्त हैं
01:20मस्तत उस भाव के साथ आना चाहिए जो है
01:25अभ्यास करियेगा
01:29और अपना वीडियो बना के डालिये
01:31कैसे पूरे डर भी लगता है
01:35शरम भी आती है
01:38कैसे बोल दू की आनन्दित हूं
01:42विशेशकर अगर महिला हूं तो
01:45मैं लाजना हो दे
01:49मस्ती बताबत है
01:56विशेशकर पुझार यह बहा समझो है
01:58और यह सब बोलने से पहले कीमत चुका देना
02:02शर्त है
02:06यह अभ्यास की व्यवहार की अभिने की बात नहीं है
02:10पाखंडी हो जाओगे
02:12अरजित करना बढ़ता है
02:16यह मस्ती सस्ती नहीं
02:18युगानी बढ़ती है कीमत
02:20यह ﷻ
02:22यहाeting प्रेशक्स की नहीं है
02:25यह चार्ड का अर्फेशक्स
02:26झाल झाल