00:03मेरी आठ महीने की मेहनत बरबाद हो गई
00:06ये कहना है एक युवक्का जिसने मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ किया था
00:11लेकिन कुछी हफ्तों बाद नदी फिर से गंदी हो गई
00:30अधान यहां एक मेरे मन में शूनने सम्मान है अपने स्वार्थों के अलावा किसी भी और चीज
00:35के लिए मेरी अपनी शुचता सच्छता का मुझे खयाल रखना है दुनिया गंदी यह तो होती रहे
00:41स्वार्थ फिर मैं क्यों इस बात की फिक्र करो कि दुनिया गंदी हो रही है कि मुहला गंदा पड़ा हुआ
00:49है क्या फर्क पड़ता है