00:00साउदी अरब का पवित्र शहर मक्का ये सिर्फ एक शहर नहीं है बलकि दुनिया भर के करोडों मुसल्मानों की आस्था
00:07का सबसे बड़ा केंडर है यही वो जगा है जहां काबास थे थे जिसकी ओर रुक करके दुनिया का हर
00:13मुसल्मान दिन में पांच बार नमाज अधा करता
00:16है यही वो पवित्र स्थल है जहां हर साल लाखो श्रधालू हज और उम्राह के लिए पहुँशते हैं जामीर हो
00:23या गरी सब एक जैसे सफेद कपडों में सिर्फ एक ईश्वर की भक्ती में लीन होते हैं मक्का शान्ती पवित्रता
00:32और आस्था का प्रतीक माना जाता है रेक
00:45प्लील कृत्य करने की आरोप में दो बांगलादेशी नागरे को नजरुल इसलाम अब्दुल बशीर और सित्ती अक्तर को सजाय मौत
00:53यानि फासी दे दे गई है लेकिन इस पूरे घटना में सबसे हैरान करने वाली बात कि यह है कि
00:59इस फासी की खबर खुद बांगलादेश
01:00के दूतावास तक को भी नहीं थी आखिर मक्का के उस मजद में उस दिन क्या हुआ था कि इस
01:06मामले को तीन साल तक सारवजनिक नहीं किया गया और बिना किसी पूर्व सूचना के यह पास ही क्यों दे
01:12गए आज के इस रिपोर्ट में हम इस पूरी कहानी की एक एक परत खो ल
01:30पहतर भविष्य का सपना लेकर काम के सिलसले में साउधी अरब जाता है उसी दौरान सिती अक्तर नाम की एक
01:37बांगलादेशी महिला भी साउधी में रह रही थी
01:39साउधी अरब पहुचने के ठीक 6 महीने बार यानि साल 2023 के शुरुवाती महीनों में अचानक साउधी अरब की पुलिस
01:47इन दोनों को हिरासत में ले लीती है
01:49उन पर आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने पवित्र शहर मक्का की एक मज़ित के अंदर अनैतिक क्रित्य यानि अशलील
01:55हरकत की है
01:56पुलिस दोनों को पकड़ती है और अदालत में पेश करती है लेकिन इसके बाद जो होता है उसकी खबर किसी
02:02को नहीं लगती
02:02मामला अचानक गहरी खामोशी में चला जाता है
02:07तीन साल का सन्नाटा और गुप्ट कानूनी प्रक्रिया
02:10अंदराश्टे नियमों के मताबिक अगर किसी विदेशी नागरे को किसी दूसरे देश में गिरफतार किया जाता है
02:16तो उस देश के दूताबास को तुरंट खबर दी जाती है ताकि आरोपी को कानूनी मदद मिल सकी
02:21लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ
02:25साउदी पुलिस ने दोनों को जेल में रखा
02:27मामला अदालत में गया और निचली अदालत ने दोनों को मका की मज़ित की मर्यादा तोडने के जुर्म में सीधे
02:34मौत की सजा सुना दी
02:35इसके बाद केस साउदी अरब के सबसे बड़े कोड यानि सुप्रीम कोड गया
02:40सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहरा
02:44अंत में साउदी के शाह का अदेश जारी हुआ और 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को फासी पर लटका दिया
02:51गया
02:53यानि पूरे तीन साल तक केस चला, सजा तैह हुई और फासी भी दे दिया
02:58लेकिन ना तो उनकी परिवार को कुछ पता चला और ना ही जद्दा में मौजूद बांगलादेशी दूतवास को इसकी कोई
03:04जानकारी दी गई
03:0616 अक्टूबर का बयान और कूटनीती कुचार
03:0914 अक्टूबर को फासी हो गई लेकिन दुनिया के सामने ये बात दो दिन बाद आई
03:1316 अक्टूबर 2026 को साओधी सरकार के अधिकारिक समाचार एजनसी SPA ने ग्रे मंत्राले का एक बयान जारी की
03:21बयान में बहुत संचिप शब्दों में लिखा था कि मक्का की एक मज़िप में अश्लीलता फैलाने के आरोप में दो
03:28बांगलादेशी नागरिकों को मौत की सजा दे दी गई
03:32जैसे ही ये खबर बाहर आई बांगलादेशी दूलताबास में हरकम्प मच गया
03:36बांगलादेश के अधिकारियों ने साफ कहा कि साओधी अरब ने उन्हें पूरी प्रक्रिया फासे के बारे में पहले से कोई
03:43जानकारी नहीं दी थी
03:46बांगलादेश की विदेश राजमंत्री हुमायु कबीर को मीडिया के सामने आकर कहना पड़ा कि साउधी अरब की तरफ से जवनकारी
03:52साजहा करने में बहुत बड़ी चूक हुई है
03:55इसके बाद बांगलादेश सरकार ने साउधी एरब के विदेश मन्प्राले को एक पूटनी तिक पत्र भीज कर इस पूरे मामले
04:01पर अधिकारिक जवाब और पुष्टी मांगे
04:04बांगलादेश में गुस्सा और कड़े सवाल
04:06इस खबर के सामने आते ही बांगलादेश की लोगों में बहुत निराशा और गुस्सा फेल गे
04:11बांगलादेश की प्रमक्व विपक्षी पार्टी जमाते इसलामी के अध्यक्ष शफिक और रह्मान ने अपनी ही सरकार और दूतावास पर कड़े
04:18सवाल उठा
04:19उनने पूछा कि अगर विदेश में हमारे देश के नागरिकों कोफासी देवी जाती है और हमारे दूतावास को खबर तक
04:26नहीं होती तो फिर ये दूतावास वहां किस काम के लिए?
04:29क्या दूतावास ने अपनी जम्मेदारी निभाई?
04:32ये सवाल आज हर उस परिवार का है जिसका कोई न कोई सबस्य रोजी रोटी कमाने के लिए खाड़ी देशों
04:37में मजदूरी कर रहा है
04:43अब आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि क्या शलील हरकत करने पर किसी को सीधे मौत की
04:48सजा देव जा सकती?
04:49साओधी सरकार का कहना है कि ये फासी ताजीर कानून के तहती गई
04:53आएए बहुत असान शब्दों में समझते हैं कि ये ताजीर होता कि
04:56इसलामी नाय प्रणाली में तीन तरह की सजाए होती है
05:00अदूर जिनकी सजा धार्मिक गरंतों में पहले से तह
05:04किसास यानि खून के बतले खून कान्या
05:08ताजीर यानि जज़ का अपना फैसला या वेधिकार
05:11ताजीर कोई लिखी हुई कानून की किताब नहीं
05:14इस ज़ज को ये अधिकार देती है कि अगर कोई ऐसा अपराद हुआ है
05:17जो किसी आम कानून में नहीं आता
05:19तो ज़ज अपनी समझ से कोई भी सजा चुन सकता है
05:23ज़ज चाहे तो आरूपी को सिर्फ चेताबनी देकर छोड़े
05:26या फिर उसे सीधे मौत की सजा दे दे
05:28इस मामले में ज़ज नहीं माना कि
05:30क्यूंकि ए घटना मक्का की एक पवित्र मजज़त में हुई थी
05:33से बहुत गंभी रपरात है
05:35और इसी ताजीर के आधिकार का इस्तिमाल करते हुई
05:38दोनों को सीधे मौत क्यूंड दे दिया गया
05:41वो सवाल जुनके जवाब अभी भी गाया
05:44भले ही साउदी प्रसाशन ने इस मामले में कारवाई पूरी कर दी
05:48लेकिन इस कहानी में ऐसे कई सवाल है जिनके जवाब आज भी किसी के पास नहीं
05:53पहला सवाब
05:54साउदी अरब ने ये कभी उजागर नहीं किया कि ए घटना मक्का के किस मस्ज़त में हुई
06:00दूसरा सवाब
06:01अश्लील कृत्य में वास्तव में क्या हुआ था
06:04क्या वो कोई मामुली बाची थी या कुछ हो इसका कोई व्योरा नहीं दिया गया
06:09तीसरा सवाब
06:10ए घटना असल में किस सारिक को हुई थी और अदालत में ये केस कब तक चल
06:15चौत्था सवाब
06:16साउदी के स्थानी अखबारों ने भी इस पर कोई जाच नहीं गी बसरकार का अधिकारिक बयान चाप दिया
06:24अगर हम अधिकारों को देखे तो ये कोई अकेली घटना नहीं
06:27मानव अधिकार संस्था
06:29एमनेस्टिय इंटरनाशनल के मुताबिक अकेले साल
06:322026 के शिरुवाती 9 महीनों में ही साउदी अरब 175 से जादा लोगों को मौत की सजा दे चुका है
06:38और इन में से आधे से जादा लोग यानि कम से कम 94 लोग विदेशी नागरिक थे
06:43अक्सर गरीब देशों से आये इन प्रवासियों को ना अपनी भाशा का वकील मिलता है
06:48और ना ही उनके देश के दूतावास को समय पर सूच ना दी जाती
06:51मक्का की उस मजजद में उस दिन क्या हुआ था
06:53इसका सच शायद अब हमेशा के लिए दफन हो चुका है
06:57किन इस खटना ने विदेशों में महनत मजदूरी करने वाले लाखो प्रवासियों की सुरक्षा
07:01और उनके कूटनीतिक अधिकारों पर एक बहुत बड़ा सवाल या निशान खड़ा कर दिया
07:06एक कहानी सिर्फ दो मोटों की नहीं
07:08कहानी है एक ऐसी विवस्था की जहां बंद कमरों में फैसले होते हैं
07:13और बिना किसी को बताए दो जाने खत्म कर दी जाती
07:16इस पूरे मामले पर आपकी क्या राहे हैं
07:18अपनी बात नेचे कॉमें सेक्शन में ज़रूर बताए
07:20फुलाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रही
07:24One India हिंग