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Faizullaganj Flood Ground Report: लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। घरों में भरा पानी उतरने के बाद अब गाद, बदबू, खराब घरेलू सामान और दोबारा जिंदगी शुरू करने की चुनौती सामने है। एक पीड़िता ने दावा किया कि उन्होंने मदद के लिए कंट्रोल रूम में 46 बार कॉल किया, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिली। लोग राहत सामग्री के बजाय अपने नुकसान का मुआवजा और जलभराव से स्थायी राहत की मांग कर रहे हैं। इस Ground Report में देखिए बाढ़ पीड़ितों की आपबीती, प्रशासन के राहत कार्यों के दावे और फैजुल्लागंज की जमीनी हकीकत।

Faizullaganj Flood Ground Report: Severe flooding in Faizullaganj, Lucknow, has left residents struggling to rebuild their lives. As floodwater recedes, families are facing damaged household goods, layers of mud, foul-smelling water and uncertainty about compensation. One resident claims she called the control room 46 times seeking help but did not receive timely assistance. Residents say relief supplies alone cannot cover their losses and are demanding compensation along with a permanent solution to recurring waterlogging. This Oneindia Ground Report captures the experiences of affected families, the administration’s relief claims and the ground reality in flood-hit Faizullaganj.

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~PR.540~HT.408~VG.HM~

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00:00मामाला कालोनी इस समय पानी में पुरी रट दूबी होई है
00:0620 दिन से उपर हो चुका है पानी निकाल नहीं सकी है
00:15जल ही जीवन है लेकिन जब यही जल जिन्दगी का सबसे बड़ा जंजाल बन जाये तो इंसान आखिर करे भी
00:22तो क्या
00:22हम बात कर रहे हैं यूपी की राजधानी लखन उस्थित फैजुला गंच की
00:26जहां गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा बारिश का पानी घरों में घुसा और देखते ही देखते लोगों की सालों की
00:32मेहनत पानी में डूब गई
00:33किसी का घर उजड़ गया किसी की दुकान बरबाद हो गई तो कोई अपने परिवार को सुरक्षित ठिकाने पर छोड़
00:38कर घर की रखवाली करने को मजबूर है
00:4020 दिन से ज्यादा बीच चुके हैं लेकिन मुसीबत अब भी बरकरार है
00:44कहीं घरों में गंदा पानी जमा है तो कहीं कीचड बद्बू और सांप बिच्छूओं का डर लोगों का पीछा नहीं
00:50छोड़ रहा
00:50अंधेरी गलियों में मुबाइल की टॉर्च के सहारे जिंदगी की जरूरतें तलाशते लोग
00:55घर पहुँचने के लिए ट्रैक्टर का सहारा और मदद के नाम पर 1000 रुपे तक वसूले जाने के आरोब
01:02सबसे दर्दनाग सवाल उन परिवारों का है जिनकी पूरी ग्रहस्ती तबाह हो चुकी है
01:07उनका कहना है हमें एक बोरी राशन नहीं अपना घर दोबारा बसाने के लिए मुआवजा चाहिए
01:12वन इंडिया हिंदी की इस एक्स्क्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में देखिये फैजुला गंज के जल प्रलय की पूरी कहानी
01:18पीडितों की जुबानी मौके की तस्वीरों के साथ और राहत के दावों की पड़ताल
01:24मामाला कालोनी इस समय पानी में पूरी तरह डूबी होई है कैमरामन हमारा आप दिखाईए सामने कैसे एक बुज़ूर्ग मैला
01:31हाथ में जोला लिए जा रही है पानी में शायद उसका वहाँ पे घर होगा ठीक है
01:39इतने सारे लोग यहां पर रहते हैं पूरी तरह ऐसे ही बच्चे आते होंगे जाते होंगे बारिश का पानीं तक
02:00कम से कम 20 दिन से उपर हो चुका है पानी निकाल नहीं सकी है
02:04आइए हम जानते हैं यहां के जो लोग हैं जो इस्थानिय पीड़ा है वह कैसे आते जाते होंगे क्या बिक्कते
02:13वह सामना कर रहे हैं
02:15हमारा सालें नाम यहां के रहने वाले हैं अपना आलान के रिए दूसरी गली में तो आपका आना जाना इसी
02:24रोट से रहता है?
02:28वाट के शोड़ा था जो यहीं से चले गए थे कई बार जो है एक सो बारा नमबर यह सब
02:38डायल के हैं कोई आया नहीं हम लोग बैटके बीबी के साथ में यहां रास्ते में जो है ना वाले
02:45मिले तो फिर बैठा लिए तो यहां चोड़ दिये थे विदी आप यह बताइए यह �
02:50अब विश्चाई में डूबा हुआ है आप पूरा पूरा महला पानी में डूबा हुआ है कब से पन्दरा बिस धन
02:55से दुबा हुआ है
03:02दूसरे जगे रह रहे तो फुरा घर पानी में निसान बना हुआ तारे तीन फिट पानी घर के अंदर रहे
03:13तो अब इस आप रेंट पर रह रहे तो यहां पानी भी भरा हुआ है
03:27क्या है कुछ भी नहीं है कुछ बने लिए नमैं के जो है नी रच बोड़ा ने rigtए करते हैं
03:43यहीं है पार्ण विवह की करते हैं ४ैंडी छूलै कोई बनीक
03:57आज हम लोग समान लेकर चले आएं
04:02जो आते मानी सब घत्म हो गया लिकिन यहां पर घता हूआ है
04:19बिवार्या फैल नहीं कोई सुनवाई कुछ होई नहीं घर में इतनी चीजें बरबाद हुए तबाव हो गई है अब बते
04:26हैं कैसे बनाएंगे
04:45बिवस्ता में चार बुतल पानी एक बोरी रासा और नाव आती थी बारा एक बज़े मैंने लिम्टेट पैतालीस को लेकी
04:54थी
04:54कंट्रोल रूम में कि हमारे इंसान बिमार है सारी कॉल हिस्टी पड़ी कोई सुनवाई नहीं थी ना कोई आया हुआ
05:00था पूरा मतलब कि गोटने तक पानी भरा हुआ तो क्या डेली ऐसे ही आते जाते डेली ऐसे अप डाउन
05:05हो रहा है परिवार में मैं हूँ मम्मी है भाई
05:24हमें उसे हमार मुआ चाहिए हमें एक बोरी रास्तन याद्व बतल पानी से कोई मतलब नहीं है उतना तुम आम
05:30कमा के भी लिए घर में और जो तबाह हुआ है जो तबाह हुआ है पर नीचर खराब हो गया
05:34सारी घर की रिष्टी तबाह होगी पर हम कहां सब्यवस्ता करेंग
05:39कि नाव जो चल रही है वो भी इसमें आपदा में अफसर तलात रहे हैं एक हजार रुपए लेते हैं
05:46अपने घर कर आएंगे अब इसका पानी नहीं निकल सकता है और जब रासन दिया जा रहा था हम लोग
06:05से हमारा अधार मांगा जा रहा था और जब ओड मांगने आएंगे
06:08अब हम भी आधार देख की ही ओड देंगे ऐसे नहीं देंगे अब बताइए उट के तहां जाएं तो बंद
06:14परे घरों पर बदाले तोड़े जा रहे हैं जब से वानी बराव मैं यहीं पर कंटी निवीटी रह रही है
06:20तो देंगे मेरा फास्ट ओट है मेरा फास्ट और इस �
06:28मुझे किसी कोट देना इस जो आता है वो वीडियो बनाता है यह राजनीति वह दंडा कैल आएंगे अपने वीडियो
06:36पर इसको कैसे बनाइंगे आप क्या चाहती है अब मारा जो नुकसान हुआ है हमको उसका चाहिए बिल्कुल नहीं जाएगी
07:04इतना ही पानी रहेगा बरसातों में भी इतना ही पानी भरा रहता है आपको यहां पर एक भी लाइट नहीं
07:14है और यहां पर लाइट जाती तो मिम्मन बारा-बारा घंड़ा बाद लाइट आती है
07:19अगर शिकायत करो तो बोलते एक घंडे में लाइट आएगी दो घंडे में लाइट आएगी हमेशा रहती है यह हमेशा
07:27रहती है अभी जिस गली से आप ट्रक्टर लेके आए हुए हैं उस गली में अजगर था शुकर मनाएं कि
07:33वहां कि लोग ने उसको मार दिया था इतना ब�
07:48पानी भरा हुआ यह कंसम एक मैना हो गया इस पानी को भरे उच तो आप आप ऐसी पानी में
07:55तैफ के निकलते हैं इतना इतने पानी आ जाता था गले गले तक निकल के जाते थे और इस गंदगी
08:00में आते साब बिच्छू सब यहां पर दिखाई देते थे हर तरीके से परेश
08:41यहां पर देखने भी नहीं है हमारा सूरज सर्मा नाम है
08:49एक समय करिणया धना के अवाज सर्मां सेक्ड़ देखता ह्या है
09:02हुआ और आपके के व्यूद्य स्याल कि 20 देखने करते और अभी तर्ब केतसी और साल चेशनिता दाव कि
09:16हमको यहां 19 साल हो गए 18 साल हो गए यह जो आज में बाल आई थी तब से हां
09:21हम आज 26 में बाल आई हमने बताओ पैसा मेरे पास नहीं बेश रुपर एक बंदे से मान के तब
09:26में सद्धी लाये तो बच्चे में रखाएंगे तिरपाल में अपने अपने जो हमारे यहां से मुश
09:52करें कि कल कर दो आरा हो आपको ग्यारा विजे राथन मिले गए आज तक का हमने का हमको को
10:01फोन नहीं है हमारा वहां रहे हमने चाहरे पार आपको तो एक अपने नहीं है
10:06देख लीजा अपने कंपले दिखा कि आप आया नहीं है बलाउट यह हमका जय स्री लाम वंदना आपके गर में
10:16पानी भर गया और समुसेबल खराब हो गया पानी गंदा आरहा है पीने को पानी नहीं है खाने को कुछ
10:26नहीं है यहां लोग आते हैं बाटने के लिए आते हैं
10:32बाटने फ़ेंगे उस तेदाब बाटने बाटने फर पानी भी नहीं मिला बता यहां पानी पीकर की जिएंगे वहें पढ़ा ही
10:48लिखाई सबंद हो गया कैसे जाएं आएं कैसे क्या करें
11:01वोट किया तो Yes
11:12वोट किया था सो ढशी की।
11:26कोई कोई कोई नहीं है कोई भी नहीं सुद्धा है हमारा मितलियत पर सर्मा नाम है आप इसी कजो लगन
11:33के तने वासी यहां किके साल से यहां रहा है
11:36यहां कम चेकम 11 साल हो रहे हैं यहां कितना पानी यहां तक भरा हुआ था परिवार परवार तो भी
12:01यहां को नो रहे नहीं मिला तो दुसरी जगा जाना पड़ा यह अपना घर है
12:05जे और किता महीना किराय जा रहा है कम से कम 2.000 महीना हो रहा हो रहा है किते
12:26दिन हो पानी निकली होगे लगबख आज पांचवा दिन है कि निकला है
12:42किवाल हो गई आय थे यहां पानी अगए निंभार है आगे तो और बाकि जैसे फाला एक दिन मिला था
12:52पानी मिला दू तीन बार आपनी भर गया था पानी पढ़े आप तार्या
13:02पानी में आना जाना वर्हता वह चत्र वहां जीना पर बैस्टे थे बड़े बड़े साहप आते थे
13:10भाँ पानी की विवस्था नाकामी की चक्कर में वह हो चुकी है यहाँ
13:48लोगों की नाराजगी सिर्फ बार को लेकर नहीं है
13:51सडक, जलनिकासी और आपदा के वक्त मदद की उपलभता जैसे सवाल भी सामने है
13:55प्रभावित परिवार पूछ रहे हैं कि हर साल समस्या जीलने के बाद भी स्थाई समाधान क्यों नहीं हो पाया
14:01बार की पूरी टाइम लाइन
14:03साथ सितंबर
14:04लंबे समय से जल भराव की शिकायत
14:06रिपोर्टों में कई महलों में पानी जमा रहने और हजारों लोगों के प्रभावित होने के दावे
14:11सत्ताई सितंबर
14:12गोमती का जलस्तर बढ़ा
14:14बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
14:18साथ से आठ अक्टोबर
14:20कई महलों तक पहुचा पानी
14:22फैजुल्ला गंच के अलग-अलग इलाकों में जल भराव, पलायन और रहत की मांग
14:269 से 14 अक्टोबर
14:28सुरक्ष ठिकानों पर गहे परिवार
14:29बिजली, आवाजाही, घरों की रखवाली
14:32और आजी विका की चुनौतियां
14:3315 से 18 अक्टोबर
14:35पानी घटा नुकसान सामने आया
14:37कीचड, बद्बू, खराब घरेल सामान
14:40और मुआवजे की मांग
14:41हेलो
14:41जी, जी, नमस्कार
14:44यह बताईए, यह फैजूला गंज में
14:46जो बागरस इलाका है, उसमें
14:48सरकार के तरफ से भी क्या-क्या
14:50रासमगरी या राज किस तरह की रास सरकार
14:52पहुचा रही है
14:54दिखे यह फैजूला गंज
14:56का वह छेत्र है, जो
14:58नदी से लगा हुआ इलाका है
15:00और गोमती का जलिस्तर
15:02बढ़ने से इस इलाका भरा हुआ
15:05जी, जी
15:06जहाँ पर, अब आज की स्थिति
15:08यह है कि पानी की निकासी
15:10लगबग हो चुकी है, पूरा पानी निकल गया है
15:12जब बाल यहाँ पर आई
15:14थी, पहली तारीक को
15:15पानी बढ़ना शुरू हुआ था
15:17लगबग मैं कह सकता हूँ
15:20कि 6 से 6.5 जार
15:22घरों तक यह पानी का
15:24प्रभाव रहा, उसमें
15:26प्रशाशन ने बहुत ही
15:27तुस्त और दुरस्त तरीके से
15:30अगले दिन से ही वहाँ पर
15:32विवस्थाएं
15:33सुनिश्चित की
15:35उसमें नाव की विवस्था की गई
15:37जिससे लोग निकाले जा सकें
15:39और हर घर में जो लोग
15:41वहाँ पर थे उनको
15:43निकासी की विवस्था और उनको
15:45भोजन की विवस्था उनके लिए
15:47राशन केट उन तक पहुँचाई गई
15:48उसके बाद मानिया मुख्यमंत्री
15:51श्रिमान योगी आधितना जी ने
15:52हवाई सन पिछन पांच तारिक को किया था
15:54और उन्हों ने इस छेत्र के लिए
15:58जो लकनव राजधानी का यह छेत्र था
16:00जहां पर अभी बंधा नहीं था
16:02वहाँ पर बंधे की घुषना कर दी
16:05कि बंधा बनाया जाए अचाहिए जो
16:07बंधे की आप बात कर रहा है तो यह
16:08बंधा कब तक उमीद है कि
16:11बंध जाएगा या क्या उसका कोई समय
16:13सीमा निधार हुआ है भी
16:14इस साड़े पांच किलोमेटर लंबा बंधा है
16:17और इसमें थोड़ा समय लगता है
16:19लेकिन यह मुख्यमंत्री जी ने
16:21आदेश अभी परसों ही दिये हैं
16:23अतिस शीग्र से जल्द से जल्द
16:25इसका भूमी पूजन होके अर्थवर्ख शुरू हो जाए
16:27हम्याना प्रयास होगा
16:29सरकार का प्रयास होगा
16:30कि अगली बर्षाथ से पहले तक
16:31यहां पे लोगों को रात में जाए
16:33यह वहां कि स्थाने निवासी मांग है
16:36कि हमें मुआफ़ा मिले इस पर सरकार का
16:38क्या वो भी आकलन किया जाएगा
16:43कि अभी तो पहले लोग घर बापसी करने है
16:46उसके बाद उसका आकलन होगा
16:48और उसमें जो सहर संबब मादत होगी
16:49तो कहीं ना कहीं सरकार
16:51ने सिफ और सिफ खाना पूर्टी किया
16:54और मैं सबसे बड़ी बात मुझे जो लगती है
16:56कि आखिर ऐसी नौबत आई क्यों
16:58क्यों नहीं सरकार अभी तक सपस्ट कर रही है
17:00कि ये बाड़ आई कहां से
17:01अभी तक ये रीजन नहीं दे पाई कि पानी कहां से आया
17:05क्योंकि
17:06क्योंकि ये बाड़ नहीं थी
17:07कैसे आया कहां से आया अब ये तो सरकार को
17:23होई है और इसी दौरान दो लाशें भी वहां पर बरामद हुई एक कुछ दिन पहले और एक अभी तीन
17:32दिन पहले वह उस लाश को तो कुटा खा राता उसकी वीडियो आई है तो मतलब बहुत ही दुख की
17:37बात है कि क्या पेट्रोलिंग की चोरी की समस्या है कि इतनी जादा �
17:40बड़ी लोगों के घरों में चोरियां हुई है तो ये तो बहुत ही बुरा था कि और लोग अपनी प्राइवेट
17:46नाओ कर रहे थे लोग पैसे पे कर रहे थे कई की जगातों तो ये तो कहना कि हमने बहुत
17:51हेल्प करी है या ऐसा हो है तो सरकार को तो पहले जवाब दिनी च
17:58तो अभी पैसर दिया तो आप सवाल यह है कि नीरेज बुरस जी this दो सबसे पहले सवाल यह पूचा
18:03जाना चाहिये कि जब हम एकमाहिने से प्रोल्टेस्स कर रहे थे तो वह क्या कर रहे थे अगर किसी चेतर
18:10में एक महाहिने सजनत्त आ आपकी सड데़ग पर है तो आप क्या क
18:13कर रहते फिर सवाल तो यह है ना कि यह नौबत आई क्यों बिलकुल बिलकुल और अगर आप बोल रहे
18:20हैं कि यह दैवी आपदा है तो उसको गोशित करिए कि यह आपदा दी और उसका मुआफजा दे करिए प्रतिक
18:26परिवार को मुआफजा दीजे नगर निगम के मुताबिक
18:29जलनिकासी, सफाई और मच्छर नियंतरन के लिए ये इंतिजाम किये गए अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में रोजाना सौ से देड़
18:35सो शिकायते मिलने की बाद भी कही लेकिन स्थानिये लोगों का सवाल है कि मुख्य सडकों से आगे बढ़कर घरों,
18:41गलियों और खा�
18:58झाल आग झाल

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