00:00मामाला कालोनी इस समय पानी में पुरी रट दूबी होई है
00:0620 दिन से उपर हो चुका है पानी निकाल नहीं सकी है
00:15जल ही जीवन है लेकिन जब यही जल जिन्दगी का सबसे बड़ा जंजाल बन जाये तो इंसान आखिर करे भी
00:22तो क्या
00:22हम बात कर रहे हैं यूपी की राजधानी लखन उस्थित फैजुला गंच की
00:26जहां गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा बारिश का पानी घरों में घुसा और देखते ही देखते लोगों की सालों की
00:32मेहनत पानी में डूब गई
00:33किसी का घर उजड़ गया किसी की दुकान बरबाद हो गई तो कोई अपने परिवार को सुरक्षित ठिकाने पर छोड़
00:38कर घर की रखवाली करने को मजबूर है
00:4020 दिन से ज्यादा बीच चुके हैं लेकिन मुसीबत अब भी बरकरार है
00:44कहीं घरों में गंदा पानी जमा है तो कहीं कीचड बद्बू और सांप बिच्छूओं का डर लोगों का पीछा नहीं
00:50छोड़ रहा
00:50अंधेरी गलियों में मुबाइल की टॉर्च के सहारे जिंदगी की जरूरतें तलाशते लोग
00:55घर पहुँचने के लिए ट्रैक्टर का सहारा और मदद के नाम पर 1000 रुपे तक वसूले जाने के आरोब
01:02सबसे दर्दनाग सवाल उन परिवारों का है जिनकी पूरी ग्रहस्ती तबाह हो चुकी है
01:07उनका कहना है हमें एक बोरी राशन नहीं अपना घर दोबारा बसाने के लिए मुआवजा चाहिए
01:12वन इंडिया हिंदी की इस एक्स्क्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में देखिये फैजुला गंज के जल प्रलय की पूरी कहानी
01:18पीडितों की जुबानी मौके की तस्वीरों के साथ और राहत के दावों की पड़ताल
01:24मामाला कालोनी इस समय पानी में पूरी तरह डूबी होई है कैमरामन हमारा आप दिखाईए सामने कैसे एक बुज़ूर्ग मैला
01:31हाथ में जोला लिए जा रही है पानी में शायद उसका वहाँ पे घर होगा ठीक है
01:39इतने सारे लोग यहां पर रहते हैं पूरी तरह ऐसे ही बच्चे आते होंगे जाते होंगे बारिश का पानीं तक
02:00कम से कम 20 दिन से उपर हो चुका है पानी निकाल नहीं सकी है
02:04आइए हम जानते हैं यहां के जो लोग हैं जो इस्थानिय पीड़ा है वह कैसे आते जाते होंगे क्या बिक्कते
02:13वह सामना कर रहे हैं
02:15हमारा सालें नाम यहां के रहने वाले हैं अपना आलान के रिए दूसरी गली में तो आपका आना जाना इसी
02:24रोट से रहता है?
02:28वाट के शोड़ा था जो यहीं से चले गए थे कई बार जो है एक सो बारा नमबर यह सब
02:38डायल के हैं कोई आया नहीं हम लोग बैटके बीबी के साथ में यहां रास्ते में जो है ना वाले
02:45मिले तो फिर बैठा लिए तो यहां चोड़ दिये थे विदी आप यह बताइए यह �
02:50अब विश्चाई में डूबा हुआ है आप पूरा पूरा महला पानी में डूबा हुआ है कब से पन्दरा बिस धन
02:55से दुबा हुआ है
03:02दूसरे जगे रह रहे तो फुरा घर पानी में निसान बना हुआ तारे तीन फिट पानी घर के अंदर रहे
03:13तो अब इस आप रेंट पर रह रहे तो यहां पानी भी भरा हुआ है
03:27क्या है कुछ भी नहीं है कुछ बने लिए नमैं के जो है नी रच बोड़ा ने rigtए करते हैं
03:43यहीं है पार्ण विवह की करते हैं ४ैंडी छूलै कोई बनीक
03:57आज हम लोग समान लेकर चले आएं
04:02जो आते मानी सब घत्म हो गया लिकिन यहां पर घता हूआ है
04:19बिवार्या फैल नहीं कोई सुनवाई कुछ होई नहीं घर में इतनी चीजें बरबाद हुए तबाव हो गई है अब बते
04:26हैं कैसे बनाएंगे
04:45बिवस्ता में चार बुतल पानी एक बोरी रासा और नाव आती थी बारा एक बज़े मैंने लिम्टेट पैतालीस को लेकी
04:54थी
04:54कंट्रोल रूम में कि हमारे इंसान बिमार है सारी कॉल हिस्टी पड़ी कोई सुनवाई नहीं थी ना कोई आया हुआ
05:00था पूरा मतलब कि गोटने तक पानी भरा हुआ तो क्या डेली ऐसे ही आते जाते डेली ऐसे अप डाउन
05:05हो रहा है परिवार में मैं हूँ मम्मी है भाई
05:24हमें उसे हमार मुआ चाहिए हमें एक बोरी रास्तन याद्व बतल पानी से कोई मतलब नहीं है उतना तुम आम
05:30कमा के भी लिए घर में और जो तबाह हुआ है जो तबाह हुआ है पर नीचर खराब हो गया
05:34सारी घर की रिष्टी तबाह होगी पर हम कहां सब्यवस्ता करेंग
05:39कि नाव जो चल रही है वो भी इसमें आपदा में अफसर तलात रहे हैं एक हजार रुपए लेते हैं
05:46अपने घर कर आएंगे अब इसका पानी नहीं निकल सकता है और जब रासन दिया जा रहा था हम लोग
06:05से हमारा अधार मांगा जा रहा था और जब ओड मांगने आएंगे
06:08अब हम भी आधार देख की ही ओड देंगे ऐसे नहीं देंगे अब बताइए उट के तहां जाएं तो बंद
06:14परे घरों पर बदाले तोड़े जा रहे हैं जब से वानी बराव मैं यहीं पर कंटी निवीटी रह रही है
06:20तो देंगे मेरा फास्ट ओट है मेरा फास्ट और इस �
06:28मुझे किसी कोट देना इस जो आता है वो वीडियो बनाता है यह राजनीति वह दंडा कैल आएंगे अपने वीडियो
06:36पर इसको कैसे बनाइंगे आप क्या चाहती है अब मारा जो नुकसान हुआ है हमको उसका चाहिए बिल्कुल नहीं जाएगी
07:04इतना ही पानी रहेगा बरसातों में भी इतना ही पानी भरा रहता है आपको यहां पर एक भी लाइट नहीं
07:14है और यहां पर लाइट जाती तो मिम्मन बारा-बारा घंड़ा बाद लाइट आती है
07:19अगर शिकायत करो तो बोलते एक घंडे में लाइट आएगी दो घंडे में लाइट आएगी हमेशा रहती है यह हमेशा
07:27रहती है अभी जिस गली से आप ट्रक्टर लेके आए हुए हैं उस गली में अजगर था शुकर मनाएं कि
07:33वहां कि लोग ने उसको मार दिया था इतना ब�
07:48पानी भरा हुआ यह कंसम एक मैना हो गया इस पानी को भरे उच तो आप आप ऐसी पानी में
07:55तैफ के निकलते हैं इतना इतने पानी आ जाता था गले गले तक निकल के जाते थे और इस गंदगी
08:00में आते साब बिच्छू सब यहां पर दिखाई देते थे हर तरीके से परेश
08:41यहां पर देखने भी नहीं है हमारा सूरज सर्मा नाम है
08:49एक समय करिणया धना के अवाज सर्मां सेक्ड़ देखता ह्या है
09:02हुआ और आपके के व्यूद्य स्याल कि 20 देखने करते और अभी तर्ब केतसी और साल चेशनिता दाव कि
09:16हमको यहां 19 साल हो गए 18 साल हो गए यह जो आज में बाल आई थी तब से हां
09:21हम आज 26 में बाल आई हमने बताओ पैसा मेरे पास नहीं बेश रुपर एक बंदे से मान के तब
09:26में सद्धी लाये तो बच्चे में रखाएंगे तिरपाल में अपने अपने जो हमारे यहां से मुश
09:52करें कि कल कर दो आरा हो आपको ग्यारा विजे राथन मिले गए आज तक का हमने का हमको को
10:01फोन नहीं है हमारा वहां रहे हमने चाहरे पार आपको तो एक अपने नहीं है
10:06देख लीजा अपने कंपले दिखा कि आप आया नहीं है बलाउट यह हमका जय स्री लाम वंदना आपके गर में
10:16पानी भर गया और समुसेबल खराब हो गया पानी गंदा आरहा है पीने को पानी नहीं है खाने को कुछ
10:26नहीं है यहां लोग आते हैं बाटने के लिए आते हैं
10:32बाटने फ़ेंगे उस तेदाब बाटने बाटने फर पानी भी नहीं मिला बता यहां पानी पीकर की जिएंगे वहें पढ़ा ही
10:48लिखाई सबंद हो गया कैसे जाएं आएं कैसे क्या करें
11:01वोट किया तो Yes
11:12वोट किया था सो ढशी की।
11:26कोई कोई कोई नहीं है कोई भी नहीं सुद्धा है हमारा मितलियत पर सर्मा नाम है आप इसी कजो लगन
11:33के तने वासी यहां किके साल से यहां रहा है
11:36यहां कम चेकम 11 साल हो रहे हैं यहां कितना पानी यहां तक भरा हुआ था परिवार परवार तो भी
12:01यहां को नो रहे नहीं मिला तो दुसरी जगा जाना पड़ा यह अपना घर है
12:05जे और किता महीना किराय जा रहा है कम से कम 2.000 महीना हो रहा हो रहा है किते
12:26दिन हो पानी निकली होगे लगबख आज पांचवा दिन है कि निकला है
12:42किवाल हो गई आय थे यहां पानी अगए निंभार है आगे तो और बाकि जैसे फाला एक दिन मिला था
12:52पानी मिला दू तीन बार आपनी भर गया था पानी पढ़े आप तार्या
13:02पानी में आना जाना वर्हता वह चत्र वहां जीना पर बैस्टे थे बड़े बड़े साहप आते थे
13:10भाँ पानी की विवस्था नाकामी की चक्कर में वह हो चुकी है यहाँ
13:48लोगों की नाराजगी सिर्फ बार को लेकर नहीं है
13:51सडक, जलनिकासी और आपदा के वक्त मदद की उपलभता जैसे सवाल भी सामने है
13:55प्रभावित परिवार पूछ रहे हैं कि हर साल समस्या जीलने के बाद भी स्थाई समाधान क्यों नहीं हो पाया
14:01बार की पूरी टाइम लाइन
14:03साथ सितंबर
14:04लंबे समय से जल भराव की शिकायत
14:06रिपोर्टों में कई महलों में पानी जमा रहने और हजारों लोगों के प्रभावित होने के दावे
14:11सत्ताई सितंबर
14:12गोमती का जलस्तर बढ़ा
14:14बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
14:18साथ से आठ अक्टोबर
14:20कई महलों तक पहुचा पानी
14:22फैजुल्ला गंच के अलग-अलग इलाकों में जल भराव, पलायन और रहत की मांग
14:269 से 14 अक्टोबर
14:28सुरक्ष ठिकानों पर गहे परिवार
14:29बिजली, आवाजाही, घरों की रखवाली
14:32और आजी विका की चुनौतियां
14:3315 से 18 अक्टोबर
14:35पानी घटा नुकसान सामने आया
14:37कीचड, बद्बू, खराब घरेल सामान
14:40और मुआवजे की मांग
14:41हेलो
14:41जी, जी, नमस्कार
14:44यह बताईए, यह फैजूला गंज में
14:46जो बागरस इलाका है, उसमें
14:48सरकार के तरफ से भी क्या-क्या
14:50रासमगरी या राज किस तरह की रास सरकार
14:52पहुचा रही है
14:54दिखे यह फैजूला गंज
14:56का वह छेत्र है, जो
14:58नदी से लगा हुआ इलाका है
15:00और गोमती का जलिस्तर
15:02बढ़ने से इस इलाका भरा हुआ
15:05जी, जी
15:06जहाँ पर, अब आज की स्थिति
15:08यह है कि पानी की निकासी
15:10लगबग हो चुकी है, पूरा पानी निकल गया है
15:12जब बाल यहाँ पर आई
15:14थी, पहली तारीक को
15:15पानी बढ़ना शुरू हुआ था
15:17लगबग मैं कह सकता हूँ
15:20कि 6 से 6.5 जार
15:22घरों तक यह पानी का
15:24प्रभाव रहा, उसमें
15:26प्रशाशन ने बहुत ही
15:27तुस्त और दुरस्त तरीके से
15:30अगले दिन से ही वहाँ पर
15:32विवस्थाएं
15:33सुनिश्चित की
15:35उसमें नाव की विवस्था की गई
15:37जिससे लोग निकाले जा सकें
15:39और हर घर में जो लोग
15:41वहाँ पर थे उनको
15:43निकासी की विवस्था और उनको
15:45भोजन की विवस्था उनके लिए
15:47राशन केट उन तक पहुँचाई गई
15:48उसके बाद मानिया मुख्यमंत्री
15:51श्रिमान योगी आधितना जी ने
15:52हवाई सन पिछन पांच तारिक को किया था
15:54और उन्हों ने इस छेत्र के लिए
15:58जो लकनव राजधानी का यह छेत्र था
16:00जहां पर अभी बंधा नहीं था
16:02वहाँ पर बंधे की घुषना कर दी
16:05कि बंधा बनाया जाए अचाहिए जो
16:07बंधे की आप बात कर रहा है तो यह
16:08बंधा कब तक उमीद है कि
16:11बंध जाएगा या क्या उसका कोई समय
16:13सीमा निधार हुआ है भी
16:14इस साड़े पांच किलोमेटर लंबा बंधा है
16:17और इसमें थोड़ा समय लगता है
16:19लेकिन यह मुख्यमंत्री जी ने
16:21आदेश अभी परसों ही दिये हैं
16:23अतिस शीग्र से जल्द से जल्द
16:25इसका भूमी पूजन होके अर्थवर्ख शुरू हो जाए
16:27हम्याना प्रयास होगा
16:29सरकार का प्रयास होगा
16:30कि अगली बर्षाथ से पहले तक
16:31यहां पे लोगों को रात में जाए
16:33यह वहां कि स्थाने निवासी मांग है
16:36कि हमें मुआफ़ा मिले इस पर सरकार का
16:38क्या वो भी आकलन किया जाएगा
16:43कि अभी तो पहले लोग घर बापसी करने है
16:46उसके बाद उसका आकलन होगा
16:48और उसमें जो सहर संबब मादत होगी
16:49तो कहीं ना कहीं सरकार
16:51ने सिफ और सिफ खाना पूर्टी किया
16:54और मैं सबसे बड़ी बात मुझे जो लगती है
16:56कि आखिर ऐसी नौबत आई क्यों
16:58क्यों नहीं सरकार अभी तक सपस्ट कर रही है
17:00कि ये बाड़ आई कहां से
17:01अभी तक ये रीजन नहीं दे पाई कि पानी कहां से आया
17:05क्योंकि
17:06क्योंकि ये बाड़ नहीं थी
17:07कैसे आया कहां से आया अब ये तो सरकार को
17:23होई है और इसी दौरान दो लाशें भी वहां पर बरामद हुई एक कुछ दिन पहले और एक अभी तीन
17:32दिन पहले वह उस लाश को तो कुटा खा राता उसकी वीडियो आई है तो मतलब बहुत ही दुख की
17:37बात है कि क्या पेट्रोलिंग की चोरी की समस्या है कि इतनी जादा �
17:40बड़ी लोगों के घरों में चोरियां हुई है तो ये तो बहुत ही बुरा था कि और लोग अपनी प्राइवेट
17:46नाओ कर रहे थे लोग पैसे पे कर रहे थे कई की जगातों तो ये तो कहना कि हमने बहुत
17:51हेल्प करी है या ऐसा हो है तो सरकार को तो पहले जवाब दिनी च
17:58तो अभी पैसर दिया तो आप सवाल यह है कि नीरेज बुरस जी this दो सबसे पहले सवाल यह पूचा
18:03जाना चाहिये कि जब हम एकमाहिने से प्रोल्टेस्स कर रहे थे तो वह क्या कर रहे थे अगर किसी चेतर
18:10में एक महाहिने सजनत्त आ आपकी सड데़ग पर है तो आप क्या क
18:13कर रहते फिर सवाल तो यह है ना कि यह नौबत आई क्यों बिलकुल बिलकुल और अगर आप बोल रहे
18:20हैं कि यह दैवी आपदा है तो उसको गोशित करिए कि यह आपदा दी और उसका मुआफजा दे करिए प्रतिक
18:26परिवार को मुआफजा दीजे नगर निगम के मुताबिक
18:29जलनिकासी, सफाई और मच्छर नियंतरन के लिए ये इंतिजाम किये गए अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में रोजाना सौ से देड़
18:35सो शिकायते मिलने की बाद भी कही लेकिन स्थानिये लोगों का सवाल है कि मुख्य सडकों से आगे बढ़कर घरों,
18:41गलियों और खा�
18:58झाल आग झाल