00:00अमेरिका के राश्टपती डोनाल्ड टरंप ने इजराइल चुनाव में बेंजमिन नितन्याहू का समर्थन किया है
00:05टरंप ने नितन्याहू को मजबूत, बहादूर और शांदार नेता बताया है
00:10साथ ही चेतावनी भी दी है अगर इजराइल ने किसी दूसरे नेता को चुना
00:15तो इरान के खिलाफ लड़ाई की जिम्मेदारी अमेरिका को खुद उठानी पर सकती है
00:20टरंप ने कहा क्यों वे ऐसा करने के इच्छुक नहीं है
00:24टरंप का ये संदेश ऐसे वक्त में आया है जब इजराइल में नितन्याहू की राजनीतिक इस्ति को लेकर चर्चा तेज
00:32है
00:32चार चुनावी सर्वे में उनकी लिक्विट पार्टी गैडी आईजिन कोट की याशर पार्टी से पीछे दिखाई दी रही है
00:39अमेरिका का समर्थन नितन्याहू के साथ है लेकिन इजराइल के भीतर चुनावी मुकाबला उनके लिए आसान नहीं दिख रहा है
00:47इरान के साथ टकराव, युद्ध का दबाव और सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटों का गड़ि तीनों उनकी राजनीती को
00:54प्रभावित कर सकते हैं
00:55इजराइल में 27 अक्तूबर को होने वाले चुनाव से पहले सामने आये इन सर्वे ने नितन्याहू के सामने एक बड़ी
01:02चुनोती रख दी है
01:03हाला कि सर्वे चुनाव के नतीजे नहीं होते और अभी किसी भी गटबंधन को साफ बहुमत मिलता नहीं दिख रहा
01:10है
01:11ऐसे में नतन्याहू के लिए मुकाबला केवल सबसे बड़ी पार्टी बनने तक सीमित नहीं है
01:16असली चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की भी होगी
01:22टरम्प के इस संदेश का महत इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने केवल नतन्याहू की तारीफ नहीं की
01:29बल्कि इजराइल के मद्दाताओं को एरान के मुद्दे पर चेतावनी भी दी है
01:33उनका कहना है कि नतन्याहू के अलावा किसी दूसरे नेता के आने पर अमेरिका को इरान के खिलाफ लड़ाई खुद
01:41लड़नी पर सकती है
01:42इस तरह टरंप ने इजराइल के चुनाओ को सीधे अमेरिका की सुरक्षा नीती और इरान के साथ जारी टकराओ से
01:49जोड़ दिया है
01:50टरंप ने इजराइल के लोगों के नाम जारी अपने संदेश में नेता बताया जिसने बेहत कठिन हालात में भी हार
01:58नहीं मानी
01:59उनके मुताबिक नेतन्याहू को अपने देश के भीतर से विरोध जहलना पड़ा लेकिन वे अपने फैसलों पर डटी रही
02:06टरंप ने ये भी कहा कि ऐसे दवाओं में आम लोग कमजोर पर सकते हैं जबकि नेतन्याहू ने मजबूती दिखाई
02:12है
02:13टरंप की ये तारीफ हितन्याहू के लिए चुनावी परचार में एक बड़ा सहारा बन सकती है
02:18हितन्याहू लंबे वक्त से खुद को इजरायल की सुरक्षा के लिए सबसे मजबूत नेता के रूप में प्यूश करती रहे
02:25हैं
02:25इरान के खिलाफ उनका सक्त रुख भी इसी राजनीती का हिस्सा है
02:30अब टरंप ने भी अपने संदेश में इसी मुद्दे को प्रमुखता दी है
02:34लेकिन इजरायल की राजनीती में केवल अमेरिका का समर्थन ही सब कुछ नहीं होता है
02:39वहां के मद्दाताओं के सामने अपने देश की सुरक्षा के साथ साथ सरकार के कामकाज, युद्ध के असर और भविश्य
02:47की दिशा जैसे मुद्दे भी हैं
02:49टरंप की अपील का कितना असर होगा इसका पता चुनाव के नतीजों के बाद ही चलपाएगा
02:55इरान के मुद्दे पर टरंप ने अपने संदेश में कड़ा रुख अपनाया, उन्होंने इरान पर पिछले 51 साल से इजराइल
03:02और अमेरिका को खत्म करने की धंतियां देने का आरोप लगाया, उन्होंने इरान में लगाये जाने वाले नारों का जिक्र
03:09करते हुए कहा कि इ
03:14टरंप ने डावा किया कि इरान की सैन और आर्थिक ताकत को विवस्थित तरीकों से कमजोर किया गया है, उन्होंने
03:21चेतावनी दी कि अगर इरान ने अपना रवया तेजी से नहीं बदला तो अमेरिका जल्द ही बाकी काम भी पूरा
03:28कर देगा, ये बयान दिखाता है कि टर
03:41कोनों देशों तक सीमित नहीं रहता, पश्रीमेशिया में बढ़ता तनाव इजराईल की सुरक्षा, छित्रिय स्थिर्ता और अंतराश्टिय संबंधों पर भी
03:49असर डालता है, ऐसे में इजराईल के अगले प्रधानमंतरी के सामने इरान से जुड़ी नीती एक बड़ी च
04:10और देश के भविश्य को लेकर जवाब मांग सकते हैं, चुनाव में मद्दाता इन दोनों पक्ष्यों को किस नजर से
04:18देखते हैं ये भी एहम होगा, अब बात उन चार सर्वे की जिनकी वज़ा से नितन्याहू की पार्टी चर्चा में
04:24हैं, इन सर्वे में गैडी आईजन
04:27कोट की याशर पार्टी आगे दिखाई दे रही है, चारो सर्वे के आउसत के मताबिक याशर को 21.5 सीटे
04:34और नितन्याहू की पार्टी को 19 सीटे मिलने का अनुमान है, यानि पार्टी इस तर पर आईजन कोट को बढ़ा
04:40दिखाई दे रही है, मारी और चैनल 13 के सर्वे में
04:44नितन्याहू की पार्टी को 13 सीटे मिलने का अनुमान है, चैनल 13 के सर्वे में याशर को 20 सीटे मिलने
05:01का अनुमान लगाया गया है, इन आकडों से पता चलता है कि चुनावी मुकाबले में नितन्याहू की पार्टी को चिनोटी
05:06मिल रही है, लेकिन किसी पार्टी का सर्वे म
05:09आगे होना और चुनाओ के बाद सरकार बना लेना दोनों अलग-अलग बाते होती हैं।
05:51नहीं दिखाई दे रहा है। यही इस चुनाओ का सबसे एहम पहलू है।
06:09मिलने का अनुमान हैं। इतने सांसदों का समर्थन किसी भी खेमे के लिए सरकार बनाने की कोशिश में महतपूर साबित
06:16हो सकता है।
06:21इसलिए उनके पास सीटे होने भर से ये तै नहीं हो जाता कि वे किस पक्ष को समर्थन देंगी या
06:28सरकार बनाने में शामिल होंगी।
06:33वेजराइल के पूर्व सेन प्रमुक रह चुके हैं और अब नितन्याहू को सीधे चुनावती दे रहे हैं।
06:39कि याशर पार्टी का सर्वे में आगे आजाना इस बात का संकेत है कि चुनावी मुकाबले में नितन्याहू की पार्टी
06:47के सामने एक मजबूत प्रतिदुन्दी मौजूद है लेकिन आजन कोर्ट के लिए भी सबसे बड़ी चुनोती अलग अलग दलों को
06:54साथ लाकर बहु
07:09की नेती इसराइल के हित में हैं दूसरा उन्हें चुनाव के बाद ऐसा गटबंधन बनाने की तैयारी रखनी होगी जो
07:16संसर में बहुमत का आकड़ा पार कर सके ट्रम का समर्थन उनके लिए राजनितिक रूप से एहम जरूर है लेकिन
07:24इससे चुनाव का नतीजा तै नहीं
07:38चुनाव के दिन लोगों का फैसला अलग भी हो सकता है 17 अक्टूबर को होने वाला चुनाव इसलिए केवल दो
07:46नेताओं या पार्टियों के बीच मुकाबला नहीं है इसके नतीजे ये टै करने में मदद करेंगे कि इजराइल की अगली
07:53सरकार किस दिशा में जाएगी इरा
07:56के साथ टकराव को लेकर उसका रुख क्या होगा और देर्श में सत्ता का गडित कैसे बनेगा फिलहाल टरंप खुलकर
08:03नितन्याहों के साथ खड़े हैं लेकिन सरवे उनकी पार्टी के लिए चुनावती दिखा रहे हैं दूसरी और आजनकोट की पार्टी
08:11को बढ़त मिलती
08:12दिख रही है मगर विपक्ष के सामने भी बहुमत जुटाने की मुश्किल है ऐसे में इस्रायल के चुनाव में सबसे
08:19बड़ी लड़ाई सिर्फ वोटों की नहीं बलकि चुनाव के बाद 61 सांसदों का समर्थन हासिल करने की भी होगी
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