00:00देश में एक समेधानिक लोगतंत्रिक व्यवस्था है, उसको नमानना और समेधानिक सस्थाओं को भी नमानना ये सीधी-सीधी अराजकता है
00:11अनार की
00:11और कहीं पर भी आपको खामी दिखती है और खामिया है विधाय कामे, कारे पाले कामे, नयाय पाले कामे, मीडिया
00:22में, समाज के हर क्षेत्र में, सिक्षा तंत्र में, चिकित्सा तंत्र में, क्रिशी तंत्र में, शासन तंत्र में, जहाँ जहाँ
00:30खामिया है
00:32उसके लिए आंदोलन भी होने ही चाहिए उसके लिए रिफॉर्म भी होने ही चाहिए उसके लिए जो भी करांतिकारी परिवर्तन
00:38होने ही चाहिए वो सब समिधान और लोकतंत्र के धारे में
00:42मुख्य चुनाया आयुक तो बनाने की भी एक समयधानिक लोगतांत्रिक प्रक्रिया है और उसके हटाने की भी एक समयधानिक लोगतांत्रिक
00:48प्रक्रिया है।
00:49सड़कों से ना तो आप समयधानिक संस्थाओं का संचालन कर सकते ना किसी व्यक्ति को प्रतिश्ठापित कर सेकते और ना
01:01किसी पद से उसको चित कर सकते
01:03उसका जो समयधानिक लोगतांत्रिक विद्विधान है उसको तो आपको आलना करने ही पड़े
01:11लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ही पर कई बार जब लोगों को शंका होने लगती है
01:22CGB का अभी चरीत्र क्या है इनका कंट्रिबूशन क्या है
01:26देश की लोकतांत्रिक सम्मेधानिक व्यवस्था और तानेबाने को ले करके सडकों से ले करके संसत्तक हंगामा है और कुछ लोग
01:36चाहते हैं कि अब रिजूमी चेंज हो जाए
01:40देश में एक समिधानिक लोगतांत्री की व्यवस्था है उसको नमानना और समिधानिक संस्थाओं को भी नमानना ये सिधी सिधी अराजकता
01:52है अनारकी है
01:54किसी भी पार्टी को देश में राज करना है उसके लिए एक विवस्ता उसका आदर करना चाहिए
02:02और कहीं पर भी आपको खामी दिखती है और खामिया है विधाय कामे कारेपाले कामे नयपाले कामे मीडिया में समाज
02:14के हर ख्षेतर में
02:16शिक्षा तंत्र में, चिकित्सा तंत्र में, कृष्षी तंत्र में, शासन तंत्र में, जहाँ जहाँ खामिया है, उसके लिए अंदोलन भी
02:24होने ही चाहिए, उसके लिए जो भी करांतिकारी परिवर्तन होने ही चाहिए, वो सब समिधान और लोक तंत्र के दैरे
02:33में होने चाहि
02:39बता है ना जो भी देश में हो वो लोक तंत्र और समिधान के दैरे में हो
02:48मुख्य चुनाया आयुक्त बनाने के भी एक समिधानिक लोकतंत्रिक प्रक्रिया है और उसके हटाने के भी एक समिधानिक लोकतंत्रिक प्रक्रिया
02:55है
02:55और सड़कों से ना तो आप समिधनिक संस्थाओं का संचालन कर सकते ना किसी व्यक्ति को प्रतिश्ठापित कर से और
03:07ना किसी पदद से उसको चुत कर सकते हैं.
03:10उसका जो समिधनिक लोगतांतरिक विद्विधान है उसको तो आपको पालना करने ही पड़ेगे.
03:18दसल
03:26लोगतांत्रिक व्यवस्था में जब बक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ही पर कई बार जब लोगों को शंका होने लगती है
03:41तो समाज में कुछ समाजिक संस्थाएं जहां अंगरीजमी सीबिल सोसाइटीज कहते हैं
03:51कुछ व्यक्ति जिनका प्रामाणिक चरित्र है जिनका कुछ देश के लिए योगदान वो उभर कर क्या आते हैं
03:57देश उनकी भी बात सुनता है अब सीजे भी का अभी चरित्र क्या है इनका कंट्रिबूशन क्या है और इनकी
04:05परिक्षा भी बाकी है लेकिन कुछ युवात उनके साथ ही जोड़ी रहें वो अच्छे मुद्य उठाएं और लोगतांत्रिक और समयधानिक
04:14दाइरे में रह कर
04:15देश के लोगों के युवाओं के लोगों के हित के कुछ काम करे तो हमारी शुक्काम रहे है