00:00वसुदा और देव की हल्दी में चल रही खूब बसते हैं लेकिन इसी बीच दोनों का रोमांस देकर आप भी
00:05मुस्कुरा उठेंगे
00:06देव अपनी होनी वाली धुलन वसुदा से मिलने पहुँच जाता है
00:09फिर दोनों के बीच कुछ ऐसे प्यारे पल देखनी को मिलते हैं लेकिन तबी दादी के एंट्री सब कुछ बदल
00:15देती है
00:15दरसल दादी हल्दी लेकर वसुदा की घर पहुंसती है और वहां देव भी आ जाते हैं
00:20और घर में हसी मजाक के बीच हल्दी के रस्म का माहल बन जाता है
00:24देव और वसुदा एक दूसरे के साथ प्यारे पल बिताते हैं
00:27देव वसुदा को हल्दी लगाते हैं और फिर उसी के हाथों से खुद को भी हल्दी लगाते नजर आते हैं
00:32दोनों की ये मस्तिय रोमैंस देखकर महुल काफी खुशनुमा हो जाता है लेकिन उनकी ये मुलाकास जादा देर तक नहीं
00:38चल पाती
00:38तबी वहाँ दादी आ जाती हैं और देव को डांट लगाती हैं दादी कहती हैं कि इस तरह शादी से
00:43पहले वसुदा से मिलना ठीक नहीं है फिर क्या दादी की डांट सुनते ही देव को वहाँ से जाना पड़ता
00:49है अब देखना दिल्चस्प होगा कि शादी की इन रस्मों के
01:21आप पर रुख जातु तू ने रुख जातू, मैं करू थारी रसम पूरी, वह इतने पार संखायो थारे, कि व्याह
01:35से पढ़े बन्या बन्या तूमिंटू
01:38कि चोलान बन्या से पहले lire टीजये, तो आप गलानो शरी को पारानि के से पारे, कि लीग मत 시क
01:52स्पवरणलordum.
01:55पता मेरा करहते, तो लेया हमता बन्या.
02:05मुछ ओडा इस कमरत mamah
02:07दिवची आईए चलके Sangdikri
02:10की काम सिर्टा मावड़री का, मैं ने की संगीिक का सिर्टा
02:14कापy कर इसे ज़यें?
02:20यहाँ दुच्पृ
02:20हंप
02:26झाल झाल