00:02देव और वसुधा ने किया सावित्री के जन्दिगी का बड़ा फैसला आखिर वसुधा ने क्या कह दिया ऐसा कि देव
00:10ने उससे रिष्टा तोड़ने का कर लिया फैसला
00:14सीरियल वसुधा का आने वाला एपिसोड बहुत जादा ड्रमाटिक हो चला है वल आप देखेंगे कि किस तरह से देव
00:20वसुधा दिव्या और पूरा परिवाल मिलकर चंद्रिका के खिलाफ जाकर सावित्री को कंविंस कर लेते हैं कि वो अपने शादी
00:27शुधा जिन्दगी को
00:28एक और मौका दे वो अपने पती के साथ रहना शुरू करें महीं उसी घर के गाडन में जारियों में
00:34छुपा सावित्री का पती जश्न मनाता है और शराब पीता है इस खुशी में कि उसने देव और वसुधा जैसे
00:40समझदार लोगों को बड़े घर के लोगों को बेवकू�
00:57बाब मांगे वो गुरुजी से सवाल करती है कि आखिर इस घर के कोई भी सदस्य बिना नाराज हुए क्यों
01:04नहीं मुझे स्विकार कर सकता और ऐसा क्या करूं जिसे प्रभात के जिन्दगी पर कोई भी हानी ना हो वेल
01:11इस दौरान गुरुजी बहुत सो समझ कर वसुधा से
01:13वक्त मांते हैं और वो वक्त होता है एक साल का गुरुजी बताते हैं कि एक साल तक वसुधा को
01:19घर के किसी भी सदस्य से ये सच नहीं बताना होगा और उसे घर के किसी भी सदस्य के साथ
01:26किसी भी तरह का कोई भी मेल जोल या रेक देख नहीं रखना होगा इस दौरान गुर
01:42कर देव के सामने आती है वह देव को यह सब कुछ कुछ बताना चाहती है वह संदक नजारा
01:48बिना यह बताय कि प्रभाद के जिन्दगी पर खत्रा है। कि उसे कि एक साल तक इन सब
01:53से दूर रहना होगा। बिना किसी तरह का कोई भी मेल जूल रखे बिना कि दूसरे
01:59देखे देखना तो दूर की बात दोनों इक दूसरे से फोन पर बात तक नहीं कर सकते वसुधा ने जैसी
02:05देव को ये बताया कि वो एक साल तक इस घर परिवार और उससे दूर रहने वाली है देव का
02:10गुसा सात्वे आसमान पर पहुंच गया देव कहता है कि आखिर किस अंध
02:27विश्वास में और चंद्रिका के अंध शड давно का साथ देते नजर आ रही है देव वसुधा की बाते सुनता
02:34है और अंत में आग बभुला होकर वसुधा को अपना फरमान सुना देता है देव वसुधा को कहता है
02:40कि तुम ये जो कुछ कर रही हो से हमारे रिष्टे में किबल और किबल दूरियां आएंगी और अगर तुम्हें
02:45यही मंजूर है तो यही सही आज के बाद हमारे रिष्टे का कोई मतलब नहीं होगा हम दोनों के साथ
02:51का कोई मतलब नहीं होगा तब तक जब तक तक तुम इस अ
03:10झाल झाल
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