00:01. . . . . . .
00:30चुछ के हाफने की आवाज ही आ रही थी उसके पूरे कपड़े कों से सने हुए थे जगा जगा खून
00:37के निशान शरीर पर कहीं जचा कट लगा हुआ था वो भागता हुआ बुरी तरह थक गया था एक पीर
00:45के नीचे खड़ा होकर गहरी सांस लेने लगा शिट यार कोछ समझ
00:53। । ।
01:25। ।
01:51बेस ब लोग साथ में फार्म हाउस पहुँचे
01:54कुछ भी बोलो
01:55मेरे चाचा का फार्म हाउस बहुत सुन्दर है
01:59हाँ यार
02:00वो तो है
02:01मगर यहां पर हम लोग अकेले क्या करेंगे
02:04और इस साथ में लड़कियां आती तो मज़ा आ जाता
02:07तुझे तो हर बग शराब और सबाब के अलावा कुछ नहीं सूचता
02:10तू तो बोल रहा था शहर से थोड़ी ही दूर है
02:13हम लोग जंगल के काफी अंदर आए हैं
02:15उसके बाद तेरे चाचा का फार्म हाउस है
02:19यार तू फिर से रोने लग गया
02:20मूड मत खराब कर यार
02:22थोड़ी देर बाद सब लोग मिलकर ड्रिंक करेंगे
02:25कहते हुए रोनीत एक कमरे में चला गया
02:28मनिश और वैभा वेक कमरे में थोड़ी देर आराम करने के बाद
02:32वे लोग बाहर आए और ड्रिंक करने लगे
02:35Oh, my birth is not broken
02:38Oh, my kitchen in the way
02:41I thought you're freezing in a birth
02:42So, my birth will be in a house
02:46It is not broken
02:47But the court is not broken
02:48But how many days
02:48I will not return
02:50Oh, my birth will be in a kitchen
02:53Or in a house
02:55So, I will see you
02:56I will see you
02:57It is broken
03:00So, my birth will be in a house
03:02Please, my birth will be in a house
03:05Please, my guns
03:05मुझे अकेले छोड़कर मत जा, मुझे डर लगता है
03:09ये सुनकर रूनित पहले जोर-जोर से हसा
03:12और फिर उसे समझाते हुए बोला
03:17वैभव मेरी जान, अरे हम लोग कॉलिज के फाइनल एर में हैं
03:21इस साल हम लोगों की जॉब लग जाएगी
03:23जॉब के सिलसिले में भी कहीं बार घर से बाहर अकेले रहना होगा
03:27तब तू कैसे मैनेज करेगा?
03:29वो सब मुझे नहीं पता, तू कहीं मत जा
03:32कहते हुए वो रूनित को रोकने की कोशिस करने लगा
03:36मगर रूनित नहीं रुका
03:38वह वहीं अकेला बैठ उन दोनों का इंतजार कर रहा था
03:42मगर दोनों में से कोई भी काफी देर तक वापस नहीं आया
03:48रूनित, मनेश, प्लीज मजाक मत करो
03:52कहाँ हो तुम लोग, देखो मैं यहाँ से चला जाओंगा
03:55कहते हुए उसने पलट कर देखा
03:58तो भी कोई वापस नहीं आया
04:00अब उसे डर लगने लगा था
04:03अरे यार, ये दोनों कहाँ चले गए
04:06तभी घर में कुछ अजीब सी आवाज आने लगी
04:10मानो कोई रो रहा हो
04:12वैभव उस आवाज की तरफ धीरे धीरे बढ़ने लगा
04:17वो आवाज बहुत तीखी होती गई
04:20अब वैभव को डर लग रहा था
04:23वो अपने दोस्तों को बाहर बाहर आवाज लगा रहा था
04:27मगर कोई भी उसकी आवाज नहीं सुन रहा था
04:31वो डर कर वहां से निकल गया
04:34और अब जंगलों में अकेले भाग रहा था
04:37पेड के नीचे खड़े होकर उसने थोड़ी देर गहरी सांस ली ही थी
04:42कि उसे किसी के चीखने की आवाज आवाज बाबाज इतनी तेज थी
04:49कि वो पूरी तरह से सहम गया
04:51उसके हाथ पहरों के रॉंग्टे खड़े हो गए
04:54इस जंगल में कोई है
04:56उसने बिना सोचे समझे फिर से भागना शुरू कर दिया
05:00वो धीरे धीरे अपने दोस्तों को आवाज भी लगा रहा था
05:05मगर ऐसा लग रहा था
05:07कि कोई उसके पीछे चल रहा है
05:10जब भी वो पलट कर देखा वहाँ पर कोई नहीं था
05:13तब ही उसे ठोकर लगी
05:16और वो जमीन पर गिर गया
05:19मुबाइल की रोश्णी में उसने देखा
05:21तो ये रोनित का बैग था
05:23जो वो हर वक्त अपने साथ रखता था
05:27रोनित का बैग यहाँ पर
05:28ये बैग तो फार्म हाउस में था
05:31वो उस बैग को उठा कर रोनित को आवाज देने लगा
05:34रोनेत, कहा हो तुम, मेरे सामने आओ
05:39आवाज देता हुआ, वो इधर उधर अपने दोस्तों को ढोन रहा था
05:44मगर कोई भी उसे नजर नहीं आता
05:46तभी वो एक पेड के नीचे आया
05:49तो पेड पर से उसके सर पर कुछ पानी की बूंदे टब गे
05:54उसने डरते हुए उन पानी की बूंद को हाथ में लिया
05:58तो वो पानी नहीं, बलकी खून था
06:02उसके मुँ से चीख निकल गई
06:05उसका दिल जोरों से धड़क रहा था
06:08उसने पेड पर देखा, तो कुछ नहीं था
06:12उसे कुछ समझने आ रहा था उसके साथ क्या हो रहा है
06:16तभी उसे रोनित की आवाज सुनाई दी
06:19वेभभभ, कहां जा रहे हो
06:22अरे, ये तो रोनित की आवाज है
06:26रोनित, कहां हो तुम मेरे सामने आओ
06:30But now the Hoonit was directly on the side of the door
06:35He had to reach into the back
06:37He started to increase the pressure
06:37Then he did his hand
06:39He was scared
06:40He was scared
06:43He was scared
06:44He has not been here
06:44He had to see who he has put the hand
06:48He has put the hand
06:50He had to keep the hand
06:50He was more powerful
06:51He had to be discouraged
06:53He would have taken the back
06:54but there was nobody who is not
06:57He's into his hands
06:58He looks at the hand of the blood of the night.
07:03He looked at the hand of the blood.
07:05He looked at the rain.
07:06He looked at the forest.
07:09He looked at the darkness.
07:11He looked at the grave.
07:19Mangish
07:20What are you trying to say
07:22Is this where you just drove
07:24This is what you want to say
07:29This is what you want to say
07:29And then he went to his own
07:31He took his hand over
07:32Then he went to his hand
07:34he rose
07:36It was no more
07:37You know what he did
07:39You can say something
07:39But manish
07:41Has no answer
07:44He had a smile
07:46He got the greeting
07:46He just got the
07:51But you saw it
07:53Oh no you're not
07:53Why did you leave?
07:55When he looked at the farm house
07:56You didn't have to go out
07:58You had to go out and never
08:00Why did he let you go out?
08:01I was afraid
08:02Why did he get out with you?
08:03Why didn't he go out?
08:04Why didn't he go out?
08:05Why didn't he go out?
08:06Why didn't he go out?
08:07Why didn't he go out?
08:07He did it
08:08But he got out
08:15But vener
08:16The one that he was
08:16the
08:17mass
08:19yeah
08:24.
08:43.
08:44.
08:46.
08:51ुश चाहर चेहरे पर मुसकान और आखों में अजीव जमक कहते हुए उसने अपना हाथ आगे बढ़ाया उसके आवाज सामान्य
09:05थी मगर वैभब के दिमाग में कुछ
09:15रोनित से चेरे पर गहरी गंभीरता थी वैभाब तू हमें अकेला छोड़ कर क्य�elt tutu पता है इस जगा मजाक
09:24नहीं किया जाता यहाँ जो एकबर रह गया वह बाहर नहीं निकल पाता।
09:28He was listening to his words, because when he was there, there was no one who was there.
09:35He was thinking that these people are afraid of us.
09:39You guys are afraid of us? Is this a prank? Is that a prank?
09:44Is that a camera where? Is that all?
09:46I don't know. I don't know. You are afraid of me.
09:48He was talking to me.
09:49He was talking to us.
09:52He was talking to us.
09:57The loudness of the man is yelling at us.
10:01It was a 까cue voice.
10:05A voice called me.
10:07aaaahhh!
10:07aaaahhh!
10:09aaaahhh!
10:10aaaahhh!
10:15aaaahhh!
10:17foreign
10:26foreign
10:27foreign
10:27foreign
10:29ुप दो और अधा खुला था अंदर अंधेरा पसरा हुआ जैसे ही वो अंदर गया उसके कदम अपने आप धीमे
10:43हो गये
10:43कमरे में वही अजीव सी गंध थी सडन खून और शराब का मिला जुलाया अशास अचानक उसकी नजर मेज पर
10:53गई वहां तीन गिलास पड़े थे उन में से दो में अब भी शराब थी मगर तीसरे गिलास में खून
11:02भरा था
11:03ये देख वैभब की रों कांप उठी उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था ये ये सब क्या हो
11:12रहा है उसी समय सीड़ियों से किसी के उतरने की आहट हुई
11:17वैभब ने टॉर्च जलाई वहां मनीश खड़ा था मगर इस बार उसकी आँखे लाल थी और उसके होठों पर खून
11:27के धब्बे
11:28क्या हुआ भाग क्यूं रहा है वैभब दोस्ति में इतना डर कबसे आने लगा
11:37कहते हुए वो जोर जोर से हसने लगा मगर वैभब की जान निकल गई और वो डर कर पीछे हट
11:46गया
11:47तब ही अचानक पीछे से रोनित ने उसकी गर्दन पकड़ ली
11:52तुझे पता है हम यहां क्यों लाए थे
11:57वैभब घवरा कर उसकी और देखने लगा
12:00क्यों क्यों लाए थे क्योंकि फार्म हाओ स्रफ एक घर नहीं
12:07यह हमारी परिक्षा का मैदान है और तू तू हमारी कुर्बानी है
12:13वैभब ने जटके से खुद को चुड़ाया और भागते हुए फिर से जंगल में निकल गया
12:20मगर जितना दोड़ता उतना ही वो उसी जगा लौटाता पेड़े जैसे दिख रहे थे रास्ते घूम कर वापस वहीं लाते
12:30थे
12:30अचानक उसने पीछे मुढ कर देखा तो उसकी रीड की हड़ी तक ठंडी पड़ गई
12:36मनिश और रोनित खून से लटपध हालत में धीरे धीरे उसकी तरफ आ रहे थे
12:43वैभब उन्हें देख कर डर गया और वहां से भाग नहीं पाया
12:49प्लीज मुझे छोड़ दो तुम लोग मेरे दोस्त हो
12:55दोस्त दोस्त वही होते हैं न जो साथ निभाए लेकिन तु तु हमें अकेला छोड़ कर भाग गया
13:03अब तुझे भी वही भुगतना होगा जो हमारे साथ हुआ
13:09कहते हुए रोनित आगे बढ़कर वैभव को पकड़ रहा था
13:12मगर वैभव पीछे हटता गया
13:15तभी उसके पैर के पास कुछ चमकदार चीज गिरी
13:19तो उसकी अपनी ही गाड़ी की चाबी थी
13:22वैभव गाड़ी तक पहुँचा
13:25और जैसे तैसे उसके बैठ गया
13:37लगी और वैभव को लगा कि वह बच गया
13:41हाँ मैं बच गया अब मैं जिन्दा हूँ
13:45मगर तभी अजानक उसकी नजर रियर वियू मेरर में पड़ी
13:51पीछे की सीट पर मनीश और रोनित वैठ है मुस्कुरा रहे थे
13:55कहा जा रहे हो
13:59कहा धना कोई यहां से बाहर नहीं निकल पाता
14:03गारी का कंट्रोल वैभव के हाथ से जूट गया
14:08और वो एक बड़े से पीर से जा टकराई
14:12जब वैभव को होश आया
14:14तो उसने खुद को फिर उसी फार्म हाउस में पाया
14:17उसके हाथ माओं बंधे थे
14:20सामने एक बुढ़ा आदमी खड़ा था
14:23तुम तीनों का खेल खत्म हुआ
14:27ये सुन वैभव चीश कर बोला
14:30ये सब क्यों? कौन हो तुम?
14:34मैं इस फार्म हाउस का रखवाला हूँ
14:38सालों पहले यहां मेरे पूरे फरिवार की हत्या हुई थी
14:42उसके बाद से जो भी यहां आता है
14:46वो मेरे श्राप में फस जाता है
14:52लेकिन मेरे दोस्त मनीश और रोनित
14:54वो तो कई साल पहले मर चुके थे
14:58जब पहली बार यहां आए थे
15:00तु जिन से मिल रहा है
15:03वो उनकी आत्माए हैं और तू तू उनका शिकार है
15:10वैभब की आँखों से आँसू बहने लगे उसे समझ आ गया कि ये सब कोई खेल नहीं बलकि असली धोखा
15:20था
15:21उसके दोस्त उसे यहाँ इसलिए लाए थे क्यूंकि वे खुद श्रापीत आत्माए बन चुके थे
15:27वे अब उससे भी अपने साथ खीचना चाहते थे अचानक वैभब के सामने अंधेरा चागया
15:34उसने अंतिम बार मनीश और रोनित को दिखा दोनों उसके उपर जुके हुए
15:40अब तू भी हमारे साथ रहेगा हमेशा
15:48कुछ दिनों बाद फिर रोनित के साथ कुछ लोग शहर से जंगल में भूमने आ रहे
15:53पाम हाउस में जब उन्होंने कदम रखा तो तीन गिलास पड़े थे
15:58तीनों में ताजा खून भरा हुआ था
16:05हेलो दोस्तो यदि आप हमारी चैनल से नए जुड़े हैं तो हमारी चैनल एवी लाई को सब्सक्राइब जरूर करें
16:13और अपने दोस्तों में शेर करें