00:00दिल्ली का जो भी हाई कोट है, माज जितने नयाय दिने वो हैं, जस्टेस हैं, तो उद में अभी क्या
00:05परसेंटे है आपके समाज की?
00:07सेस्टी की कोई भी नहीं आज की डिट में, और आपको पता है सुप्रेम कोट में जो जजिसें कौन हैं,
00:11उन्होंने ही सम्धान की धजियां उड़ाते हुए, सम्धान के अगें जाके मैं तो यह कहूँगा, उन्होंने जो कॉलिजम सिस्ट्रम को
00:18इंडोडूज किया, और आब
00:20जो कॉलिजम के बाद हम से जजों को रिक्मेंट करने की बात आती है, तो वो सिर्फ अपने ही जजों
00:24को नाम भेजते हैं, वो ही रिक्मेंट होते हैं, जिनके दादा, परदादा, फादर, या कोई क्लोज रिलेटिव जज रहा है,
00:47या कोई अच्छी पोजिशन पे जुडि
00:49में रहा है, उनके ही लोग जो है एपाइंट हो रहे हैं, तो सत्तर साल में मैं देख रहा हूं
00:56कि एक भी SCST में से कोई भी सलेक्ट हो करके, इलक्ट हो करके DCT में नहीं गया, देश में
01:04जब भेदवाव होता है, खास तोर से जाती के अधार पर, तो कई बार मामले चल कर इस �
01:11में आते हैं, और यह उम्मीद की जाती है कि उन्हें नियाय मिलेगा, तिकना यह कैसी बात हुई है अब,
01:18जहां पर यहां पर भी, यहां पर रहने वाले, यहां की लीगल समस्याओं में इन्वाल्व करने वाले और नियाय दिलाने
01:24वाले लोग आज खुद नियाय मांग रहे
01:26हमारे साथ इस समय वो वकील साहवान है जो SCST वर्क से तालुक रखते हैं और आज उन्हें सामने आकर
01:35ये बात कहनी पढ़ रही है कि उन्हें सही पृतिनिदुत नहीं मिल रहा है और यह क्यों कहनी पढ़ रही
01:41क्या है कानूनी मसला है तो वकीलों से ही समझना चाहिए सर क्या ह
01:46को मेमोरंडम दिया है जो देश के जो हाइकोट उनमें काफी था यह आप दिल्ली में देखिए दिल्ली में सेंक्सन
01:57पोस्ट जो हैं 60 हैं मगर यह फिल पाइज प्लिकोट की दिल्ली आइकोट की बाद पाद दिफरेंट कोट तो यह
02:05अगर हम करें तो हम बहुत शीटेगा लि�
02:14तो हमारा कहने का मतलब यह है, जो जितनी वेकेंट सीट हैं, उनमें पूरी सेंक्सन सीटों को भरा जाए और
02:21उसमें अपना S.A.S.T. का रिप्रिजेंस समझ लूँ, आपका कहना है कि वहां पे जजिज की सीटे खाली
02:28हैं, और बहां पर जो पृतिनित आपको नहीं मिला है, व
02:45उसके बाद में अगर हम दिल्ली की ही बात करें, दिल्ली हाई कोट में सिर्फ बार से एक जस्टिस सुरेश
02:51कुमार साब बने कैसा, उसके बाद में कोई अधर जजिज आज तक पहुंट ही नहीं किया गया, तो हमारा जो
02:56है कॉलीज हम से यह के बहारे लोगों को रिकमेंट क
03:01को उनको रिकमेंट किया जाना चाहिए, खड़ें सर ना दिल्ली की बात है, वो सकता है पूरा आंकल आपके पास
03:07ना हो, वो भी आ जाएगा जब होगी तो तो दिल्ली का जो भी हाई कोट है, जितने नयाय दिने
03:12वो हैं, जस्टिस हैं, तो उद में अभी क्या परसेंटे हैं
03:16आपके समाज की, सेस्टी की कोई नहीं है, आज भी नहीं है, और वो ने पूरे उन्हेंट चाहसेट के बात
03:22हैं, जो अब हमें जानकारी पीछे भी कई लोगों ने, हलाकि आपके अलावा भी अन्न बकीलों ने भी यह बात
03:40कहीं कि यहां पर कई बार कोलीजियन सिस्टम ऐसा
03:42है कि पक्षपात होता है, ऐसा कहा लोगों ने, आपने साहित कहा था, तो वो जो पक्षपात होता है, अब
03:50सिस्टम तो कोलीजियम ही रहेगा, आप यहां डिमांड ही कर सकते, प्रार्थ नहीं कर सकते हैं, वो उसके आगे क्या
03:56करेंगे?
03:56यह गरष साब, बात यह हैं कि कॉलीजियम जो हैं इंडियन कॉंस्टूप रण करते हैं, उन्होंने ही अगें वादान को
04:21चूंनि में
04:26करने की बात आती है तो वो सिर्फ अपने ही जजों को नाम बेजते हैं वो ही रिकमेंट होते हैं
04:31और वो ही बनते हैं मुझे बात फसी सी लग रही है वकिल साब क्योंकि आप जो मुद्दा उठाना वो
04:35सीरियस तो है पर अब जैसे मुझे अभी ग्यात हुआ था आप बेतर बत
04:52प Whewirol करें सरकार ही मानी घग्याय करेगा तो आपकी डिमांड गहीं रह सकती है इस पर कोई परेशर बनानी
04:59कोई टैक्टिक आपके पास
05:10सबसे बदल सकती है सबसे पहला प्रसंट तो यह है कि आखिर अन्याय है कहां पर हो रहा है वह
05:20बहुत बड़ा प्रसंट नहीं मिल रहा है यह बहुत बड़ा
05:37को यहां पर सुप्रिम कोर्ट की यहां पर सुप्रिम कोर्ट ने प्रस पहले भी कोलेजियुन सीस्टम यहां पर नहीं था
06:00अब Collision System का जो आपने कहा 2014 में सरकार ने National Judicial Commission बनाया
06:09और वो यहाँ पर चैलेंज हुआ उस समय Chief Justice खेर साथ थे
06:14उनके सामने मुकदमा काफी लंबे समय तक चला और उन्होंने अल्टिमेटली उस बेंच ने वो मामला खारिस कर दिया
06:22कि नहीं Collision System करेक्ट है लेकिन अब बात यह कि Collision System से सिलेक्शन किसका हो रहा है यह
06:29बहुत बड़ा इश्यू है इस पर मैंने बात कि यह पूरी बात को जाने तब आपको
06:34क्लियर क्लिर्टी आएगी जब तो क्लिर्टी नहीं आएगी तो आप कैसे समझ पाएंगी यह जंता कैसे समझ पाएगी कि बास्ता
06:40में क्या हो रहा है
06:42कोलेजियन सिस्टम का जो अभी तक अपाइंट मेंट हुए हैं उनके अगर आप डेटा उठा करके देखें जो जजजज अपाइंट
06:50हो रहे हैं उनका अगर बैगराउंड आप उठा करके देखें तो वहाँ वही लोग जजज यहां पर बन रहे हैं
06:57जिनके दादा परदा�
07:01अपर यर कोई क्लोज रेलिटिव जज रहा है या कोई अच्छी पुजिशन पर जूडी सि τη में रहा है उनके
07:08ही लोग जो है एपाइंट हो रहे हैं। product है क्योंकि यहां 10最近 सी नहीं है कोई योगिता मापडंड नहीं
07:17है जब तक कोई योगिता मापडंड नहीं होगा तो कैस
07:26यहाँ पर कोई मापदन्ड नहीं है सिर्फ यहां पर जो मापदन्ड है वहाँ की कौन किसका रिष्टिदार है कि अब
07:40यह
07:41हпарmake. vasya समाधान तब हो सकता.
07:47किसी समाधान हम ढूंड़ते हैं , या सरकार बढ़ें बारा आए , सरकार पर परिसा, वह भी पुक्त हम पो
07:56उसका साथन आए , सरकार के
08:11वो नहीं था तब भी आपका रिप्रेजेंटेशन कम ही है यह बात है ना अच्छा और इसमें एक बात मैंने
08:16यही पर थे बकील थे चुकि वो वो अलग एसेस्टी वर्क से नहीं थे मैंने उन से पूछा कि यह
08:22सच्चाई क्या है एक मेमरंडम देने आए थे आपका लिए मैंन
08:40उनका यह था सवाल जे बहां पर जब आप ही के कास्ट के लोग उपर भी बत पर बैठे भी
08:44होते हैं तब भी वो उस पर उस समन पर मौका होता है प्रते दिने का तब यह भी एक
08:49बात उन्होंने कही बोले देना चाहिए और बोले बास्ताम में बहुत कम प्रिजिद अच्छ
09:10जो है वो यह है कि वो किसकी कि सारे पर काम करते हैं आपको इसको इस तरह से समझ
09:13लीजिए आपकी सारा समध्हान कोई बदा पाए तो मैं एक मुट कर रहे हैं समाध्हान यह है
09:29Supreme Court of India यहाँ पर एक Advocates on record बनाता है उसका एक्जाम देता है जो एड़ोकेट एक्जाम में
09:3960% या इससे ज़्यादा मार्क्स लाता है उसको Supreme Court जो है एड़ोकेट on record डिजिग्डेट कर देता है
09:47तो जैसे एक कमिशन बनाया जाए सिर्फ exclusive कि इनका एक्जाम कंड़क्ट करेग
09:55और एक्जाम में जो पास होगा है जिसके मार्क्स अगर 60% या इससे उपर आते हैं उसको जज़्य बनाया
10:03जाएगा भई आप उसमें उसका decide करिए रास्ता अपने बता है आप क्या बताना चाहिए दूसरा यह है हम तो
10:10समधान को मानने वाले लोग हैं समधान में ही national appointment judicial commission की �
10:15सब्सक्राइब बात है आटिकल एक 124 में उसी सरकार ने किया ने सरकार ने नी प्राफदान उसको समर्तन सरकार ने
10:22दूसरे तरीके से किया था उसमें इचेता अगर इस तरह से एक्जाम होता है और उसमें सब्सक्राइब
10:45के पास क्या समधान है इसमें मैं प्रसंट जोड़ूगा अपना अपनी बुद्धी के अनुसार हो सकता है गलत भी हो
10:50यूपिस्ट के अनुसार आए इस इस बहुत से लोग आते हैं उसी तरह जज़बी अभी जज़का भी एडियाम होता है
10:55यह जुडी से लोग में होता है �
10:58लेकिन जिस तरह से अध्यबकताओं को एक अनुहप के अधार पर प्रैक्टिकल अनुहप के अधार पर और सीनियर्टी तमाम उसके
11:05अधार पर बनाय जाता है तो बहां एक अलग तरह की हमें क्लीम मिलती वो भी एक बात है और
11:09साइध हो सकता है वो भी समाधान मुझे नहीं
11:12पता मेरी अपनी राय थी देखो मेरा माना है कि यह भेद भाव की राजनीती काफी समय से चली आ
11:19रही जज़ करेंगे तो कौन मैं बताता हूं अभी जनवरी
11:23दोजारशब़िस में एक रिट डली थी उस रिट में मुझे ये लगा कि अड़ोकेट एक्ट में कोई आरक्षण का प्रावधान
11:35नहीं है तो महिलाओं ने भी एक अपना
11:39रिप्रेजेंटेशन के लिए हमें भी BCD में भागिदारी के लिए चीए तो उनकी रिट पर नोटिस कर दिये BCI को
11:46और BCI चेयर मैं वहां कंसेंट दे देते हैं तो उनको 33% का
11:51रिजर्वेशन मिल गया मैंने भी रिट डाली मेरी रिट पर ना नोटिस किया BCI को और एक लंबा रास्ता बता
12:03दिया BCI के पास जाई यह वहां रिप्रेजेंटेशन देजी इससे पहले हैंडिकेप्ट का भी उन्होंने उसमें रखा BCI में तो
12:11सतर साल में मैं देख रहा हू
12:13कि एक भी SCST मैंसे कोई भी सेलेक्ट हो करके बीस बीसीटी में नहीं गया तो हमने तो पैरिटी मांगी
12:22थी जब महिलाओं के लिए आप राभधान कर सकते हो औरेजमेंट कर सकते हो तो SCST तो यह तो सम्विधानिक
12:29अधिकार है उस पे भी होना चाहिए तो हमारी जो रिट पर
12:41और सुप्रिम कोट भी ऐसी भेद भाव तो हमें कहान आए मिलेगा तो इसके लिए क्या है अंदोलन हो सरक
12:50क्या हो मतलब कैसे होगा अभी जो चीज़ां बता रहा है लौट गूपर सुप्रिम कोट पर या तो प्रिसका नहीं
13:00है और अंदोलन करने के लिए हमने सरपय कपन ब
13:07जब दुदे लेगे तो एक अंदोलन अब बचा था बाक़ी सब के खिलाब हो रहा थे सिज़ाफ हो रहे हैं
13:14कभी कहीं हो रहा है पिरदार वो सिक्षामानत्री सब वह रहे हैं लेक्ए अब बचाना सच्छा में ससहाइए भी
13:37यह देखना होगा, फिलाल बिल्कु धनवाद आपका बात करने के लिए, आप इस पूरे पिरकिरिया को कैसे समझते हैं, आप
13:43कमेंट बाक्स में जरूर बताइए, फिलाल इस वीडियो में इतना ही, जीडो जनलिस्ट अहिल कपूर के साथ, सिवेल गौर, One
13:48India, दिल्ली