00:00तीन दिन सोला घंटे राहुल गांधी लगातार सडक पर हैं, दो दिन पुलिस हिरासत, सडक पर धरना विपक्षी सांसदों के
00:08साथ मार्च और जंतर मंतर तक पहुचने की कूशिश।
00:11राहुल ने इस पूरे पदर्शन को सिर्फ एक दिन के विरोध तक सीमित नहीं रखा, तीसरे दिन भी डिल्ली की
00:18सडकों पर विपक्ष का पदर्शन जारी है।
01:10एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दिखाई दे रहा है।
01:11आठ घंटे तक पदर्शन चला, राहुल जमीन पर बैठे दिखाई दिये, इसे दोरान उन्होंने पेंड के नीचे बैठ कर खाना
01:19भी खाया।
01:20शाम तक पुलिस ने परदर्शन कारियों को वहां से हटाया और राहुल गांधी समेट कई नेताओं को हिरासत में ले
01:27लिया गया।
01:27अगले दिन यानि 7 अक्तूबर को राहुल फिर सडक पर थे, इस बार विपक्षी सांसदों ने पहले साथ बैठ कर
01:34लंच किया, इसके बाद कई सांसद बसों से जंतर मंतर की तरफ रवाना हुए।
01:39पुलिस ने रास्ते में बसों को रोक दिया, इसके बाद राहुल गांधी बस से बाहर आये और सडक पर खड़े
01:46हो गए।
02:09इस आंदोलन को अगले कई दिनों तक ले जाने वाले हैं। और अब आता है तीसरा दिन, आठ अक्तूबर को
02:16कॉंग्रेस सद्यक्ष मलिका अरजुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को दिल्ली के एक रेश्टोनेंट में लंच के लिए फिर
02:22से बुलाया, इसके
02:23बाद राजगाट जाने और परदर्शन आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हुई। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है, राजगाट और
02:31सेंटरल दिल्ली के इराकों में पुलिस बल तैनात है। यहीं से राहुल गांधी की इस पूरी रणीती का बड़ा हिस्स
03:05समझ में आता है।
03:06पुलिस होती है और हिरासत की तस्वीरे होती है। राहुल गांधी के लिए यह पूरा घटा करम एक राजनीतिक नेरेटिव
03:14बनाने का तरीका भी बन सकता है।
03:37अगर वोटर लिष्ट का मुद्दा गांधी तक पहुच जाता है तो कॉंग्रेस के कारकरताओं को भी एक ऐसा मुद्दा मिल
03:44सकता है जिसके आसपास लगातार अभियान चलाया जा सके। यहीं राहुल की रणीती का अगला हिस्सा है।
03:52दिल्ली की सडक से शुलू हुआ आंदोलन अगर राज्यों तक पहुचता है तो कॉंग्रेस इसे 2027 के विधान सबा चुनाओं
03:59से पहले बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।
04:04वोटर लिष्ट, SIR और चुनाओी पारदशिता एक साथ जोड़ कर विपक्ष अपने लिए एक लंबा अभियान तयार कर सकता है।
04:12तीसरा हिस्सा है विपक्ष के भीतर राहुल की भूमिका। इंडिया ब्लॉक में कई गन है और हर राज में उनकी
04:18अपनी राजनीती है।
04:19लेकिन चुनाओ आयोग और SIR जैसे मुद्दे पर कॉंग्रेस राहुल गांधी को सबसे आगे रख रही है।
04:26लगातार दो दिन सडक पर उतरना और तीसरे दिन भी पदर्शन जारी रखना इसी भूमिका को मजबूत करने की कोशिश
04:33के तौर पर देखा जा सकता है।
04:35राहुल की राजनीती में ये बदलाव भी ध्यान देने लायक है।
04:38भारत जुड़ो यात्रा के बाद वो सडक पर लगातार बड़े अस्तर के आंदोलनों में नजर नहीं आये थे।
04:44इस साल तस्वीर बदली हुई है।
04:46नीट और छात्रों से जुड़े पदरशनों से लेकर SIR तक राहुल कई बड़े विरोध पदरशनों में शामिल हुए है।
04:52अब SIR के मुद्दे पर वो लगातार तीन दिन तक दिल्ली के सडकों पर हैं।
04:57यही वो जगह है जहां मोदी की कमजोरी वाला एंगल आता है।
05:27इस पूरे आंदोलन का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश भी है।
05:31लेकिन इस रणिती के सामने चुनोतियां भी कम नहीं है।
05:34सबसे पहली चुनोती है विपक्ष को एगजूट रखना।
05:376 अक्तूबर के परजशन के बाद इंडिया ब्लॉक के अंदर तालमेल को लेकर सवाल उठे।
05:41कुछ सहियोगी दलो को लगा कि अचानक खुए धरने की जानकारी उन्हें परियापत रूप से नहीं दी गई।
05:47दूसरी तरफ अलग-अलग राज्यों में सहियोगी दलो के अपने-अपनी राजनीतिक खित भी हैं इसलिए राहुल के सामने सिर्फ
05:53सडक पर भीड जुटाने की चुनोती नहीं है विपक्षी दलो को एक साथ लेकर चलना भी उतना ही जरूरी है
06:00दूसरी चुनोती है आरो�
06:01को ठोश सबूत में बदलना कॉंग्रेस और विपक्ष SIR और वोटर लिष्ट को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं लेकिन
06:08चुनाव आयोग का पक्ष अलग है आयोग का कहना है कि वोटर लिष्ट से हटाये गे नामों में मृत अस्थाई
06:15रूप से स्थानंत्रित अनुप
06:31पिराहुल गांधी का लगातार सडक पर उतरना एक तरफ राजनितिक दबाव बनाने की कोशिश है तो दूसरी तरफ उनके लिए
06:38एक परिक्षा भी है अगर आंदूलन लंबा चला तो कॉंग्रेस इसे गाँ और बूठ तक ले जाने की कोशिश करेगी
06:43जैसक मैं आपको बत
06:45अगर मुद्दा लोगों के बीच पकड बनाता है तो SIR और वोटर लिष्ट आने वाले चुनाओं में बड़ा राजनितिक विशय
06:51बन सकते हैं और अगर विपक्ष अपने ही कट बंधन को एक साथ नहीं रख पाया और आरोपों के ठोस
06:57प्रमार सामनी नहीं आए तो आंद�
07:12दिन का पदर्शन मना कर खत्म नहीं करना चाहते हैं वो इसे लंबी राजनितिक लड़ाई का रूप देने की कोशिश
07:18कर रहे हैं अब आते हैं मोदी की कमजोरी वाले एंगल पर जिसका जिक्र मैंने कुछ दिर पहले किया था
07:23राहुल गांधी को लेकर दिल्ली के सियासी ग
07:46अब देखना होगा कि ये मुद्दा दिल्ली की सडक से निकल कर देश के गाओं और बूतों तक पहुच पाता
07:53है या नहीं और राहुल गांधी इस मुद्दे से कितनी राजनितिक शक्ती लाव हासिल कर पाते हैं
08:09अब आदेखना होगा कि वेखना होगा कि अब देखना होगा कि अब तक बाते हैं