00:03दिगज अभिनिता नाना पाटेकर अभी इस दुनिया में नहीं रहे पदमस्री पुरुसकार हुजेता नाना पाटेकर ने 75 साल के उम्र
00:10में गोवा में आखरी सांस ली सीने में तेज दर्थ के बाद गोवा के मड़िपाल अस्पताल में उन्हें भरती कराये
00:16गया आज सूबह
00:43नाना पाटेकर के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है
00:47अब नेता सियाजे शिन्दे को नाना पाटेकर के निधन से जबर्दस जटका लगा है
01:06नेता हो या भी नेता या फिर आम लोग सभी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया है
01:11पियमोदी ने उनके निधन पर दुख जताते हुए एकस पर लिखा कि नाना पाटेकर चैसी तीवरता अनुखापन और दमदार मौजूद
01:18गी
01:19बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है नाना पाटेकर ने हर भूमिका को शांदार तरीके से और नए अंदाज
01:26में निभाया
01:27उन्होंने ऐसे किरदार दिये जिन्हें आने वाली पीडियां याद रखेंगी
01:31पियमोदी ने लिखा उन्हें उनके बेबाक और सपष्ट विशारों के लिए भी सराह जाता था
01:37वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे
01:40हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान पहुत बड़ा था
01:44उनके निधन से एक बड़ी कमी महसूस हो रही है
01:47उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनक्त प्रशल्सकों के प्रति मेरी सन्वेद नाए
01:52रक्षामंत्री राजना सिंग ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है
01:57उन्होंने नाना के निधन को भारती फिल्म उद्योग के लिए अपूरुणी च्छत बताया है
02:02नाना पाटेकर अपनी दंदार एक्टिंग और समवाद अदाईगी के लिए जाने जाती थी
02:06उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अलग पहचान बनाई
02:10परिंदा करांतिवीच अब तक 56 और वेलकम जैसी फिल्मों से बहुत बड़ी पहचान मिली
02:16उनका जन एक जनवरी 1971 को हुआ था शुरू में उनका नाम विशनास पाटेकर था
02:21हिंदी फिल्मों में दंदार और गंभीर अभिने के लिए वह मशूर थे
02:26उन्होंने 1978 में गमन से हिंदी फिल्मों में टेबू किया
02:30और धीरे धीरे सलाम बांबे और परिंदा जैसे फिल्मों से अपना नाम बनाया
02:35परिंदा में उनके काम की बहुत तारीफ हुई और यह उनके करियर का एक आहम दोर था
02:41उन्होंने अंगार, तिरंगा, क्रांटवीर, अगनिसाक्षी, खामोशी दे म्यूजिकल, एश्वन्थ, अब तक शप्पन, अपहरन और राजनी जैसे फिल्मों में यादकार काम
02:50किया
02:51उनके रोल अक्सर अपने तेजी और डायलाग बोलने के उनके खास अंदाज के लिए जाने जाते थे, नाना मराठी सिनेमा
02:58और थीटर में भी बहुत करीब से जुड़े थे
03:01उन्होंने 1991 में प्रहार दे फाइनल अटाइक से फिल्म मेकिंग में कदम रखा उन्होंने इस फिल्म को डायरेक्ट किया और
03:09उसमें आक्टिंग भी इतने सालों में वह हिंदी और मराठी प्रोजेक्ट के बीच आते जाते रहे उन्हें सीरियस और इंटेंट
03:18रोल्स के लि�
03:30हुआ पीड़ी के दर्सकों से मिलवाया हिंदी सिनेमा में शांदार युगदान के लिए उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित किया गया
03:37उन्होंने तीन नैस्तल फिल्म अवार्ड जीते और सिनेमा और कला में उनकी युगदान के लिए 2013 में पदमस्री मिला फिल्मों
03:46के अला�
04:00सबसे जाने माने चेहरों में से एक होने के बावजूद नाना ने अपनी परसनल लाइफ को ज्यादा तर लाइम लाइट
04:07से दूर रखा नाना अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन ओपने अभिने और शांदार डायलाग डिलेवरी के बदावलत दर्शकों
04:15के दिलों में �
04:16बने रहेंगे बिरू रिपूर्ट ईटीवी भारत