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  • 12 minutes ago
रूस के पास काले सागर में लाइबेरिया के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर यूक्रेन की ओर से कथित तौर पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद जहाज में भयंकर आग लग गई. गनीमत यह रही कि इस हमले के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी टीमों ने टैंकर पर सवार सभी 23 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. रूस के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यह जहाज रूस के 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा था और पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए तेल ले जा रहा था.इस लगातार हो रहे हमलों के कारण ब्लैक सी में समुद्री व्यापार और ऊर्जा निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे माल ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है.

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00:04रूस के पास ब्लैक शी में मंगलवार को लाइबेरिया के जंडे वाले तेल टैंकर पर आग लगए।
00:10टैंकर पर 23 भारती एक रूस अदस्य सवार थे। हमले के बाद एमर्जन्सी टीमों ने सभी का रिस्क्यू किया।
00:16ROOS के परिवहन मंत्राले के मुताबिक टैंकर पर यूकरेन की ओर से आये ड्रोन से हमला हुआ था
00:21हमले के बाद जहास में आग लगी और समुद्र में कच्छा तेल जलता दिखाई दिया
00:26हमले से पहले मरीन ट्राफिक ने जहास की आखरी लोकेशन काला सागर में रूस जॉर्जिया सीमा के पास बताई थी
00:33रूस के परिवहन मंत्राले के मुताबिक तेज आख के कारण दमकल कर्मी शुरुआत में जहास के पास नहीं पहुँच पा
00:41रहे थे
00:41मंत्राले ने बाद में कहा कि आख की तीवरता घटने के बाद एमर्जिंसी टीमों के पास इसे नियंत्रत करने के
00:48परियाप्त साधन थे
00:49रिपोर्ट के मुताबिक ये जहास युक्रेन की प्रतिबंध सूची में शामिल था
00:54इसे रूस के कथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया था
00:59रूस का शैडो फ्लीट उन टैंकरों और जहाजों का नेटवर्ग है
01:03जिनका इस्तमाल रूस पश्यमी प्रतिबंधों से बच कर तेल समेत दूसरे सामान के निरयात में करता है
01:10यूकरेन ने फरवरी में जहाज पर प्रतिबंध लगाए थे
01:14उसका कहना था कि इस नेटवर्ग की जहाज रूस को जरूरी उर्जा आय बनाए रखने में मदद करते हैं
01:19इस याय से रूस यूकरेन की खिलाफ युद्ध को फंड करता है
01:23लगातार हमलों से ब्लैक सी का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है
01:27जहाज मालिक इस रूट पर जाने से बच रहे हैं और माल धुलाई की लागत बढ़ रही है
01:32अगस्त में रूस का अनाज निरयात 69 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया था

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