अक्टूबर में भी तपिश बरकरार, सरसों की बुवाई को मौसम का इंतजार
सवाईमाधोपुर. अक्टूबर का महीना शुरू होने के बावजूद तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं आने से रबी फसलों की बुवाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खेत तैयार करने में जुटे किसान अब अनुकूल मौसम और मिट्टी में पर्याप्त नमी का इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता सरसों की बुवाई को लेकर है। बुवाई का उपयुक्त समय निकलता जा रहा है, लेकिन दिन का तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस बना रहने से जिले में सरसों की बुवाई गति नहीं पकड़ पा रही है।
जिले में इस बार करीब 2 लाख 90 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई का अनुमान है। किसान खेतों की हकाई-जुताई का काम कर रहे हैं और बुवाई की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन गर्मी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। तापमान अधिक रहने पर सरसों की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में वे तापमान में कमी आने और खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बड़े स्तर पर बुवाई करना चाहते हैं।
15 अक्टूबर तक बुवाई का समय, अब बढ़ेगा इंतजार
कृषि विभाग के अनुसार सरसों की बुवाई के लिए सामान्य तौर पर 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक का समय उपयुक्त माना जाता है। फसल के अच्छे अंकुरण के लिए दिन-रात का औसत तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस होना बेहतर रहता है। इस बार अक्टूबर में भी तापमान अधिक रहने से बुवाई प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के अनुसार मौसम में बदलाव आने पर अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक सरसों की बुवाई का काम गति पकड़ सकता है। हालांकि कुछ किसानों ने सरसों की बुवाई शुरू कर दी है, लेकिन अधिकांश किसान मौसम की स्थिति को देखते हुए जोखिम लेने से बच रहे हैं। तापमान में गिरावट के साथ ही खेतों में बुवाई का काम तेजी पकड़ने की संभावना है।
सरसों पर सबसे ज्यादा जोर
जिले में रबी सीजन में सबसे अधिक क्षेत्र सरसों के लिए प्रस्तावित है। संभावित लक्ष्य के अनुसार करीब 1 लाख 75 हजार हैक्टेयर में सरसों, 80 हजार हैक्टेयर में गेहूं, 20 हजार हैक्टेयर में चना तथा करीब 15 हजार हैक्टेयर में अन्य रबी फसलों की बुवाई का अनुमान है। ऐसे में सरसों की बुवाई में देरी का असर पूरे रबी सीजन की शुरुआत पर पड़ सकता है।
रबी फसलों के संभावित लक्ष्य...
फसल लक्ष्य
सरसों 1 लाख 75 हजार
गेहूं 80 हजार
चना 20 हजार
अन्य 15 हजार
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इनका कहना है
विभाग की ओर से अभी रबी फसलों के अंतिम लक्ष्य निर्धारित नहीं किए गए हैं, हालांकि संभावित लक्ष्य तय किए गए हैं। जिले में करीब 2 लाख 90 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई होने का अनुमान है। तापमान में कमी आने के बाद बुवाई का काम तेजी से शुरू होगा।
लखपत मीणा, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, सवाईमाधोपुर