ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली फ्रिल्ड छिपकली का जीवन शुरुआत से ही बहुत अद्भुत होता है। जब मादा छिपकली अंडे देती है तो उनके छिलके बेहद नरम और लचीले होते हैं। इन अंडों के अंदर पल रहा भ्रूण बिना फेफड़ों के भी सांस लेता है।
अंडे की झिल्ली पर हजारों सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं होती हैं। ये वाहिकाएं बाहर की ऑक्सीजन को अवशोषित करती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालती हैं। यह प्रक्रिया बिल्कुल वैसे ही काम करती है जैसे इंसानों के फेफड़े काम करते हैं।
जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है यह संवहनी नेटवर्क और अधिक मजबूत हो जाता है। जब छिपकली बाहर आने के लिए तैयार होती है तो वह अंडे को तोड़कर सीधे बाहरी हवा में सांस लेने लगती है। वैज्ञानिक इस प्राकृतिक प्रणाली को जीव विज्ञान का एक बेहतरीन चमत्कार मानते हैं।
#LizardFacts #ReptileLife #BiologySecrets #NatureWonder #HindiFacts #ScienceFacts
अस्वीकरण: यह वीडियो केवल जानकारी और मनोरंजन के लिए है। यह कहानी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है और दृश्यों का उपयोग केवल विषय को समझाने के लिए किया गया है।