00:02संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्त की कामना से रखा जाने वाला जीवित पुत्र का वरत इस बार तीन
00:09अक्टूबर शनिवार को रखा जा रहा है इसे जीतिया या जीवतिया वरत भी कहते हैं
00:14ये वरत तीन दिनों की परंपरा के साथ पूरा होता है दो अक्टूबर को नहाय खाय होगा तीन अक्टूबर को
00:21माताएं मुख्य निर्जला वरत रखेंगी और चार अक्टूबर को पारण किया जाएगा
00:26जीतिया वरत की शुरुवात 2 अक्टूबर शुक्रवार से होगी इस दिन नहाय खाय की परंपरा निभाई जाती है
00:32महिलायन स्नान करने के बाद सात्विक भोजन करती है
00:35इसके बाद अगले दिन रखे जाने वाले कठिन वरत की तयारी शुरू होती है
00:403 अक्टूबर शनिवार को जीतिया वरत रखा जाएगा
00:44हश्विन क्रश्नपक्ष की अश्टमी तिति में रखे जाने वाले इस वरत में महलायन नर्जला उपुवास रखती है
00:51यानि पूरे दिन अन और जल का त्याग किया जाता है
00:54हश्दन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ और सुखी जीवन की कामना करती है
01:01शाम के समय भगवान जीमूत वाहन की पूजा और वरत कथा सुनने की परंपरा है
01:06जीवित पुत्रिका वरत की कथा में जीमूत वाहन के त्याग का विशेश महत्व बताये गया है
01:11धार्मिक मानिता के अनुसार उन्होंने नाग जाती के एक बच्चे की रक्षा के लिए अपना जीवन दाओं पर लका दिया
01:18था
01:18उनके इसी त्याग और करणा को संतान की रक्षा से जोड़ कर देखते हैं
01:23यही वज़ा है कि जीवतिया वरत में जीमूत वाहन की पूजा की जाती है
01:27इसके साथी चीलक सियारिन से जुड़ी वरत कथा सुनने की भी परंपरा है
01:32वरत के अगले दिन 4 अक्टूबर रविवार को पारण किया जाएगा
01:36अश्टमीतिती समाप्त होने के बाद विधी के अनुसार वरत खोले
01:40फिलहाल इस वीडियो में इतना ही
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