00:00हमारी मांग ये है कि तुरंट नानेश दुमार को जेल में डालना चाहिए और प्रजातंत्रों को बचाना चाहिए
00:07साथ ही साथ उन्होंने जो कुछ अपनी मनमानी किये हमारी पार्टी तोड़ी तुरुनमुल की तोड़ी है आप की तोड़ी है
00:15और चुनाओं में भी जो उन्होंने जैसे उनके उन्तों जिर्देश आए गए उनके नाम रखे जो नहीं चाहिए वो निकाले
00:22गए
00:23आपने रेखा होगा कि बंग्डाल की इलेक्शन जब हुई तो तरिवन नपे लाख मुटर दायप कर दे गए थे
00:35लेकिन एक और बात है जब लोगसभा चुना हुए थे तो महारशों में महाविका सागाडी ने अच्छा प्रदर्शिंद गया था
00:43उसके बाद जब छे मैने के बाद विदान सभा की चुना हुए तो उस छे मैने के दर्मान 45 लाख
00:51लोग इसमें घुसाए गए और अब मेरे प
01:00प्रदर्शिंद गया थे तो यह सब मनमानी चल रही है कोने जिम्मेदार और आप तुम मैं मानता हूं कि चुनाओ
01:07आयोग में तीन आयुट रहे थे दोनों ने इसकी खिलफ लेटर दिया है तो आप चुनाओ आयोग इनका हो गया
01:13है और चुनाओ आयोग का नाम और जो भी �
01:17पड़ बार इन दोनों को मिलना चाहिए और हम जंता उनको दे देती है और नानिश कुमार को निकाल देती
01:22है तो आपने उद्धो ठाकरे को सुना वो गंभीर सवाल उठा रहे हैं दोजार चौविस के बाद जैसे इस्थितिया बदली
01:45है
01:45विजे कौशिक जी के पास चलते हैं विजे जी 2024 में सबको पता है विजेपी ने 400 पार कनारा दिया
01:51था एंडिये को लेकर भाजपा खुद के लिए 370 स्यादा सीटे सोच रही थी लेकिन परणाम आया तो एंडिये 293
01:58-94 पर अटक गया विजेपी 240 पर अटक गयी लेकिन उसक
02:12नाम काटे गए बड़ी संख्या में और लोकसभा नाम जोड़े भी गए उसके बाद विजानसभा को चुनाव होता है पर
02:18नाम बिलकुर एक तरफा भाजपा के पक्ष में आ जाता है तो ये जादू कैसे हुआ ये जादू चुनाव आयुक
02:23के जरिये हुआ ये वो सवाल उ
02:38अगातार जो चुनाव आयुक की फरस्तितियां हैं वो बदलती चली गएं वो संदिक होती गएं उनके उपर सवाल खड़े होके
02:46रहें अब जरूरत इस बात की है कि इंडियन एक्सप्रेस में को रिपोर्ट शपी है उसके उपर तुरन ते या
02:53तो जेपीस्टी का धित हो सं
03:08जर्दोशी है कि दो अनुचनावाई को राय सलाम शोरे को दरकनार करते को अपनी मनमानी चला रहे हैं तो उन
03:21परस्तितियों में जांच होकर कड़ी कारबाई होनी चाहिए वागे ये ऐसे कि चुनावाई हो कोई मनमानी करके सब्कार कूश लाव
03:35में पहुंचाए क्योंकि �
03:40अगर चुनाव नहीं कराता है तो निश्चित तोर पर यह लोगत्र की हत्या होगी लेकिन यहां पर सब एक ही
03:48सवाल खड़ा होता है
03:50कि जो हमारी पार्टी खुद इन मुद्दों को उठाकर गंगाजी में फैक जिते हैं तब हम इमाचा में जिते हैं
04:03तब हम यह मुद्दे नहीं खाते हैं
04:25विपक्ष के एक और नेता है है है एई एमाइम के परमुक है जुद दूनिवसी उन्होंने भी एक्सपर पोस्ट किया
04:32है
04:32उनका पोस्ट में पढ़कर आपको सुना देता हूँ उनका कहना है कि एक समय था जब चुनावायोग को भारत के
04:38लोगों के सबसे बड़े हिस्से का भरोसा हासिल था
04:41लेकिन इसमें लगातार गिरावट आई है अगर खुद चुनावायोग के बहुमस अदस्यों को ही अपने नाम पर लिए गए फैसलों
04:48की जानकारी नहीं है
04:49तो फिर उसके फैसलों की वैधता क्या है पिछले एक साल में हमने देखा है कैसे SIR ने एक ऐसे
04:55संकट को और बढ़ा दिया है
04:57जिसने गरीबों को सबसे आदा परिशान किया है इसने उनसे नागरिक होने की गरिमा छीन ली है और उन्हें सिर्फ
05:04दस्ता वेजों तक सीमित कर दिया है
05:05पहले सवाल होता था कि निगरानी करने वालों पर नजर कौन रखेगा अब सवाल है कि क्या निगरानी करने वाला
05:12कोई बचा भी है या नहीं ऐसा OEC का कहना है तो चलिए इस बाचीत के आखरी हिस्से की और
05:18आगे बढ़ते हैं आखरी सवाल इन सारे आरोपों पर भाजपा ने
05:35है फिर उनके बयान पर हम रांग्मार पाल जैसे जवाब लेंगे
05:39आज कई पार्टी ओंने's किया है election commission of India को लेकर
05:45मैं यहां election commission of India के और से demonstrating the press conference करने नहीं बैठाू क्योंकि Consumer Commission
05:51of India ने वह press note भी मैं लेकर आया हूँ जो ACI ने जारी किया है मैंने भी उसे
05:57पढ़ा
05:57है मैं आसा करता हूँ कि आप लोगों ने भी पढ़ा होगा आप situation देखिए अगर
06:04तीनों election commissioner आपस में मैं बहुत सीधे सब्दों में समझाता हूँ
06:10ताकि गाउं में बैटी मेरी दादी मा भी समझ सके अगर तीनों
06:15commissioner जो election करवाते हैं देश में उनके बीच में आपस में समवाद
06:21नहीं होता है किसी प्रकार की कोई टीका टिपणी नहीं होती है
06:26किसी प्रकार का सलह मस्वरा नहीं होता है और सब जी हाँ जी हाँ करते
06:31रहते हैं तो यही विपक्षी पार्टी कहते हैं कि यह तो dictatorship है जी
06:37इन तीनों को तो इसी सरकार ने बनाया है और यह तीनों जी हाँ-जी हाँ करते
06:42रहते हैं यह तीनों जो हैं गोदी वाले हैं आपको तो गोदी
06:47मीडिया बोलते हैं यह तीनों भी गोदी वाले हैं ऐसे ही बोलते
06:51अब ये तीनों के बीच में
06:5414 पत्राचार हुआ है
06:57इस और ओफिशियल डेलिबरेशन
06:59बिट्वीन
07:00त्री इलेक्शन कमिशनर्स
07:03वाट वी ग्यादर फॉम मीडिया
07:04कोई भारती जनता पार्टी जाके
07:06चिट्टी नहीं पड़ती है
07:09मीडिया में जो आया है कि
07:10तीनों के बीच में कुछ
07:12अफिशियल डेलिबरेशन हुए है
07:13जो कि एक अच्छे लोकतंत्र
07:16की निशानी है आप मुझे बताईए
07:19लोकतंत्र में
07:20अगर किसी मुद्दे को लेकर
07:23हम सब आपस में
07:24चर्चा करते हैं कि यह विशह ठीक
07:26रहेगा या नहीं वह विशह ठीक
07:28रहेगा नहीं और इस पर प्रत्ताचार भी
07:30होता है और इस पर नोटिंग्स भी
07:32होती है और अंततो गत्वा
07:34उस पर एक निर्णय होता है
07:36तो लोकतंत्र यहां है
07:38यहां से हां मिला कर सभी
07:40चिठ्थी एक जैसी होनी चाहिए
07:41वह लोगतंत्र है आज तो आपने सुना सम्मित पात्रा क्या कुछ कह रहे हैं रांकमार पाल जी के पास सलते
07:49हैं रांकमार पाल जी सम्मित पात्रा की बाते ठीक हैं लोगतंत्र में असहमतिया होनी चाहिए सुर मिसुर मिलाकर तो कोई
07:55फैसला नहीं लिया जाना चाहिए लेकि
08:11का मतलब जो फैसले लिए गए तो नहीं थे तो और दूसरी बात आपने काफी पुरो मुख मंत्री और पाइटियों
08:30के मालिकों को बताया उनमें इतनी आवकात नहीं है कि यह ग्यानेश कुमार को अंदर डलवा दे इतनी आवकात नहीं
08:38है
08:38कि एक समयधानिक देश के अंदर लोकतंत्र के अंदर कुछ खर्च करके कुछ वकील करके क्यों नहीं गैनेश कुमार को
08:50अंदर डलवाना है तो कि तुम्हारे मेरे और के बोलने से जाएगे
08:54कि यह न्याइक प्रक्रिया से जाएगे न्याइक प्रक्रिया में पांच बेंच की आदेश मांगे एक संगल जच्की नहीं पांदर डलवाए
09:01यह लोकतंत्र की मांद ना और विपक्ष को यह करना चाहिए
09:14करें बुजेक को कर बाएगा कैसे जाय瞧ा विपक्ष करना जाहिए यह नहीं करेंगे
09:26शरकारी संपाथिए को नुपसान विपक्ष करत बाएगा है कि इनका है जाते है
09:33विजे कोशिक जी के पास चलते हैं आखरी स्वाल को लेकर विजे कोशिक जी समयत पात्रा को आपने सुना फिर
09:38रामक्मार पाल जी ने भी अपनी बात रखी आप सहमत हैं जवाबों से संतुष्ट हैं जो आरोपों पर जवाब दिया
09:45है भाजपा ने
09:48देखिए आम जनता में भी आप जाएंगे बात करेंगे तो चुनावायों की कारश हैली को लेकर आम जनता भी खुश
09:56नहीं पहली बात दूसरी बात ये कि ये कह रहे हैं कि लोगतंतर में इस तरह की बात हैं लोगतंतर
10:05के लिए बड़ी अच्छी है अरे कहां से अच्छी हैं �
10:10कि भी मुखचुनावाई तो उनकी नहीं सुन रहे हैं तो मज़ॉरटी में निर्ने के खिलाफ अगर मुखचुनावाई तो लोगतंतर की
10:17हत्या हैं बहराल मैंने कहा कि हमारी पारिटी की कमी ये है कि ऐसे संवेदंशील मुद्वों पर लगातार लड़ाई नहीं
10:28रहे हैं �
10:29लगातार जो है जो काम करने चाहिए कोई काम हमारी पारिटी के द्वारा नहीं के रहे हैं जिसका फायदा बीजे
10:38कि उठाने ही है अपनी गलतियों पर बार बार परदा इद्दा ले जा रहा है मजबूत वे पक्षना होने के
10:45चलते पर इसके लिए कहीं नहीं राहुनादी क
10:49किसी एहम पड़ नहीं है देच पड़ भी छोड़ चुके हैं लेकिन फिर भी चुकि वो सर्वे सर्वा बेहुन हैं
10:55पाइठी के इसलिए उनके उपर एहम जुम्मभारी है कि अगर वो आरोप लगा रहे हैं तो सरकार के खिलाफ अंचन
11:04करें चुनाव का बहिश्कार करें