Skip to playerSkip to main content
Sakshi Chaudhary बढ़ती उम्मीदों और बड़े मुकाबलों की चुनौती को कैसे देखती हैं? Asian Games 2026 से LA 2028 Olympics के लक्ष्य तक, भारतीय बॉक्सर साक्षी चौधरी के इस हिंदी इंटरव्यू में उनकी तैयारी से जुड़े अहम सवाल देखिए।

Oneindia की Sandhya Kumari के साथ बातचीत में weight category बदलने, मानसिक तैयारी और तकनीक पर काम जैसे विषय शामिल हैं। Footwork, reach, reflexes और counter-punching को बेहतर करने में कोचों की क्या भूमिका होती है? मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने खिलाड़ी खुद को कैसे तैयार करता है?

इस बातचीत में:
• प्रतियोगिताओं के अनुभव और आत्मविश्वास
• Weight cut और नई कैटेगरी की चुनौती
• उम्मीदों और दबाव से जुड़े सवाल
• Footwork, strength और boxing technique
• NIS Patiala, TOPS और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग
• Asian Games से LA 2028 तक के लक्ष्य

भारतीय महिला बॉक्सिंग और खिलाड़ियों की तैयारी पर ऐसे और इंटरव्यू के लिए Oneindia Hindi को सब्सक्राइब करें।

साक्षी के लिए अपना समर्थन और शुभकामनाएं कमेंट में लिखें।

Anchor: Sandhya Kumari | Oneindia
Courtesy: SAI Media

#SakshiChaudhary #AsianGames2026 #WomensBoxing #LA2028 #OneindiaHindi

~HT.178~ED.104~PR.100~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00Hello and welcome to One India, Asian Games की हमारे इस खास कवरेज में आज हमारे साथ है इंडिया की
00:05स्टार 51 kg काटिग्री बॉक्सर साक्षी चौधरी
00:08साक्षी ची मेरा आपसे सबसे पहला सवाल है कि Commonwealth Games में आपने कमाल का गोल्ड मेडल जीता है बहुत
00:14टफ ओपोनेंस थे कैसा आपका एक्सपीरेंस और इस जीत से इशन गेम्स के लिए कितना confidence बूस्ट हुआ है
00:20मैंने अभी Commonwealth Games में गोल्ड मेडल जीता है और मेरी जो जर्नी है काफी अच्छी रही Commonwealth Games में
00:26मेरी अच्छी बाउट थी जो मेरी final बाउट थी वो England की Ruby White के साथ थी जो की पिछली
00:3270 बाउट में से एक बाउट भी जीती थी तो वो मैंने बाउट 5-0 से जीती और उसे मेरा
00:38काफी
00:38कॉंफिडेंस बूस्ट किया है Commonwealth Games और अभी मैं काफी कॉंफिडेंस कीड कर रही हूं एक्शन गेम्स के लिए साक्षी
00:44जी मैं अब सबूचना चाहूंगी कि आपने पहले 54 kg काटेगरी में कंपीट किया है और अब 51 kg में
00:49आए हैं वेट कट करना कितना difficult था और कितना adjustment करना प
01:07किती थी थोड़ा fatigue रहता था लेकिन अभी मेरी बोडी थोड़ा adjust कर गई है और 51 kg में मुझे
01:13खेल के अच्छा फील होता है क्योंकि मुझे एक तो हाइट एडवांटेज मिलता है 51 में थोड़े से ओपोनेंस की
01:19जो हाइट है वो कम रहती है तो मुझे लोंग रीच से खेलने
01:34या फिर एक opportunity मैं Asian Games में मतलब मेरा जो ऑपोनेंट है मैं खुद को समझोंगी कि मुझे अपनी
01:41परफॉमेंस को और बैटर करना है तो इसलिए मैं अजब इसको opportunity ही समझोंगे आमी और foreign coaches के साथ
01:48ट्रेनिंग करके आपकी टिकनीक या footwork या कहें रीच पर काम हुआ है या नहीं
01:53आर्मी में हमें मतलब बहुत एच्छी ट्रेनिंग मिलती है हमें लड़कों के साथ बाउच करने का मोका मिलता है तो
01:59उससे discipline, endurance और strength आई है और अभी हम यहाँ पर सेंटियागो सर है हमारे foreign coach उनके साथ
02:07ट्रेनिंग करते हैं तो टेक्निकल वाइस हमें बहुत सारी चीजे बत
02:10साते हैं जो हमें आगे opponents के साथ खेलने में मदद मिलती है और हमारे आर्मी के coaches भी हैं
02:15जो शामू सर हैं मदन सर है तो वह भी हमें ट्रेनिंग कराते रहते हैं मेरा अगला सवाल आपसे है
02:20कि किन-किन specific areas पर coaches ने काम करवाया है जैसे कि footwork, strength, counter punches या फिर reflexes
02:27किस चीज पर सबसे �
02:29अभी मैंने मतलब long distance को और जादा मैंने उस पर पकड़ बनाई है मैं clinch में फसने का कम
02:35try करते हूं long reach से खेलने के लिए ज्यादा कोशिश करते हूं तो वो एक point है जिसके हमने
02:40ज्यादा काम किया है और हम और भी कर रहे हैं कि और ज्यादा मैं clinch में आफस हूं और
02:45long distance से अपन
02:58Asian Games में काफी tough opponents आएंगे Olympic की gold medalist है Wuyu China से वो आएंगी Japan की एक
03:06लड़की है उसका भी Olympic medal और काफी opponents है जो की अच्छे-च्छे हैं मैं भी मतलब अपने आपको
03:11यह देखती हूं कि मैं भी बहुत अच्छी हूं तो उनके साथ अच्छा compete करूंगी और मुझे confident है कि
03:16मैं अपनी performance क
03:17तो मतलब अच्छे से ही खेल पाऊंगे Asian Games से लेकर LA 2028 ओलिम्पिक्स तक के सफर को आप कैसे
03:24देखती है क्या यह एक बड़ा और लंबी जोर्नी है या फिर लगता है कि टाइम बहुत कम बचा है
03:29काफी छोटा सफर बचा है जैसे कि हमारे जो क्वालिफायर है वो next year ही स्टा
03:43कर देंगे जी बिल्कुल साशी जी मेरा आपसे आखरी सवाल है कि हेलो इंडिया और इंटरनाशनल इवन्स का इंडिया में
03:50होना यंग एथलीट्स के लिए कितना फाइदेमंद है मदब हम एथलीट्स के लिए भी बहुत जादा फाइदेमंद है कि हम
03:55इंटरनेशनल कॉम्�
04:04चल रहा है यह भाईया इतना अच्छा पर्फॉम कर दें यह दिदी इतना अच्छा कर रहे हमें भी इन जैसा
04:08बनना है तो हमारे यूथ के लिए भी बहुत अच्छा है और हमारे एज एखली भी यह हमें बहुत बूच
04:14देता है कि हम अपने होम ग्राउंड में कोई भी ओं�
04:292088 की तरफ बड़ते सफर के लिए अल दे वेरी बेस्ट थांक यू तो मच्छ शाक्छी एड़ी पर जोइन अस

Recommended