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Rahul Gandhi Press Conference पर Sudhanshu Trivedi का बड़ा हमला: "राहुल का राजनीतिक ज्ञान शून्य है!"
वोटचोरी और चुनाव आयोग (CEC) पर राहुल गांधी के आरोपों के बाद बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।

In a fiery press conference, BJP national spokesperson Sudhanshu Trivedi severely criticized Congress leader Rahul Gandhi over his recent allegations regarding vote theft and the Election Commission of India. Trivedi termed Gandhi's political understanding as "zero" and accused the opposition of undermining constitutional bodies out of electoral frustration. Catch the complete breakdown of this political debate on Oneindia Hindi.

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Transcript
00:00मुझे लगता है राजनेतिक दरष्टी से विवेक शून्य, राजनेतिक दरष्टी से ज्यान शून्य, राहूल गांधी जी को ये नहीं पता
00:07है, यस, ये सही है
00:30भारतिय जन्ता पार्टी के कारेकर्दाओं ने 50 साल तक 45 से लेकर पार्लामेंट तक विजाई ही विजाई की गल्पना करनी
00:36चाहिए, इसके लामें की चीजाई, एंडिये सरकार 400 पार
00:41जब वो कहते हैं कि मैं 50 साल से इसको देख रहा हूँ, जिसकी 56 साल की एज है, वो
00:4850 साल की उमर से सारी चीजाई समझ रहा है
00:50मुझे लगता है 5-6 वर्ष की आयू में राजनीति को समझने की ऐसी अदभुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाड़ी वाले
00:58नौजवान में ही हो सकती है
01:00वहां का कोई भी जिम्मेदार राजनीतिक नेता इस तरह का गयर जिम्मेदाराना बयान देने की हिम्मत नहीं कर सकता
01:20और उतार चड़ाओ पर विशेश रूप से गौर करें और अंत में मैं चाहता हूं कि आप बहुत ही बारीकी
01:24से सुनें कि आखिर इन वीडियो में क्या कहा जा रहा है
01:26मैं एक सरका हुआ हूँ चौदा से तीस साल तब भारतिय जनता पार्टी की सरकार रहेगे मानेवाद
01:37भारतिय जनता पार्टी के कारेकर्टाओं ने वचास साल तक पंचाएक से लेकर बारामेंट तक विजाई ही विजाई की गल्पना करनी
01:44जाहिए इसके लावे कि
01:45एंडिये सरकार चार सो पार
02:15जैसे हम आम तौर पर सत्ता विरोधी लहर या एंटी इंकंबेंसी की नाम से जनते हैं वह अक्सर बहुत ही
02:19कम समय के भीतर किसी भी मौजूदा सरका के खिलाफ विरोध का रूप लेती है
02:24यह तो किसी को भी अपने चंगुल से बिल्कुल नहीं बख्षती है
02:32बंगलादेश यूद जीतती है
02:35वे लोग प्रियता के शिकर पर होती है और देखते ही देखते महज एक दो साल में ही
02:43भारी सत्ता विरोधी लहर और साथ ही भारी दबाव का सामना करना पड़ी दियेचता है
02:46ठीक यही स्थिती एक के बाद एक कई नेताओं के साथ बार बार दोहराई जाती है
02:51यह कांग्रेस के दिगज नेताओं के साथ भी होती है और तमाम क्षेत्री अदलों के साथ भी देखी जाती है
02:55लेकिन नजाने किस कारण से
02:57ये स्थिती श्री नरेंदर मोदी जी के साथ कभी नहीं होती
02:59श्री अमिद्ध शाह जी के साथ कभी नहीं होती
03:01और भारतिय जनता पार्टी के साथ तो बिल्कुल भी नहीं होती
03:18तरह ये हैना पिछले 50 वर्षों से लगातार
03:21मध्य प्रदेश में भी यही होता है यह लहर गायब हो जाती है गुजरात में भी यह पूरी तरह से
03:25गायब हो जाती है
03:28और यह हमारे लिए एक बुन्यादी सवाल रहा है
03:32हम आपकी बात समझ सकते हैं
03:36किसी व्यक्ति की लोग प्रियता को
03:39हम सरकार के कामकाज और उनके प्रदर्शन को तो समझ सकते हैं
03:42लेकिन हमारे लिए यह समझना बहुत मुश्किल है कि आखिर यह सत्ता विरोधी लहर अचानक से कैसे गायब हो जाती
03:46है
03:48इराक के पूर्व राश्ट्रपति और अत्यंत कुख्यात ताना शाह सद्दाम हुसेन के उस द्वार के शासनकाल के बारे में चर्चा
03:53करते हैं
03:57ऐसी स्थी तो उत्तर कोरिया जैसे देशों में भी देखने को नहीं मिलती है
04:00इस पूरे ग्रह पर भला ऐसा कौन सा लोकतंत्र है जहां हमें सत्ता विरोधी लहर देखने को न मिलती हो
04:04और यही कारण है कि यह हमारे लिए हमेशा से ही एक बहुत बड़ी पहली बनी हुई है
04:16मित्रों अभी कुसी समय पहले आपने देखा कि भारत की राजनीत के प्रपंच शिरोमनी
04:24और हाइड्रोजन बम का उद्गोश करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्यानिक
04:32राहुल गांधी जी ने आपके सामने एक बार फिर
04:38एक पीपीटी का प्रदर्शन किया
04:42विच युजवली कमस फ्रम सम अन्नों कॉंस्पिकूर्स अंडूबियस सोर्से विच दूट नूट नूट नूट नूट नूट नूट
04:54एकसेप्टेड इट इमर्जेस फ्रम इस फर्स्ट स्टेट्मेंट जब वो कहते हैं कि मैं पचास साल से इसको देख रहा हूं
05:01जिसकी छपन साल की एज है वो पचास साल की उमर से सारी चीरियस समझ रहा है मुझे लगता है
05:08पांच छे वर्ष की आयू में राजिनीत को समझन
05:12कि ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान में ही हो सकती है सेकें उन्होंने कहा एंटीन कंबेंसी देश
05:23का इस्टैबलिस चुथ है और वो बीजेपी के आने के बाद हुआ है मुझे लगता है राजनेतिक दृष्टी से विवेक
05:31शून्य रा�
05:36अहुल गांधी जी को यह नहीं पता है यस यह सही है एंटीन कंबेंसी इस डेफिनिटली इस वरी कंसिस्टेंट एन
05:43स्टॉंग अगेंस कॉंग्रेस भारत की राजनीत का ज्यान नहीं 1967 के बाद से तमिल नाडु में कॉंग्रेस कभी नहीं लोटी
05:50है तब कहीं भारती जनता �
05:53पार्टी का नाम नहीं था बंगॉल में 1977 के बाद से कॉंग्रेस नहीं लोटी है और 77 से 2011 तक
06:0334 साल कम्निस्टों की सरकार रही और राउल गांधी को समझी में नहीं आता है दिखाई नहीं पड़ता है अब
06:10आईए बिहार में 1990 के बाद से कभी कॉंग्रेस नहीं रही है तीन �
06:211990 के बाद 89 के बाद से उत्तर प्रदेश में यानि जो गांधी फैमिली का ग्रह राजिता वहां सरकार नहीं
06:28रही है उनको पता ही नहीं है 1999 के बाद से उडिसा में सरकार नहीं रही है
06:35पच्चिस साल लगातार विजू जंदादल की सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:39मंता बनर्जी जी की तीन बार सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:43तिरपुरा में लगातार कर्मिनिस पार्टी की सरकार रही है यह पता ही नहीं है
06:48और anti incumbency को ले कर आ जाते हैं definitely जिस जमाने में Congress की भी लंबे समय तक सरकार
06:56वही है
06:56जिस जमाने में voter ID card नहीं थे जिस जमाने में booth capturing होती थी
07:04जिस जमाने में ballot box लूटे जाते थे जिस जमाने में गोलियां चलती थी
07:13उत्तर प्रदेश बिहार में तो कोई चुनाव ऐसा नहीं जाता था जब कुछ लोग मारे न जाते हो और घायल
07:19न होते हो
07:19तब तक anti incumbency Congress के लिए भी काम नहीं करती थी
07:24जब से पारदर्शी election हो गए है लोकल पुलिस की वजाए Central Parametry Forces आती है
07:32जब से CCTV आ गए है CCTV की लाइफ फुटेज आती है जब से स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र जुडिश्री हो
07:41गई है
07:41तब से उनको लाले पड़ गए हैं सत्ता में आने के हाँ यह सच है कि राहुल जी और सुनिया
07:49जी के आने के बाद
07:50कॉंग्रेस को एंटीन केमेंसी का ज़्यादा सामना करना पड़ा है क्योंकि सुनिया गांदी जी 1997 के दिसंबर में राजनीत में
07:58आई उससे पहले कॉंग्रेस मध्यप्रदेश में थी तो 98 में एक बार रिपीट हुई पिर कभी किसी राजे में रिपीट
08:02भीट नहीं होती है
08:03और रहुल गांदी जी उतने गजब की हैं, केरल में हर बार रिपीट होती थी, वह बोलने में भूल गये,
08:08मगर पिछली बार केरल में कमद्रिस पार्टी के बजाए कॉंग्रेस कहाना था, वो नहीं आई क्योंकि रहुल गांदी जी के
08:13चरणों महां पड़ गये थे, और मैं
08:28केंटीन केंबेंसी इतनी स्टॉंग हो गई है कि वो अपनी सीट बगएर अपने सायोगी दल की बैसाकी के नहीं जीत
08:35सकते पिछले 25 साल से राइबरेली और अमेठी समाजवादी पार्टी के समर्थन से कॉंग्रेस पार्टी जीती रही है वन्ना सोनिया
08:44जी राहुल जी कि छम
08:58करते हैं जहां 60-65% मुसलिम है जहमता नहीं है हैसियत नहीं है कि बगएर मुस्लिम लीक के समर्थन
09:05के अपनी सीट निकाल सके मैं मानता हूं कि राहुल गांदी जी का अपना अनुभव बिलकु सही है और राजनेतिक
09:12दर्शी से उनका ग्यान अत्यंत शून्य है भारत की रा
09:18एस्पेक्ट ही बात करते हैं पहला सवाल
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