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यूपी में अखिलेश यादव ने पहली रैली के लिए रायबरेली को ही क्यों चुना? देखें विशेष

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00:00नमस्कार विशेश में आपका स्वागत है मैं हूं मारिया शकील उत्तरप्रदेश अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुका
00:06है
00:06आज से अखिलेश यादव ने भी आपचारिक तौर पर अपनी चुनावी कैंपेन की शुरुआत कर दी है
00:12अखिलेश का चुनावी रत अपने पहले सफर में पहुँचा है राइबरेली राइबरेली यानि की कॉंग्रेस पार्टी का गड़ यानि की
00:22गांधी परिवार का गड़
00:24अब सवाल ये है कि अखिलेश ने उतरप्रदेश के 75 जिलों में से राइबरेली को ही क्यों चुना क्या इसमें
00:31बीजेपी के साथ साथ कॉंग्रेस के लिए भी कोई संदेश है
00:56अखिलेश यादव ने 2027 में यूपी जीतने के लिए आज बिगुल ठूंग दिया
01:01अखिलेश का रथ निकल चुका है मिशन है यूपी फते है और जगह चुनी है राइबरेली वही राइबरेली जो कॉंग्रेस
01:09का गड़ है
01:10अखिलेश यादव ने हर चुनाव की तरह इस बार भी एक लगशरी बस को अपना रथ बनाया है
01:15इस बार नारा पीडिये का है वैसे तो अखिलेश यादव पीडिये की परिभाशा बदलते रहे हैं
01:21और इस पर सवाल भी उठते हैं लेकिन अब की बार इस बस पर ही लिख दिया है
01:26कि जो पीडित हैं वो पीडिये हैं और एक बदलाव और हुआ है
01:30कि अखिलेश यादव ने पीएसपी के नीले रंग को भी अपने लाल रंग के साथ जोड़ दिया है
01:36काज होगा उस पीडिये रत के जरी है उस पीडिये रत तयार है दोजार सताइस के विदान सबाचनाओ को लेका
01:42जिसमें पिछरा दलित अलफसंखे के साथ साथ जो पीडिये में पी है वो पीडित वो पीडिये यानि जो पीडित है
01:49वो पीडिये का हिस्सा है
01:50एक नया एक नारा और उसमें ब्लू रंग को भी शामिल किया गया
01:54नीले रंग जो परंपरागत समाजधी पार्टी का हरा लाल रंग होता उसमें नीले रंग को
02:15हिस्सा एक अपने वोर्ट डायरे को बढ़ाने की भी कोशिश है तो एक तरीके से
02:192027 के विदान्चबा चुनाओ को लेकर समय जारी पाटी में आगास किया है
02:23पीडिये रत के जुआरा और 2027 के चुनाओी समर की शुरुआत सपाध्यक्षक लेशादों
02:33प्रदेश में बीजेपी और योगी आदित्तिनाथ की दो प्रमुख यूएसपी पहला है कानून विवस्था और दूसरा है सनातन यूपी में
02:54योगी आदितिनाथ का
02:55बहुत बड़ा ब्रैंड बन चुका है हाला कि ये भी आरोप लगते हैं कि योगी का बुल्डोजर एक तरफा कारवाई
03:01में लोगों के घर भी तोड़ता है
03:04वल्ड की पूरा उस अपने देख रहा होगा जान गया होगा कि इस पीडिये की हवा में
03:18चलाने बचने वाले नहीं हैं इसबार जनता के बॉर का बुल्डोजर इनके पूर पर चलने वाला है
03:29ये बॉर का बुल्डोजर इन्हें हमेजा हमेजा के लिए डमोलश कर दिगा
03:36अब अखिलेश यादव इसी बुल्डोजर से योगी आधितनाथ को जवाब दे रहे हैं
03:41जैसे ही वो आज राइवरेली पहुँचे तुरंत उनके कारिकरता बुल्डोजर लेकर स्वागत के लिए खड़े थे
03:47और बुल्डोजर से फूल बरसाए जा रहे हैं
03:49जैसे कि ये संदेश दे रहे हो कि समाजबादी पार्टी का बुल्डोजर घर नहीं तोड़ता बलकि फूल बरसाता है
03:56ये बुल्डोजर से अकलेश यादव के रत पर फूलों की बारिश होई जा रही है
04:04माला लेकर बुल्डोजर खड़ा हुआ है जो बुल्डोजर बीजेपी सरकार का उतफ़जे सरकार के
04:10सुशासन का प्रतीक माना जाता है उसी बुल्डोजर से अकलेश यादव का स्वागत किया रहा है
04:16ये बुल्डोजर ये खड़ा कियागा है रांबरीली के बसरामा में
04:20और आप देखिए कि बुल्डोजर पर तमाम कारेकरता है
04:23अभी तक ये तस्वीरें जो आती थे वो BJP के नेताओं के स्वागत कीा आती थे
04:51अखिलेश बढ़ते जा रहे थे और कारिकरताओं की भीड़ उनका स्वागत करती जा रही थे
05:04जगे जगे फूल मालाओं से स्वागत हो रहा था नारेबाजी हो रही थे और जगे जगे कारिकरता बुल्डोजर और जेसीवी
05:10मशीन लेकर खड़े थे
05:11अखिलेश की बस के दोनों तरफ उची उची जेसीवी मशीने खड़ी कर और उन पर कारिकरता सवार होकर अखिलेश को
05:18फूल माला पहना रहे थे
05:19बीजेपी के बुल्डोजर का जवाब समाजवादी पार्टी बुल्डोजर से दे रही है सपाध्यक शकलेश यादो आज रावरेली पहुंचे तो बुल्डोजर
05:28लगा कर जो कारिकरता है वो स्वागत करने में लगे हैं
05:32देखे सपाध्यक शकलेश यादो के स्वागत के लिए बीजेपी के का जवाब में समाजवादी पार्टी के कारिकरता भी जेसी बी
05:42लेकर पहुंचे हुए हैं जेसी भी है बुल्डोजर है जगे जगेपर बच्रामा में भी बुल्डोजर के साथ और ये जेसी
05:48बी के पूर
06:02करती है उसी का जवाब समाजवादी पार्टी के कारिकरताओं ने जवाब दिया है कि वो जेसी बी लगा करके अपने
06:10अध्यक्ष का स्वागत कर रही है और अपने उत्साहित कारकरताओं को हिदायत भी दे रहे हैं अकले शादों के किसी
06:17भी तरीके से कोई खत्रा ना ले ल
06:37चुनावी कैंपेइन की शुरुवात में ही अखिलेश यादम न यह साफ कर दिया कि इस बार का चुनाव वो पीडिये
06:43के नारे पर ही लड़ रहे हैं
06:49राइबरेली की रैली में उन्होंने पीडिये का एक नया मतलब भी बता दिया
06:52पीडिये मतलब पीडिक दुखी और अप्मान
06:56मुझे तो लग रहा है यहां हम लोग कह रहे थे कि पीडिये का तूफान
07:06पीडिये की हवा चल लए है लेकिन राइबरी में देखने को मिलना है
07:13कि पीडिये बनाम भात की दंता पार्टी तो हई है
07:20लेकिन कहीं लोदी बनाम योगी तो नहीं हो गया चनाव
07:27समाझ एक आंदोलन्द हमेशा इस धर्यकर सबल हुए GP की कडिय में और यह कि आंदोलन और कि
07:56बीजेपी भी जानती है कि अगर उन्हें अखिलेश यादव को जबाब देना है तो उनके पीडिये की हवा निकालनी होगी
08:01इसलिए बीजेपी में हर कोई इसी नेरेटिव पर है कि पीडिये पर अखिलेश यादव कन्फ्यूज है
08:07पीडिये के बारे में खुद कन्फ्यूज है कि पीडिये क्या है कभी पीडिये वो कहते थे पिछला दलित अल्पसंखर फिर
08:18पिछले में पंडित को जोड़ दिये पिछले में फिर ए से पुरी आधियाबादी को जोड़ दिये तो खुद उस पीडिये
08:28में कन्फ्यूज है पी
08:37मैं नहीं कहा रहा हूँ, वो खुद ही कहे कि पी से पंडित, ए से आधी आबादी, आप पहले क्या
08:44कहते थे, तो अब आगे क्या कहेंगे, आगे कहेंगे कि धर्ती, आकाल, पता, सब कहेंगे, तो कहेंगे तो पीडिये का
08:55सही क्या है वही बताएंगे, पीडिये कुछ नहीं है
08:59उनका एक जुमला है और समजवादी पार्टी, परिवादी पार्टी है
09:04अब रत्यात्रा कोई काम नहीं आएगी
09:10वैसे समाजवादी पार्टी और कॉंगरेस के बीच
09:13सीट शेरिंग को लेकर बात पसी हुई है
09:15अब अंदर की बात क्या है? पता नहीं
09:18लेकिन कॉंग्रिस के नेता प्रवक्ता और सांसद तक समाजवादी पार्टी से जल से जल सीट फाइनल करने के बारे में
09:26कह रहे हैं
09:27लेकिन अखिलेश यादव कोई लोड नहीं ले रहे हैं
09:30सवाल ये है कि क्या यूपी में समाजवादी पार्टी और कॉंग्रिस के बीच अलाइन्स होगा?
09:50अखिलेश यादव ने अपनी यात्रा राई बरेली से ही शुरू क्योंगी,
09:54जो राई बरेली कॉंग्रिस का गढ़ कहा जाता है,
09:57जहां से फिरोज गांधी, इंद्रा गांधी, सोनिया गांधी सांसद रहे
10:01और अभी मौझूदा दौर में राई बरेली जिस राई बरेली के सांसद है,
10:05ऐसे कॉंग्रिस के गढ़ को अपनी यात्रा की शुरूबात के लिए अखिलेश यादव ने क्यों चुना?
10:11क्या 2027 के विधानसभा चुनावों में सीट शेरिंग से पहले अखिलेश यादव कॉंग्रिस को कोई मैसेज देना चाहते हैं?
10:18या किसी तरह की दबाव की राजनीति कर रहे हैं?
10:21क्योंकि अभी तक समाजवादी पार्टी और कॉंग्रिस के बीच सीट शेरिंग का फॉर्मूला फाइनल नहीं हुआ है
10:27और जिस तरह की बयानबाजी दोनों खेमों से हो रही है उससे तो इस गटबंधन पर सवाल भी उठने लगे
10:33हैं
10:34तीन दिन पहले ही कॉंग्रिस और समाजवादी पार्टी के दो लोक सभा सांसर सीट शेरिंग पर ही मीडिया के कैमरों
10:40के सामने भिड़ चुके हैं
10:41ऐसी बयानबाजी कि गटबंधन को दोस्ती तो किसी लिहाथ से न कहा जाए
10:46ये बयानबाजी बता रही है कि समाजवादी पार्टी और कॉंग्रिस के बीच सब कुछ ठीक नहीं है
10:5321 सितंबर को इमरान मसूद से पूछा गया कि यूपी में सपा के साथ गटबंधन पर क्या फाइनल हुआ
10:58तो उन्होंने साफ साथ समाजवादी पार्टी को जवाब दे दिया
11:01कि अगर कॉंग्रिस के बिना जाने की सोच रहे हैं तो फिर गलत पहमी न पाने
11:09कितने अक्टिव नज़ा आ रहे हैं उसके कोई माहिने नहीं है अगर गटबंधन करना है तो उसे फाइनल करने
11:13और नहीं करना है तो फिर हम भी अपनी तैयारी के अंदर जा रहे हैं उसे कोई मतलब नहीं है
11:19कॉंग्रिस के बिना अब महौल नहीं है कहीं भी पूरे देश में नहीं है
11:26तो कॉंग्रेस के बिना चलने की भी मैं सोचेगे चल सकते हैं
11:30क्योंकि अगर आप कॉंग्रेस के बिना जा रहा है तो फिर आप कहीं न कहीं आपके दिमाग में कहीं न
11:34कहीं
11:35भाजपा को हराना नहीं है
11:38इन से लड़ाई कॉंग्रेस के साथ, कॉंग्रेस के साथ ही हो सकती है, कॉंग्रेस ही लड़ सकती है
11:43राहुल गांधी का नित्रोती इन से पार पा सकता है, मैं बार बार कह रहा हूँ
11:49इम्रान मसूद ने कॉंगरस को ऐसे बताया कि जैसे वो यूपी में मुख्य विपक्षी पाटी हो और राहूल गांधी को
11:55ऐसा दिखाया जैसे वो यूपी के अगले मुख्य मंत्री होंगे
11:58जबकि जमीनी लडाई में कॉंगरस यूपी में कहीं नहीं ठैरती
12:02इसी लिए तुरंथ अगले ही दिन समाजवादी पार्टी की ही मुस्लिम सांसत से इमरान मसूत को जवाब में
12:28इकरा हसन ने तो इमरान मसूत को एकदम से बेवकूफी कह दिया
12:32असल में कॉंग्रेस को ये लग रहा है कि वो यूपी में उन सीटों को जीत सकती है
12:36जहां मुस्लिम वोट की बहूलता है
12:38लेकिन लगता है कि इमरान मसूत को उपर से कुछ फटकार पड़ी है
12:41इसी लिए अब वो थोड़ा बैक फूट पर नजर आ रहे है
12:45अखिलेश यादव ने उनके नेता के गढ़ से यातरा की शुरूबात की है
12:49फिर भी वो बड़े कूल दिख रहे हैं
12:59आप लोग की तरफ से कब बड़ी यातरा शुरूब रही है
13:03अभी सब लोग हम तैयारी में लगे हुए हैं
13:05काम चल रहा है और आप निश्चेंत रहिए बहुत अच्छे नतीज आएंगे
13:10हो जाएगा सीट शेरिंग का भी कोई सीट शेरिंग इतना बड़ा विशे नहीं है
13:13देखिए सब लोग अपनी पार्टी के लिए बोलते हैं हम भी अपनी पार्टी के लिए लड़ रहे हैं
13:17तो सीट शेरिंग कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है
13:19मुझे लगता है कि आसानी के साथ सब हल हो जाएगा हम लोग तयारी ने लगे हुआ
13:25असल में ये कहा जा रहा है कि कॉंग्रेस यूपी में अपनी बारगेनिंग पावर बढ़ाना चाहती है
13:30वो चाहती है कि उसे गटबंधन में वो सीटे मिले जिनकी विनेबिलिटी हो यानी जिन पर जीत सुनिश्चित हो और
13:37उसका ये कॉंफिदेंस बढ़ा है 2024 के लोगसभा चुनावों से
13:422024 लोगसभा में अखिलेश ने कॉंग्रेस को 80 में से 17 सीटे दी जिनमें से 6 पर कॉंग्रेस जीती जबके
13:48अखिलेश खुद 22 सीटों पर लड़े जिनमें से 37 जीते
13:53यूपी के इन 6 सीटों ने कॉंग्रेस को एक तरह से रिवाइव किया
13:56कम से कम कॉंग्रेसियों को तो यही लगता है
13:59और फिर ये बयानबाजी भी हुई कि उन्हीं की वजह से
14:02अखिलेश यादव 37 सीटें जीतने में सफल रहे
14:05अखिलेश यादव भी ये सारी बयानबाजी सुनते हैं
14:08इसलिए उन्होंने अपनी PDA यात्रा की शुरबात के लिए
14:11राई बरेली को चुना जो कथित तोर पर कॉंग्रेस का गड़ है
14:15कथित तोर पर इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनावों में तो
14:18कॉंग्रेस राई बरेली में कहीं भी नजर नहीं आती
14:20प्रिछले तीन चुनावों के नतीजे देखिए
14:242012 के विधानसभा चुनावों में राई बरेली जिले की 6 सीटों में से
14:28SP ने 5 जीती, 1 सीट पीस पार्टी को मिली
14:312017 में बीजेपी को 3, SP को 1 और कॉंग्रेस को 2 सीटे मिली
14:362022 में बीजेपी को 2 और SP को 4 सीटे मिली
14:39कॉंग्रेस खाली रही
14:40राई बरेली सीट के ये आंकड़े भी बता रहे हैं
14:43कि विधानसभा में ये जिला समाजवादी पार्टी का ही गड़ है
14:53कॉंग्रस का नहीं
15:19कॉंग्रेस के गड़ से शुरुवात हो रही है अभी कॉंग्रेस के गड़बंदन की सीटों को लेकर के अभी आप लों
15:24की बात अक्की पड़ी है तो क्या कहते हैं उत्तर परदेश समाजबादी पार्टी का गड़ है
15:32प्रिशेश में वक्त आब एक ब्रेक का देखते रही आज तक
15:34प्रिशेश में वक्त आब एक ब्रेक का देखते हैं
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