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  • 28 minutes ago
'उन्हें भारतीय राजनीति का ज्ञान नहीं...', राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का पलटवार

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00:00देश द्रोही कहा है ग्यानेश कुमार को इस्तीफे की भी मांग किया है यह आपको सीधे लिए चलते हैं बीजेपी
00:04एक जवाबी प्रेस कॉंफरेंस कर रहे हैं सुधान शुत्रिवेदी बोल रहे हैं
00:11जब वो कहते हैं कि मैं 50 साल से इसको देख रहा हूँ जिसकी 56 साल की एज है वो
00:1750 साल की उमर से सारी चीज़े समझ रहा है
00:20मुझे लगता है 5-6 वर्ष की आयू में राजिनीत को समझने की ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले
00:28नौजवान में ही हो सकती है
00:31सेकेंड उन्होंने कहा एंटीन कंबेंसी देश का इस्टैबलिस चुथ है और वो बीजेपी क्याने के बाद हुआ है
00:40मुझे लगता है राजनेतिक दृष्टी से विवेक शून्य राजनेतिक दृष्टी से ज्ञान शून्य राहूल गांधी जी को यह नहीं पता
00:50है यस यह सही है
00:51एंटीन कंबेंसी is definitely is very consistent and strong against Congress भारत की राजनीत का ज्यान नहीं है 1967 के
01:00बाद से तमिल नाडु में Congress कभी नहीं लोटी है तब कहीं भारती जनता पार्टी का नाम नहीं था
01:09बेंगॉल में 1977 के बाद से Congress नहीं लोटी है और 77 से 2011 तक 34 साल कमनुस्टों की सरकार
01:17रही और राहूल गांधी को समझी में नहीं आता है दिखाई नहीं पड़ता है
01:22अब आईए बिहार में 1990 के बाद से कभी Congress नहीं रही है तीन बार लगातार लालु यादों की सरकार
01:30रही है राहूल गांधी को ग्यानी नहीं है
01:331990 के बाद 89 के बाद से उत्तर प्रदेश में यानि जो गांधी फैमली का ग्रह राजिता वहां सरकार नहीं
01:40रही है
01:41उनको पता ही नहीं है 1999 के बाद से उडिसा में सरकार नहीं रही है पच्चिस साल लगातार विजु जन्तादल
01:49की सरकार रही है यह पता ही नहीं है
01:52मंता बनर्जी जी की तीन बार सरकार रही है यह पता ही नहीं है तृपुरा में लगातार कम्रिस पार्टी की
01:59सरकार रही है यह पता ही नहीं है और anti-incumbency को ले कर आ जाते हैं
02:04definitely जिस जमाने में कॉंग्रेस की भी लंबे समय तक सरकार रही है जिस जमाने में वोटर आईडी कार्ड नहीं
02:13थे जिस जमाने में बूत कैप्चरिंग होती थी जिस जमाने में
02:21ballot box लूटे जाते थे जिस जमाने में गोलियां चलती थी उत्तर प्रदेश बिहार में तो कोई चुनाव ऐसा नहीं
02:28जाता था जब कुछ लोग मारे न जाते हो और घायल न होते हो तब तक anti-incumbency कॉंग्रेस के
02:34लिए भी काम नहीं करती थी
02:36जब से पारदर्शी election हो गए है लोकल पुलिस की वजाए central parametry forces आती है जब से CCTV आ
02:46गए है CCTV की live footage आती है जब से स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र जुडिश्री हो गई है तब से
02:54उनको लाले पड़ गए हैं सत्ता में आने के हाँ यह सच है कि राहुल जी और सूनिया जी के
03:02आ
03:05करना पड़ा है क्योंकि सुनिया गांदी जी 1997 के दिसंबर में राजनीत में आई उससे पहले कॉंग्रेस मध्यप्रदेश में थी
03:12तो अठान नवे में एक बार repeat हुई फिर कभी किसी राजी में repeat भी नहीं होती है और राहुल
03:16गांदी जी इतने गजब के हैं केरल में हर बार
03:18repeat होती थी वो बोलने में भूल गए मगर पिछली बार केरल में कम्रेस पार्टी के बजाए कॉंग्रेस वाना था
03:24वो नहीं आई क्योंकि राहुल गांदी जी के चरणों महां पड़ गये थे और मैं बिल्कुल कहना चाहता हूँ
03:29एंटी इंकेंबेंसी वास्विक्ता में कॉंग्रेस पार्टी के अंदर इस गांधी परिवार के अंदर है सो साल से लगातार सक्ता में
03:38हैं कॉंग्रेस पार्टी की सक्ता में
03:40और आज एंटीन केम्मेंसी इतनी स्टॉंग हो गई है कि वो अपनी सीट बगएर अपने सायोगी दल की बैसाकी के
03:47नहीं जीत सकते
03:49पिछले 25 साल से राइबरेली और अमेठी समाजवादी पार्टी के समर्थन से कॉंग्रेस पार्टी जीती रही है
03:55वन्ना सोनिया जी राहुल जी कि छमता नहीं है कि बगएर सपा के सपोर्ट के अपने दम पे अपनी खांदानी
04:03सीट निकाल लें
04:04और राहुल गांधी जी वाइनार जीते और प्रेंका गांधी वाइनार जीती
04:09मुस्लिम लीग के सपोर्ट पर जीते हैं जहां 60-65% मुस्लिम है छमता नहीं है हैसियत नहीं है कि
04:16बगएर मुस्लिम लीग के समर्थन के अपनी सीट निकाल सके
04:19मैं मानता हूँ कि राहुल गांदी जी का अपना अनुभव बिलकुस सही है और राजनेतिक दर्शी से उनका ग्यान अत्यन
04:26तुशून्य है भारत की राजनीत का फंडमेंटल ग्यान उन्हें नहीं है अब टेक्निकल आस्पेक्ट की बात करते हैं पहला सवाल
04:33कि एक न्यूज �
04:42कोड में किसी भी एलेक्शन कमिशन का कोट है हाँ या नहीं नहीं तो किस आधार के उपर कोई बोल
04:50रहा है कि एलेक्शन कमिशनर नहीं ये बोला है किसी भी न्यूज के बारे में मैं समाचार पत्रों की स्वतंता
04:59का सम्मान करते हुए कहता हूँ बाकाइदा सम्मंधित व्य
05:12ऐसी आपके पास
05:13रिपोर्ट है कि सर्व सम्मझ से
05:16नहीं नहीं एक भी कोई ऐसी
05:20प्रेस कॉंफेंस है जिसमें तीनों कमिशनर्स
05:22न रहे हो नहीं
05:25तो इस बात का अधार
05:26क्या है
05:28मैं सीधा सवाल कॉंग्रेस
05:30पार्टी जब पूछना चाहता हूँ
05:31जिसमें किसी भी
05:33एलेक्शन कमिशनर्स का कोई कोट नहीं है
05:35कोई रिस्पॉंस नहीं है
05:37off the record भी कोई रिस्पॉंस
05:39नहीं मेंशन्ड है
05:40तो उसका अधार क्या है
05:43और अगर इसा अधार पे कालपनिक बाते
05:45करें तो तो अपरेल
05:472012 में उसी अकबार ने ये भी लिखा था कि कॉंग्रेस की सरकार इतनी डर गई थी किसे नहीं आग
05:51कप्चर के ले रही
05:53कैसी खारी सारी खबरों के उपर आप यकीन करते हैं
05:56अब मैं आप से ये भी बताना चाहता हूँ
06:00इसके बाद
06:01मीडिया से भी बहुत गहरा तालूक है
06:04इनका
06:06अकबारों की जब चीज पे जाएंगे तो मैं याद दिलाना चाहता हूँ
06:09कि आज कॉंग्रेस के दिल में या समस्या क्यों है
06:12पहली बात टेक्निकल
06:16रेप्रेजेंटेशन ओफ पीपुल एक्ट नाइनटीन फिफ्टी का सेक्शन ट्वेंटी वन थ्री
06:21इस पश्ट रूप से अधिकृत करता है चुनाव आयोग को
06:26कि वो कभी भी अपनी इच्छा और व्यवस्था के अनुसार SIR करवा सकता है
06:34नमबर दो
06:35जो उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कोट किया कि
06:38रेप्रेजेशन ओफ पीपुल एक्ट नाइनटीन सिक्स्टी में जो फॉर्म सिक्स था
06:42उसमें कोई परिवर्तन किया गया इस परिपस्ट किया गया कोई परिवर्तन नहीं किया गया है
06:46उनका कहना है कि माता पिता का नाम नहीं जोड़ा गया
06:50ऐसी मुर्खता पूर्ण बाद सिर्फ कॉंग्रेस वाले ही कर सकते हैं
06:54क्योंकि भारत का पहला Electoral Roll 1952 में बना
06:58वोटिंग की एज 21 यर्स थी
07:00तो 1974 तक तो माता पिता का रिफरेंस पूचने की आवशकता ही नहीं थी
07:05क्योंकि 1973 तक जो फर्स टाइम वोटर बन रहा होगा
07:09उसके तो माता पिता हो इनहीं सकते थे
07:11क्योंकि सब 1952 से पहले के रहे होंगे
07:14उसके बाद जब या परिसिती आई
07:18कि बहुत सी घुसपैटियों की समस्य आई
07:21तो 1987 में अमेंडमेंट हुआ
07:26तब ये किसने दरने लिया
07:272003 में अमेंडमेंट हुआ
07:29कि 26 जनवरी 1987 से पहले पैदा हुए
07:33जो भी भारत में के नागरिक हैं
07:35वो नागरिक माने जाएंगे उनका उसमें इंट्री होगी
07:3987 से लेके 2004 के बीच में
07:41जो भी लोग आएं हैं
07:43उनको ये बताना होगा
07:45कि उनके माता या पिता में से
07:47कोई एक व्यक्ति भारती नागरिक होना चाहिए
07:50केवल उनसे सीधे
07:53नहीं एड होगा नाम
07:54फिर उसमें एक और क्लॉस जोड़ा गया
07:56कि माता और पिता में से
07:58एक व्यक्ति भारती नागरिक होना चाहिए
08:00मगर
08:02कोई भी एक व्यक्ति
08:04illegal immigrant नहीं होना चाहिए
08:07ये नहीं हो जकता
08:08कि illegal immigrant ने आके यहां के नागरिक से
08:10शादी कर लिया और उसकी संतान जो है
08:12वह भारत की वोटर बन गई
08:13ये तो 87 और 2003 के changes है
08:17और फिर मैं देश से
08:18पूछना चाहता हूँ
08:19अगर आज Congress Party ने ये कहा
08:21कि 18 साल का कोई व्यक्ति अगर आता है
08:23और वो ये कह रहा है
08:25उससे पूछा जा रहा है और साफ साफ ये कहा गया
08:28अगर आपके माता पिता का नाम है
08:29परिवार के किसी सदस्य का नाम है
08:31दादा दादी का भी नाम है
08:33आपको कोई कागज देने की जरुवत नहीं
08:34और उसके बाद आपको वोटिंग से जोड़ रोका नहीं जा रहा है
08:37ये कहा जा रहा है
08:39इन में से कोई एक कागज दे दीजिए गा
08:41और तो मैं देश से पूछना चाहता हूँ
08:43अगर दो हजार पच्चीस या छबिस में
08:45कोई अठारा साल का युवा आकर
08:47ये कहता है कि
08:49वोटर बनना चाहता है
08:50मगर माता पिता का कोई रिकॉर्ड नहीं है
08:53क्या उसे वोटर बनना चाहिए
08:56बगैर वेरिफिकेशन किये
08:58जो ये कह रहा है वो लोगतंत्र के साथ
09:00खिलवार कर रहा है
09:01और ये लोगतंत्र के साथ खिलवार सामाने नहीं है
09:05उन्होंने तो सिर्फ
09:06P.P.T. बोला मैं बगैर
09:08P.P.T. के point by point बोलता हूँ
09:10दो हजार चौबिस का लोगस्रबा
09:12चुनाओ कॉंग्रेस के नेताओं ने बंगलादेश के अकबार डेली स्टार में आर्टिकल लिखा मोधी हैस टू गो मैं पूछना जाता
09:20हूं कॉंग्रेस से चुनाओ भारत में हो रहे थे बंगलादेश के अकबार में क्यों आर्टिकल लिखा गया और उसका आधार
09:27समझ में �
09:27दोहजार चौबिस के लोग सभा चुनाओं में कॉंग्रेस को सबसे बड़ी जीत कहां से हासिल हुई असम की धुबरी सीट
09:33से कॉंग्रेस के रकीबुलहसन दसलाग पच्चीस हजार से जीते जिनके विशे में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सर्मा जी कह
09:40चुके हैं कि
09:53राहुल गांदी जी की जो यात्रा थी आप उनके एक्स और ट्विटर पोस्ट जाके चेक करिए जब उनके प्रवक्ता करें
10:01तो लुक एट दे क्राउड्स वो कौन सा इलाका था धुबरी बरपेटा करीम गणि मालदा मुर्शिदाबाद जहां सबसे आदा संदे
10:09है डूब
10:23यूएस एड की मिलियन डॉलर्स की फंडिंग रोकी यूएस एजेंसी फोर इंटरनेशनल डेवलपमेंट उन्होंने का यूएस एड भारत में वोटर
10:34टर्न आउट बढ़ाने के लिए फंडिंग कर रहा था
10:46अब आपको समझ में आना चाहिए कि ये माजरा क्या था
10:50माजरा ये है कि जो लोग विदेशी वोटरों के आधार के उपर सत्ता पे कबज़ा करने का खौब रखे थे
10:59उनके खौब शीशे की तरह चूर होते हुए दिखाई पड़ रहे है
11:05वो वीडियो सबने देखा होगा कि जब इन्फिल्ट्रेटर्स वापस जा रहे थे
11:11उन्होंने बोला है कि हम बंगलादेश वापस जाना चाहते हैं वीडियो अवेलेबुल हमने चार बार वोट डाला है
11:18वो वीडियो अवेलेबुल है पब्लिक डोमेन में
11:21कि हमने चार बार वोट डाला है वो बॉडर पे खड़े होगे कह रहे हमें वापस जाने दो और अपनी
11:25लोकेशन बता रहे हैं अंदर की
11:27कि हम फ़ला फ़ला जगे के रहने वालें उसके बाद अगर किसी को लगता है साई यार नहीं होनी चाहिए
11:31वो देश के साथ देशद्रो करने की बात कर रहा है और बंगलादेश के एक MP ने कहा अक्तर हुसेन
11:38ने कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बन गई तो बड़ी समस्या हो सकती हमारे बहुत सारे लोग वापस
11:42आने लगें क्या मतलब है इसका इसका डेली स्टार में आर्ट
11:58बंग बन तब विक्या था इसलिए जो बिलकुल टेकनिकल में उसके साथ साथ हम एक और बात पूछना चाहते हैं
12:08सिटेटस में बी से
12:15से कॉंग्रेस और विपक्षी दरों से पूछ रहा हूं कितनी स्टेट में एलेक्शन कमिशनर के सेलेक्शन के प्रॉसेस में लीडर
12:20अफ पोजिशन इन्वाल्व है बताएं हाँ या ना कितनी जगे चीफ जस्टिस अफ इस्टेट इन्वाल्व है हाँ या ना
12:28खुद मियां फजी है दूसरों को नसीहत यहां तो लीडर अफ पोजिशन इन्वाल्व है और महोदे को ये भी याद
12:36नहीं रहता वो कह रहे हैं कि हमने नोट अफ डिसेंट दिया था चीफ इलेक्शन कमिशनर की
12:43न्यूक्टी पे उन्होंने नोट अफ डिसेंट बाकी एलेक्शन कमिशनर की न्यूक्ती पर भी दिया था जिनकों किया जिनके वक्तवे को
12:50आज वो कह रहे हैं
12:51किसी को कहते है पल में वो तोला है और पल में वो माशा है करते तो तमाशा है और
12:56खोदी तमाशा है दूसरी बात ये सारे विशह सुप्रीम कोट के संग्यान में लाए गए सुप्रीम कोट ने SIR के
13:04सारे प्रॉसेस को अफेल्ड किया एलेक्शन कमिशन की पूरी पावर को अफ
13:20बहुमत से ही होना है तो सारे निर्णे एक मत से हुएं उनके पास कोई ऐसा सबूत नहीं है कि
13:26वो बहुमत से हुआ हो अब बताते हैं कि वो कुल मिलाकर किस प्रकार का प्रपंच रखते हैं कॉंग्रेस के
13:34एक निता ने ये कहा था दोजार चौबिस के एलेक्शन में कि 150 डीम �
13:39कलेक्टर्स बदल दिये गए हैं जब उनसे एलेक्शन कमिशन ने पूछा कि आप 150 बदले हुए डीम और कमिशनर्स की
13:47लिस्ट दीजे लिस्ट का है हो गई है दीग नहीं गई लिस्ट अब इन लोगों के जमाने में कैसे सरकार
13:55चलती थी मैं याद दिलाना चाहता हूँ मैं

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